नगर निगम प्रशासन ने यूडी टैक्स की वसूली को लेकर चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं हुआ तो बकायेदारों के भवन को सीज करने और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मैरिज गार्डन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष गांधी व फूलकुंवर मैरिज गार्डन के संचालक हितेश सुवालका ने निगम आयुक्त को पंजीयन विभाग के कागजात दिखाया, जिसमें गार्डन को आवासीय भूखंड में दर्ज किया गया है।
टैक्स की वसूली होगी
संचालकों ने कहा कि जब स्कूलों और हॉस्टलों से आवासीय दर पर टैक्स लिया जा रहा है तो उनसे भी आवासीय दर पर ही टैक्स लिया जाए। जिन मैरिज गार्डन संचालकों से व्यावसायिक दर पर टैक्स लिया गया है, उसे वापस किया जाए। इस पर निगम आयुक्त ने कहा कि इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार ही टैक्स की वसूली होगी।
जमा करवाए गए 54 लाख रुपए
वहीं, सोमवार को नगरीय कर को लेकर आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने अधिकारियों की बैठक ली। यूडी टैक्स वसूली की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं, राजकीय उपक्रमों, निगम व बोर्ड ने 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं करवाया, उनकी कुर्की व सीज की कार्रवाई 31 के बाद तुरंत की जाए। बैठक में बताया गया कि अभी तक लगभग छह करोड़ रुपए निगम में जमा हो चुके हैं। सोमवार को 88 संस्थाओं की आेर से 54 लाख रुपए जमा करवाए गए हैं।
छूट का फायदा उठाएं बकाएदार
उपायुक्त राजेन्द्र सिंह चारण ने बताया कि राजस्व अनुभाग ने 31 मार्च के बाद बकायादारों के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की तैयारी प्रारम्भ कर दी है। उन्होंने बताया कि सेन्ट्रल वेयर हाउस, एसआरडी. मोदी विद्या निकेतन सोसायटी, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, तिलम संघ, भारतीय फूड कॉर्पोरेशन, भारत संचार निगम लिमिटेड, केन्द्रीय बस स्टैंड आदि कई संस्थान हैं, जिनके लाखों रुपए नगरीय विकास कर में जमा होने शेष हैं। उन्होंने सभी बकायादारों से कहा है कि छूट का लाभ उठाकर बकाएदार पैसा जमा करवाएं।
टैक्स की वसूली होगी
संचालकों ने कहा कि जब स्कूलों और हॉस्टलों से आवासीय दर पर टैक्स लिया जा रहा है तो उनसे भी आवासीय दर पर ही टैक्स लिया जाए। जिन मैरिज गार्डन संचालकों से व्यावसायिक दर पर टैक्स लिया गया है, उसे वापस किया जाए। इस पर निगम आयुक्त ने कहा कि इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार ही टैक्स की वसूली होगी।
जमा करवाए गए 54 लाख रुपए
वहीं, सोमवार को नगरीय कर को लेकर आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने अधिकारियों की बैठक ली। यूडी टैक्स वसूली की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं, राजकीय उपक्रमों, निगम व बोर्ड ने 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं करवाया, उनकी कुर्की व सीज की कार्रवाई 31 के बाद तुरंत की जाए। बैठक में बताया गया कि अभी तक लगभग छह करोड़ रुपए निगम में जमा हो चुके हैं। सोमवार को 88 संस्थाओं की आेर से 54 लाख रुपए जमा करवाए गए हैं।
छूट का फायदा उठाएं बकाएदार
उपायुक्त राजेन्द्र सिंह चारण ने बताया कि राजस्व अनुभाग ने 31 मार्च के बाद बकायादारों के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की तैयारी प्रारम्भ कर दी है। उन्होंने बताया कि सेन्ट्रल वेयर हाउस, एसआरडी. मोदी विद्या निकेतन सोसायटी, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, तिलम संघ, भारतीय फूड कॉर्पोरेशन, भारत संचार निगम लिमिटेड, केन्द्रीय बस स्टैंड आदि कई संस्थान हैं, जिनके लाखों रुपए नगरीय विकास कर में जमा होने शेष हैं। उन्होंने सभी बकायादारों से कहा है कि छूट का लाभ उठाकर बकाएदार पैसा जमा करवाएं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai