खड़े गणेशजी पर भक्तों से होती है वसूली, रात काे पोल खुली तो भागे ठेकेदार के गुंडे

खड़े गणेशजी पर भक्तों से होती है वसूली, रात काे पोल खुली तो भागे ठेकेदार के गुंडे

खड़े गणेशजी पर भक्तों से होती है वसूली, रात काे पोल खुली तो भागे ठेकेदार के गुंडे

स्मार्ट सिटी के फेर में यूआईटी अधिकारी खुलेआम पार्किंग माफिया को शह दे रहे हैं। विज्ञान नगर फ्लाईओवर के नीचे मरीजों के बाद अब खड़े गणेशीजी के भक्त भी पार्किंग के नाम पर यूआईटी की वसूली के शिकार हो रहे हैं। यूआईटी ने 4.91 लाख रुपए में गणेश उद्यान के बाहर पार्किंग स्टैंड का ठेका दे दिया।
पार्किंग शुल्क वसूलना शुरू कर दिया
इसी रास्ते से खड़े गणेश जी के दर्शन करने वाले भी जाते हैं। स्टैंड संचालक ने उन लोगों से भी पार्किंग शुल्क वसूलना शुरू कर दिया जो केवल गणेश जी के दर्शन करने जा रहे हैं। 3 मार्च को भास्कर ने इसका खुलासा किया तो यूआईटी अधिकारियों ने दावा किया कि अब वसूली नहीं होने देंगे। बुधवार को भास्कर रिपोर्टर फिर मौके पर पहुंचा तो वहां ठेकेदार के गुंडे दर्शनार्थियों से खुलेआम वसूली कर रहे थे।
दर्शन के नाम से पार्क में चले जाते हैं
ठेकेदार ने इसके पीछे तर्क दिया कि लोग दर्शन के नाम से पार्क में चले जाते हैं। रात 8 बजे गणेश उद्यान बंद होने के बाद भास्कर फिर वहां पहुंचा तो भी ठेकेदार द्वारा वहां पर कर्मचारी बैठाकर दर्शनार्थियों से गुंडागर्दी कर पैसे लिए जा रहे थे। भास्कर के फोटोग्राफर को देखते ही कर्मचारी अपनी टेबल-कुर्सी लेकर वहां से भाग खड़े हुए।
फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग का ठेका दिया
इससे पहले यूआईटी ने विज्ञान नगर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग का ठेका दे दिया जिससे वहां मरीजों से वसूली शुरू हो गई। किशोर सागर पर भी ट्रैफिक कंट्रोल के नाम पर जबरन पार्किंग माफिया को शह दी जा रही है। गणेश उद्यान के साथ ही यूआईटी ने वहां सिंहद्वार भी बनाया है, जहां से गणेश उद्यान और खड़े गणेश जी मंदिर दोनों का रास्ता जाता है। ठेका केवल गणेश उद्यान के लिए है, लेकिन ठेकेदार हर वाहन से वसूली करता है। मना करने पर पार्किंग कर्मी झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।
गार्डन का शुल्क लगाने से पहले ही शुरू कर दी पािर्कंग
हास्यास्पद स्थिति ये है कि जिस गणेश उद्यान के लिए पार्किंग स्टैंड बनाया गया है वहां घूमने का अभी तक कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। वहां के जाने के लिए वाहन खड़े करने का शुल्क पहले ही शुरू कर दिया गया।
जरूरत शहर के व्यस्ततम बाजारों को, वहां ध्यान नहीं
यूआईटी का तर्क है कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शहर में पार्किंग स्थल विकसित करा जरूरी है। जबकि, व्यस्ततम बाजारों गुमानपुरा, पाटनपोल, श्रीपुरा, सब्जीमंडी, कोटड़ी मुख्य रोड, दादाबाड़ी जैसे बाजारों में पार्किंग नहीं हैं।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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