जंगलों में वाटर प्वाॅइंट सूख चुके हैं। वन्यजीव एक-एक बूंद को तरस गए हैं। हिरण सूखे वॉटर प्वॉइंट्स के तले तक जाते हैं, लेकिन वहां भी पानी की जगह मिट्टी देख प्यासे ही लौट रहे हैं। इधर, वन विभाग के अफसर अब भी कह रहे हैं कि जंगलों के रीते जल स्रोतों को भरने के लिए उन्होंने 12 अप्रैल को ही 7.50 लाख रुपए जारी कर दिए हैं। लेकिन, पानी भरा या नहीं, इस बारे में उन्हें भी नहीं पता। हर अधिकारी बस एक ही जवाब दे रहा है कि ‘हमने तो सबको निर्देश दे रखे हैं। अब दिखवाते हैं।’
इस पैसे के साथ जारी आदेश में यह भी कह दिया गया कि 30 जून तक ये पैसा खर्च नहीं हो तो वापस लौटा दें। जबकि, मई के 5 दिन भी बीच चुके हैं। भास्कर रिपोर्टर ने गुरुवार को मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डियर पार्क, सोटिया तलाई, गरड़िया महादेव और तीन मंजिल चौकी क्षेत्र की स्थिति देखी, तो नजारा भयावह था। डियर पार्क के पास से तीन मंजिला चौकी तक करीब 30 किमी तक वन्यजीव सड़कों पर भटकते मिले।
चंद दिनों में खत्म हो जाएगा सोटिया तलाई में पानी
डेढ़ बीघा से ज्यादा में फैली सोटिया तलाई भी पूरी तरह सूख चुकी है। पानी केवल इतना बचा है कि वह चंद दिनों में खत्म हो जाएगा। लंगूर, नीलगाय और हिरण यहां तक पानी की उम्मीद में आते हैं, लेकिन सूखा तला देख लौट जाते हैं। गरड़िया महादेव के जंगल से तो पानी की तलाश में वन्यजीव सड़क किनारे दौड़ते दिखे। रिजर्व के तीन मंजिला चौकी मेें बने वाटर प्वॉइंट में एक बूंद भी पानी नहीं था। यहां बनी पानी की टंकी सूखी मिली। दूर-दूर तक पानी नजर नहीं आया। प्यासे चिंकारे सूखे वाटर प्वाॅइंट में बची खुची मिट्टी में ही मुंह मार रहे थे। वहीं, इस संबंध में वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. कृष्णेंद्र सिंह नामा बताते हैं कि गर्मी के ऐसे भयंकर सीजन में हर वाटर प्वाॅइंट की अफसरों द्वारा पूरी मॉनिटरिंग होनी चाहिए।
जिम्मेदार: सबने अपने अधीनस्थों को निर्देश दे रखे हैं
पेयजल की व्यवस्था के लिए रेंजर को निर्देश दे रखे हैं। यदि वॉटर प्वॉइंट्स सूखे हैं तो शुक्रवार को जांच करवाएंगे। -वीरसिंह ओला, एसीएफ मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व
सभी डीसीएफ को पानी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। बजट जारी कर दिया है। इस संबंध में मामले को दिखवाएंगे। -जीवी रेड्डी, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जयपुर
इस पैसे के साथ जारी आदेश में यह भी कह दिया गया कि 30 जून तक ये पैसा खर्च नहीं हो तो वापस लौटा दें। जबकि, मई के 5 दिन भी बीच चुके हैं। भास्कर रिपोर्टर ने गुरुवार को मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डियर पार्क, सोटिया तलाई, गरड़िया महादेव और तीन मंजिल चौकी क्षेत्र की स्थिति देखी, तो नजारा भयावह था। डियर पार्क के पास से तीन मंजिला चौकी तक करीब 30 किमी तक वन्यजीव सड़कों पर भटकते मिले।
चंद दिनों में खत्म हो जाएगा सोटिया तलाई में पानी
डेढ़ बीघा से ज्यादा में फैली सोटिया तलाई भी पूरी तरह सूख चुकी है। पानी केवल इतना बचा है कि वह चंद दिनों में खत्म हो जाएगा। लंगूर, नीलगाय और हिरण यहां तक पानी की उम्मीद में आते हैं, लेकिन सूखा तला देख लौट जाते हैं। गरड़िया महादेव के जंगल से तो पानी की तलाश में वन्यजीव सड़क किनारे दौड़ते दिखे। रिजर्व के तीन मंजिला चौकी मेें बने वाटर प्वॉइंट में एक बूंद भी पानी नहीं था। यहां बनी पानी की टंकी सूखी मिली। दूर-दूर तक पानी नजर नहीं आया। प्यासे चिंकारे सूखे वाटर प्वाॅइंट में बची खुची मिट्टी में ही मुंह मार रहे थे। वहीं, इस संबंध में वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. कृष्णेंद्र सिंह नामा बताते हैं कि गर्मी के ऐसे भयंकर सीजन में हर वाटर प्वाॅइंट की अफसरों द्वारा पूरी मॉनिटरिंग होनी चाहिए।
जिम्मेदार: सबने अपने अधीनस्थों को निर्देश दे रखे हैं
पेयजल की व्यवस्था के लिए रेंजर को निर्देश दे रखे हैं। यदि वॉटर प्वॉइंट्स सूखे हैं तो शुक्रवार को जांच करवाएंगे। -वीरसिंह ओला, एसीएफ मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व
सभी डीसीएफ को पानी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। बजट जारी कर दिया है। इस संबंध में मामले को दिखवाएंगे। -जीवी रेड्डी, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जयपुर
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