एक तरफ प्लॉट नंबर 311 पर अवैध तरीके से बनी बहुमंजिला इमारत को वैध बनाने के लिए महापौर खुद अड़े हैं और दूसरी तरफ ऐसी कई इमारतें धड़ल्ले से आसमान छू रही हैं, जिनके बनने से लोग परेशान हैं। पार्षद भी कई-कई शिकायतें कर चुके हैं।
खानापूर्ति के लिए नगर निगम के अफसर अवैध इमारतों को नोटिस जरूर दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इनका निर्माण बेरोकटोक दिन-रात चल रहा है। बुधवार रात को विज्ञान नगर में बन रही मल्टीस्टोरी का निर्माण रुकवाने के लिए पड़ोसी ने महापौर से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि अभी शाम हो गई है, कल देखते हैं। इस ढिलाई का फायदा उठाकर रात को ही मल्टीस्टोरी की छत डल गई।
शिकायत करते गए, बढ़ता गया निर्माण
विज्ञान नगर में 1-क-23 में रहने वाले आनंद राज जैन अपने पड़ोस में भूखंड संख्या 1-क-24 पर बन रहे मल्टीस्टोरी के निर्माण से परेशान हैं। बिना अनुमति हो रहे इस निर्माण को रुकवाने के लिए उन्होंने 16 मार्च को सुगम पोर्टल पर शिकायत दी। कलेक्टर ऑफिस में शिकायत करने के बाद 31 मार्च को नगर निगम के उपायुक्त राजेश डागा को भी मामला बताया।
इसके बाद भी निर्माण रुकना तो दूर, उसकी ऊंचाई लगातार बढ़ती जा रही है। 18 अप्रैल को आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते से मिले, उन्हें भी पूरी जानकारी दी। उन्हें बताया कि आवासन मंडल के नियमों के अनुसार इस निर्माण में सेटबैक नहीं छोड़ा गया। बुधवार को उन्होंने महापौर महेश विजय को व्यथा बताई। वे बोले कि शाम हो गई, इस बारे में कुछ नहीं हो सकता। हालत यह हुई कि इस इमारत में रात में दूसरी मंजिल पर छत डल गई।
रुकवाने के बाद भी बन गई पूरी मल्टीस्टोरी
नीलकंठ महादेव मंदिर के पास बन रही मल्टीस्टोरी की स्थानीय पार्षद दिलीप पाठक व महेश गौतम लल्ली शिकायत कर चुके हैं। दिखावे के लिए यहां कार्रवाई हुई, लेकिन काम फिर शुरू हो गया। इसी प्रकार निगम भवन के सामने 92 नंबर के भूखंड पर मल्टीस्टोरी बन रही है।
मालिक ने स्वीकृति से अधिक निर्माण करवा लिया। पार्षद राखी गौतम लगातार इसकी शिकायत करती रही, पर कार्रवाई नहीं हो पाई। एक बार उपायुक्त अशोक त्यागी ने काम बंद करवाया, लेकिन फिर से काम शुरू हो गया।
मैंने काम रुकवा दिया था
जो भी इमारत बिना अनुमति के बन रही है, उपायुक्त के आदेश पर मैंने काम भी बंद करवा दिया था, अब फिर से काम शुरू हो गया तो उसे बंद करवाया जाएगा। कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश व्यास, प्रभारी अधिकारी
कार्रवाई के आदेश दिए हैं
शहर में इस प्रकार से बिना अनुमति की इमारतें बन रही हैं, इनमें कई ऐसी हैं, जिन्होंने अभी तक अनुमति के लिए फाइल भी नहीं लगाई। ऐसी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उपायुक्त को कहा गया है।
-शिव प्रसाद एम नकाते, आयुक्त
औरों की इमारत को भी तो देखें
मैंने डेढ़ साल पहले ही मकान निर्माण की अनुमति के लिए निगम में फाइल लगाई थी, कब तक इंतजार करते, इसलिए निर्माण शुरू कर दिया। हमारी इमारत को देखा जा रहा है, इस लाइन में और आसपास बने सभी मकानों को भी तो देखो, किसका नियमन व कमर्शियल में बदलाव हो रहा है।
-राधेश्याम पोकरा, 1 क-24 भवन मालिक
खानापूर्ति के लिए नगर निगम के अफसर अवैध इमारतों को नोटिस जरूर दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इनका निर्माण बेरोकटोक दिन-रात चल रहा है। बुधवार रात को विज्ञान नगर में बन रही मल्टीस्टोरी का निर्माण रुकवाने के लिए पड़ोसी ने महापौर से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि अभी शाम हो गई है, कल देखते हैं। इस ढिलाई का फायदा उठाकर रात को ही मल्टीस्टोरी की छत डल गई।
शिकायत करते गए, बढ़ता गया निर्माण
विज्ञान नगर में 1-क-23 में रहने वाले आनंद राज जैन अपने पड़ोस में भूखंड संख्या 1-क-24 पर बन रहे मल्टीस्टोरी के निर्माण से परेशान हैं। बिना अनुमति हो रहे इस निर्माण को रुकवाने के लिए उन्होंने 16 मार्च को सुगम पोर्टल पर शिकायत दी। कलेक्टर ऑफिस में शिकायत करने के बाद 31 मार्च को नगर निगम के उपायुक्त राजेश डागा को भी मामला बताया।
इसके बाद भी निर्माण रुकना तो दूर, उसकी ऊंचाई लगातार बढ़ती जा रही है। 18 अप्रैल को आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते से मिले, उन्हें भी पूरी जानकारी दी। उन्हें बताया कि आवासन मंडल के नियमों के अनुसार इस निर्माण में सेटबैक नहीं छोड़ा गया। बुधवार को उन्होंने महापौर महेश विजय को व्यथा बताई। वे बोले कि शाम हो गई, इस बारे में कुछ नहीं हो सकता। हालत यह हुई कि इस इमारत में रात में दूसरी मंजिल पर छत डल गई।
रुकवाने के बाद भी बन गई पूरी मल्टीस्टोरी
नीलकंठ महादेव मंदिर के पास बन रही मल्टीस्टोरी की स्थानीय पार्षद दिलीप पाठक व महेश गौतम लल्ली शिकायत कर चुके हैं। दिखावे के लिए यहां कार्रवाई हुई, लेकिन काम फिर शुरू हो गया। इसी प्रकार निगम भवन के सामने 92 नंबर के भूखंड पर मल्टीस्टोरी बन रही है।
मालिक ने स्वीकृति से अधिक निर्माण करवा लिया। पार्षद राखी गौतम लगातार इसकी शिकायत करती रही, पर कार्रवाई नहीं हो पाई। एक बार उपायुक्त अशोक त्यागी ने काम बंद करवाया, लेकिन फिर से काम शुरू हो गया।
मैंने काम रुकवा दिया था
जो भी इमारत बिना अनुमति के बन रही है, उपायुक्त के आदेश पर मैंने काम भी बंद करवा दिया था, अब फिर से काम शुरू हो गया तो उसे बंद करवाया जाएगा। कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश व्यास, प्रभारी अधिकारी
कार्रवाई के आदेश दिए हैं
शहर में इस प्रकार से बिना अनुमति की इमारतें बन रही हैं, इनमें कई ऐसी हैं, जिन्होंने अभी तक अनुमति के लिए फाइल भी नहीं लगाई। ऐसी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उपायुक्त को कहा गया है।
-शिव प्रसाद एम नकाते, आयुक्त
औरों की इमारत को भी तो देखें
मैंने डेढ़ साल पहले ही मकान निर्माण की अनुमति के लिए निगम में फाइल लगाई थी, कब तक इंतजार करते, इसलिए निर्माण शुरू कर दिया। हमारी इमारत को देखा जा रहा है, इस लाइन में और आसपास बने सभी मकानों को भी तो देखो, किसका नियमन व कमर्शियल में बदलाव हो रहा है।
-राधेश्याम पोकरा, 1 क-24 भवन मालिक
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai