खान शुरू नहीं हुई और खनन विभाग ने फर्जी रवन्ने पर बेच दिए 13 करोड़ से ज्यादा के पत्थर’ शीर्षक से भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद खनन विभाग के अफसरों ने पीड़ित को ही दंड दे दिया। उसकी खान निरस्त करने के साथ उस पर 54 लाख से ज्यादा का जुर्माना भी लगा दिया।
एक दलाल को एसीबी ने पकड़ा
गौरतलब है कि बुधवार को घूस लेते खान विभाग के दो कर्मचारी और एक दलाल को एसीबी ने पकड़ा था। दरअसल कोटा में अफसरों और खनन माफिया के बीच इतनी गहरी सांठगांठ है कि कोई कार्रवाई नहीं करता। यह बात शुक्रवार को भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में भी पुष्ट हो गई कि कैसे कोटा का तमाम प्रशासन अवैध खनन की अनदेखी करता है। भास्कर ने मौके से एसएमई डीपी गाैड़ को अवैध खनन की सूचना दी, लेकिन कार्रवाई के लिए कोई नहीं आया। सूचना के बावजूद पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी नहीं आए।
अवैध खनन माना पर मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई
पुलिस... गड़बड़ी मानी, एक्शन नहीं
रामकिशन, एसएचओ अनंतपुरा
भास्कर- आरओबी की ओर अवैध खनन हो रहा है, इनके खिलाफ कार्रवाई करो न।
एसएचओ-कार्रवाई तो करते हैं, इस बारे में फॉरेस्ट व माइन्स वालों को बता रखा है। हम रेड करते हैं, लेकिन ये गाड़ियां लेकर भाग जाते हैं।
भास्कर- मैं तो इधर से गुजर रहा था, आम नागरिक के नाते आपको सूचना दे रहा हूं।
एसएचओ- हां यह सही है, मैंने भी वहां अवैध खनन होते देखा है, वन विभाग वालों को कहा है।
भास्कर-ट्रैक्टर के ट्रैक्टर भर रहे हैं, हमने सोचा पुलिस वालों को बताएं।
एसएचओ- सही है, इनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। विभाग वाले सुनते ही नहीं।
भास्कर- इसमें पुलिस वालों की मिलीभगत तो नहीं?
एसएचओ- नहीं हम तो कार्रवाई करते हैं, कई बार मीटिंगों में कह चुके हैं संयुक्त टीम बना दो पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
भास्कर- अभी तो दिखवाओ इसे।
एसएचओ- हां दिखवाते हैं, वन विभाग वालों को भी बताते हैं।
शाम को बोले- मौके पर गाड़ी गई थी, कोई नहीं मिला
हां दिन में अवैध खनन की सूचना मिली थी, इस पर गाड़ी भेजी थी, लेकिन वहां कोई अवैध खनन करते हुए नहीं पाया गया। इसलिए टीम वापस लौट आई।
एक दलाल को एसीबी ने पकड़ा
गौरतलब है कि बुधवार को घूस लेते खान विभाग के दो कर्मचारी और एक दलाल को एसीबी ने पकड़ा था। दरअसल कोटा में अफसरों और खनन माफिया के बीच इतनी गहरी सांठगांठ है कि कोई कार्रवाई नहीं करता। यह बात शुक्रवार को भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में भी पुष्ट हो गई कि कैसे कोटा का तमाम प्रशासन अवैध खनन की अनदेखी करता है। भास्कर ने मौके से एसएमई डीपी गाैड़ को अवैध खनन की सूचना दी, लेकिन कार्रवाई के लिए कोई नहीं आया। सूचना के बावजूद पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी नहीं आए।
अवैध खनन माना पर मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई
पुलिस... गड़बड़ी मानी, एक्शन नहीं
रामकिशन, एसएचओ अनंतपुरा
भास्कर- आरओबी की ओर अवैध खनन हो रहा है, इनके खिलाफ कार्रवाई करो न।
एसएचओ-कार्रवाई तो करते हैं, इस बारे में फॉरेस्ट व माइन्स वालों को बता रखा है। हम रेड करते हैं, लेकिन ये गाड़ियां लेकर भाग जाते हैं।
भास्कर- मैं तो इधर से गुजर रहा था, आम नागरिक के नाते आपको सूचना दे रहा हूं।
एसएचओ- हां यह सही है, मैंने भी वहां अवैध खनन होते देखा है, वन विभाग वालों को कहा है।
भास्कर-ट्रैक्टर के ट्रैक्टर भर रहे हैं, हमने सोचा पुलिस वालों को बताएं।
एसएचओ- सही है, इनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। विभाग वाले सुनते ही नहीं।
भास्कर- इसमें पुलिस वालों की मिलीभगत तो नहीं?
एसएचओ- नहीं हम तो कार्रवाई करते हैं, कई बार मीटिंगों में कह चुके हैं संयुक्त टीम बना दो पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
भास्कर- अभी तो दिखवाओ इसे।
एसएचओ- हां दिखवाते हैं, वन विभाग वालों को भी बताते हैं।
शाम को बोले- मौके पर गाड़ी गई थी, कोई नहीं मिला
हां दिन में अवैध खनन की सूचना मिली थी, इस पर गाड़ी भेजी थी, लेकिन वहां कोई अवैध खनन करते हुए नहीं पाया गया। इसलिए टीम वापस लौट आई।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai