शहर में पहली बार ब्लाइंड पाठकों के लिए संभागीय गवर्नमेंट लाइब्रेरी में ब्रेल बुक लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। इसके लिए यहां लग्जरी लाउंज बनाया गया हैं, जहां बैठकर वो किताबों को सुन और पढ़ सकेंगे। इससे शहर के करीब 200 दिव्यांगों को फायदा मिलेगा। उन्हें यहां ऑनलाइन और ऑफलाइन पुस्तक पढ़ने की सुविधा मिल सकेगी। इनके लिए यहां सभी व्यवस्थाएं फ्री में रहेंगी।
लाइब्रेरी की सदस्यता जरूरी
हालांकि औपचारिकता के लिए लाइब्रेरी की सदस्यता लेनी होगी। इसके लिए सिर्फ मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग प्रमाण पत्र और अपनी एक आईडी के साथ फॉर्म भरकर जमा करवाना होगा। अब ब्लाइंड पाठक भी संभागीय लाइब्रेरी में अपने पसंदीदा साहित्य, न्यूज पेपर, शोध पत्र के अलावा मनचाही किताबों को सुन और पढ़ सकेंगे। इसके लिए यहां एक विशेष सॉफ्टवेयर टीटीएस लगाया गया है।
ऑनलाइन की मिलेगी सुविधा
इसके लिए पहले किताबों को स्कैन कर कंप्यूटर में अपलोड किया जाएगा। ये सॉफ्टवेयर टेक्स्ट फाइल को ऑडियो फाइल में बदल देगा। इसके बाद प्लेक्सटॉक नामक डिवाइस के जरिए पूरी किताब को सुन सकेंगे। ये ऑडियो फाइल घर ले जाने के लिए पेन ड्राइव में सेव भी की जा सकती है। इसके अलावा किताबों को ऑनलाइन पढ़ने की भी सुविधा मिलेगी। विश्व पुस्तक दिवस पर इस लाइब्रेरी का शुभारंभ होगा।
कितने का मिला बजट
संभागीय लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा है कि सुगम्य भारत योजना में कोटा में पहली बार गवर्नमेंट संभागीय लाइब्रेरी में 5 लाख रुपए का बजट मिला है। यहां दिव्यांगों के लिए पहली बार ब्रेल बुक लाइब्रेरी शुरू हो रही है। डाक से उनके घर तक ब्रेल लिपि की पुस्तकें पहुंचाएंगे।
फ्री पहुंचाई जाएंगी ब्रेल लिपि की ताबें
यहां ब्रेल लिपि में 200 किताबें आ चुकी है। लाइब्रेरी के सदस्य बनने वाले ब्लाइंड के घर पर डिमांड के अनुसार पुस्तक को डाक से फ्री में पहुंचाया जाएगा। इनके लिए कपड़े के बैग बनवाए हैं। लाइब्रेरी में जेके रोलिंग की हैरी पॉटर, रहस्यमयी तहखाना, प्रेमचंद की कफन, गोदान, अमृता प्रीतम की कोरे कागज सहित कई बेस्ट सेलर पुस्तकें आ चुकी हैं।
लाइब्रेरी की सदस्यता जरूरी
हालांकि औपचारिकता के लिए लाइब्रेरी की सदस्यता लेनी होगी। इसके लिए सिर्फ मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग प्रमाण पत्र और अपनी एक आईडी के साथ फॉर्म भरकर जमा करवाना होगा। अब ब्लाइंड पाठक भी संभागीय लाइब्रेरी में अपने पसंदीदा साहित्य, न्यूज पेपर, शोध पत्र के अलावा मनचाही किताबों को सुन और पढ़ सकेंगे। इसके लिए यहां एक विशेष सॉफ्टवेयर टीटीएस लगाया गया है।
ऑनलाइन की मिलेगी सुविधा
इसके लिए पहले किताबों को स्कैन कर कंप्यूटर में अपलोड किया जाएगा। ये सॉफ्टवेयर टेक्स्ट फाइल को ऑडियो फाइल में बदल देगा। इसके बाद प्लेक्सटॉक नामक डिवाइस के जरिए पूरी किताब को सुन सकेंगे। ये ऑडियो फाइल घर ले जाने के लिए पेन ड्राइव में सेव भी की जा सकती है। इसके अलावा किताबों को ऑनलाइन पढ़ने की भी सुविधा मिलेगी। विश्व पुस्तक दिवस पर इस लाइब्रेरी का शुभारंभ होगा।
कितने का मिला बजट
संभागीय लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा है कि सुगम्य भारत योजना में कोटा में पहली बार गवर्नमेंट संभागीय लाइब्रेरी में 5 लाख रुपए का बजट मिला है। यहां दिव्यांगों के लिए पहली बार ब्रेल बुक लाइब्रेरी शुरू हो रही है। डाक से उनके घर तक ब्रेल लिपि की पुस्तकें पहुंचाएंगे।
फ्री पहुंचाई जाएंगी ब्रेल लिपि की ताबें
यहां ब्रेल लिपि में 200 किताबें आ चुकी है। लाइब्रेरी के सदस्य बनने वाले ब्लाइंड के घर पर डिमांड के अनुसार पुस्तक को डाक से फ्री में पहुंचाया जाएगा। इनके लिए कपड़े के बैग बनवाए हैं। लाइब्रेरी में जेके रोलिंग की हैरी पॉटर, रहस्यमयी तहखाना, प्रेमचंद की कफन, गोदान, अमृता प्रीतम की कोरे कागज सहित कई बेस्ट सेलर पुस्तकें आ चुकी हैं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai