मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार को वर्ष 2016-17 के लिए राज्य का बजट पेश किया। बजट भाषण में कोटा का नाम यूं तो 17 घोषणाओं में 19 बार आया, लेकिन इनमें सीधे तौर पर फायदा देने वाली बड़ी घोषणाएं 7 ही मानी जा सकती हैं।
डिजिटल मेमोग्राफी मशीन मिली
सबसे बड़ी घोषणा के तौर पर मेडिकल कॉलेज में डिजिटल मेमोग्राफी मशीन मिली है, जिससे महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच में सुविधा मिल सकेगी। कोटा यूनिवर्सिटी में आंत्रप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस मैनेजमेंट सेंटर खुलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जो घोषणाएं हुईं, उससे स्पष्ट है कि इस बार सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण विकास की तरफ ज्यादा है।
कोटा व्यापार महासंघ की 27 में से 7 मांगें पूरी हुईं
बजट में सरकार ने कोटा व्यापार महासंघ की 27 में से 7 मांगें मानी हैं। जिनमें से प्रमुख रूप से वैट की विसंगतियां, टैक्स की दरों में कमी और पर्यावरण विभाग की एनओसी से संबंधित है। महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि बजट से पूर्व मुख्यमंत्री ने जो बैठक बुलाई थी, कोटा के डेवलपमेंट और औद्योगिक विकास के कई मुद्दे उनके सामने रखे थे।
यह मांगें मानी गई
-नए उद्योगों के लिए लैंड बैंक।
- सिंगल विंडो को मजबूती से लागू करना।
- इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर टैक्स की दरें कम करना।
- वैट की विसंगतियां समाप्त कर, राहत देना।
- पर्यावरण विभाग की एनओसी के नियमों में रियायत।
- उद्योगों के लिए ग्रीन, ओरेंज एवं रेड कैटेगरी के अलावा व्हाइट कैटेगरी की मांग।
- नए उद्योगों के लिए बिजली कनेक्शन में एनओसी की बाध्यता समाप्त करना।
पर्यटन पर नहीं दिया ध्यान
-महासंघ ने कोटा को पर्यटन से जोड़ने के लिए नया एयरपोर्ट बनाने के लिए शंभुपुरा की जमीन का सुझाव दिया था, जिस पर ध्यान नहीं दिया।
महिलाओं का रखा गया ध्यान
2016-17 के राज्य बजट में कोटा का नाम तो 19 बार आया, लेकिन यह केवल इस विज्ञाननगर फ्लाईओवर की तरह दिखने में ही खूबसूरत था। बजट में केवल 7 घोषणाएं ऐसी हैं, जो सीधे हमसे जुड़ी हैं। इसमें सबसे अच्छी बात महिलाओं का ध्यान रखा गया है। मेमोग्राफी मशीन और वार विडोज के हॉस्टल के अलावा तीसरी अच्छी बात यह रही कि कोटा की कोचिंग को सरकार ने अपनी योजनाओं में शामिल करके इसकी ताकत को मान लिया है।
यूआईटी पर ही निर्भर रहना पड़ेगा
हालांकि शेष बजट में हमारे लिए कुछ बड़ा नहीं है। जो स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे हुआ था, उसमें कोटा की जनता ने अपनी 10 प्राथमिकताएं बताई थीं, उसमें से किसी के लिए कोई घोषणा नहीं हुई। अब हमको नगर निगम और यूआईटी पर ही निर्भर रहना हाेगा।
डिजिटल मेमोग्राफी मशीन मिली
सबसे बड़ी घोषणा के तौर पर मेडिकल कॉलेज में डिजिटल मेमोग्राफी मशीन मिली है, जिससे महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच में सुविधा मिल सकेगी। कोटा यूनिवर्सिटी में आंत्रप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस मैनेजमेंट सेंटर खुलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जो घोषणाएं हुईं, उससे स्पष्ट है कि इस बार सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण विकास की तरफ ज्यादा है।
कोटा व्यापार महासंघ की 27 में से 7 मांगें पूरी हुईं
बजट में सरकार ने कोटा व्यापार महासंघ की 27 में से 7 मांगें मानी हैं। जिनमें से प्रमुख रूप से वैट की विसंगतियां, टैक्स की दरों में कमी और पर्यावरण विभाग की एनओसी से संबंधित है। महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि बजट से पूर्व मुख्यमंत्री ने जो बैठक बुलाई थी, कोटा के डेवलपमेंट और औद्योगिक विकास के कई मुद्दे उनके सामने रखे थे।
यह मांगें मानी गई
-नए उद्योगों के लिए लैंड बैंक।
- सिंगल विंडो को मजबूती से लागू करना।
- इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर टैक्स की दरें कम करना।
- वैट की विसंगतियां समाप्त कर, राहत देना।
- पर्यावरण विभाग की एनओसी के नियमों में रियायत।
- उद्योगों के लिए ग्रीन, ओरेंज एवं रेड कैटेगरी के अलावा व्हाइट कैटेगरी की मांग।
- नए उद्योगों के लिए बिजली कनेक्शन में एनओसी की बाध्यता समाप्त करना।
पर्यटन पर नहीं दिया ध्यान
-महासंघ ने कोटा को पर्यटन से जोड़ने के लिए नया एयरपोर्ट बनाने के लिए शंभुपुरा की जमीन का सुझाव दिया था, जिस पर ध्यान नहीं दिया।
महिलाओं का रखा गया ध्यान
2016-17 के राज्य बजट में कोटा का नाम तो 19 बार आया, लेकिन यह केवल इस विज्ञाननगर फ्लाईओवर की तरह दिखने में ही खूबसूरत था। बजट में केवल 7 घोषणाएं ऐसी हैं, जो सीधे हमसे जुड़ी हैं। इसमें सबसे अच्छी बात महिलाओं का ध्यान रखा गया है। मेमोग्राफी मशीन और वार विडोज के हॉस्टल के अलावा तीसरी अच्छी बात यह रही कि कोटा की कोचिंग को सरकार ने अपनी योजनाओं में शामिल करके इसकी ताकत को मान लिया है।
यूआईटी पर ही निर्भर रहना पड़ेगा
हालांकि शेष बजट में हमारे लिए कुछ बड़ा नहीं है। जो स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे हुआ था, उसमें कोटा की जनता ने अपनी 10 प्राथमिकताएं बताई थीं, उसमें से किसी के लिए कोई घोषणा नहीं हुई। अब हमको नगर निगम और यूआईटी पर ही निर्भर रहना हाेगा।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai