नगरीय विकास मंत्री राजपालसिंह शेखावत शनिवार को कोटा में 3 विकास कार्यों का लोकार्पण करने पहुंच रहे हैं। हालांकि रात तक उनके दौरे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इससे पहले 16 अक्टूबर को कोटा प्रवास के दौरान उन्होंने यहां की सीवरेज समस्या पर चर्चा की थी, यूआईटी सचिव मोहनलाल यादव को जयपुर बुलाया था, लेकिन समस्या आज भी जस की तस है।
काम की गति धीमी
एनआरसीपी व यूआईडीएसएसएमटी के तहत 200 करोड़ के काम की गति काफी धीमी है। इसमें केवल 30 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट साजीदेहड़ा में कंपलीट होने का दावा किया है। इसका मंत्री शेखावत शनिवार को लोकार्पण करने जा रहे हैं। इस एसटीपी में भी जिस नाले के पानी का ट्रीटमेंट करने की बात कही जा रही है, उस नाले का 100 प्रतिशत पानी भी नहीं आ रहा। नाले का आधे से ज्यादा पानी सीधे चंबल नदी में जा रहा है।
आज खुलेंगे श्रीनाथपुरम स्टेडियम के ताले
आखिर श्रीनाथपुरम स्टेडियम में बने स्टेडियम के ताले शनिवार शाम को खुल जाएंगे। नगरीय विकास मंत्री राजपालसिंह शेखावत इसका लोकार्पण करेंगे। गौरतलब है कि करोड़ों की लागत से बना अत्याधुनिक स्टेडियम केवल उद्घाटन के इंतजार में बंद पड़ा था। इसके ताले खुलवाने के लिए भास्कर ने अभियान चलाया था, इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों व जनता ने दबाव बनाया।
एमएलए ने क्या कहा?
विधायक संदीप शर्मा का कहना है कि शनिवार को इसके ताले खुल जाएंगे। मंत्री सुबह 12.30 बहे साजीदेहड़ा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण करने के बाद बैठक लेंगे। शाम को 4.30 बजे गणेश उद्यान व 5.30 बजे श्रीनाथपुरम स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे।
35 गांवों के विकास की योजना
भास्कर ने नगर निगम की सीमा में शामिल 35 गांवों की समस्या की सिलसिलेवार खबर छापी थी। इसके बाद 16 अक्टूबर को शेखावत ने दावा किया था कि स्थानीय विधायकों के साथ बैठक करके इन गांवों के विकास के लिए योजना बनाई जाएगी। इस मामले में आज तक कुछ नहीं हुआ। निगम ने भी 60 करोड़ का बजट बनाकर सरकार को भेजा है, जो आज तक सेंशन नहीं हुआ।
लो फ्लोर बसें नहीं आईं सड़कों पर
लो फ्लोर बसों का संचालन अभी तक नहीं हो पाया है। भास्कर के लगातार अभियान चलाने के बाद मंत्री राजपाल ने इन्हें चलाने की घोषणा की थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से बनी समिति ने निविदाएं करवाईं, लेकिन एक ही टेंडर आने के चलते यह फाइनल नहीं हुआ है। अब दुबारा से इसकी निविदाएं करवाई जा रही हैं। समस्या यह है कि समिति के सदस्य अलग-अलग विभागों के हैं इसलिए नियमित बैठक तक नहीं हो रही।
ये भी हैं समस्याएं, जिनपर ध्यान की जरूरत
यूआईटी से निगम को नहीं मिल रहा 150 करोड़: यूआईटी से निगम को विकास शुल्क का 150 करोड़ रुपए अभी तक नहीं मिला है। इसके लिए महापौर व अन्य सदस्य कई बार मंत्री से मांग कर चुके हैं। पिछली बार भी यह मांग उठी थी, इस बार महापौर फिर यह मांग रखेंगे।
हॉस्टल के नियमतिकरण की भी नहीं बनी योजना
शहर में 12 सौ हॉस्टल हैं। ये सभी नियमितीकरण चाहते हैं। सरकार को पैसा भी जमा करवाना चाहते हैं, उनके लिए कई बार सरकार से बात भी कर चुके हैं। योजना बनाने की बात की जाती है, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ।
52 समाजों के भूखंडों का मामला
शहर के विभिन्न बाजारों व समाजों के 52 भूखंडों का मामला भी सरकार के पास अटका है, जो इसी विभाग को देखकर हल करना है। इसके लिए समाज के पदाधिकारी मंत्री तथा अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। पैसे भी जमा करवा दिए हैं, इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
इन घोषणाओं पर भी अमल नहीं
मंत्री ने 16 अक्टूबर को कोटा प्रवास के दौरान 10 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। इसमें क्या विकास होगा, अभी तक पता नहीं। इसके अलावा रामपुरा से नदी पार तक स्टील ब्रिज, लाडपुरा में दवा बाजार तथा हिंदू धर्मशाला के आधुनिकीकरण की घोषणा की थी, जो अभी तक शुरू नहीं हुई।
काम की गति धीमी
एनआरसीपी व यूआईडीएसएसएमटी के तहत 200 करोड़ के काम की गति काफी धीमी है। इसमें केवल 30 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट साजीदेहड़ा में कंपलीट होने का दावा किया है। इसका मंत्री शेखावत शनिवार को लोकार्पण करने जा रहे हैं। इस एसटीपी में भी जिस नाले के पानी का ट्रीटमेंट करने की बात कही जा रही है, उस नाले का 100 प्रतिशत पानी भी नहीं आ रहा। नाले का आधे से ज्यादा पानी सीधे चंबल नदी में जा रहा है।
आज खुलेंगे श्रीनाथपुरम स्टेडियम के ताले
आखिर श्रीनाथपुरम स्टेडियम में बने स्टेडियम के ताले शनिवार शाम को खुल जाएंगे। नगरीय विकास मंत्री राजपालसिंह शेखावत इसका लोकार्पण करेंगे। गौरतलब है कि करोड़ों की लागत से बना अत्याधुनिक स्टेडियम केवल उद्घाटन के इंतजार में बंद पड़ा था। इसके ताले खुलवाने के लिए भास्कर ने अभियान चलाया था, इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों व जनता ने दबाव बनाया।
एमएलए ने क्या कहा?
विधायक संदीप शर्मा का कहना है कि शनिवार को इसके ताले खुल जाएंगे। मंत्री सुबह 12.30 बहे साजीदेहड़ा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण करने के बाद बैठक लेंगे। शाम को 4.30 बजे गणेश उद्यान व 5.30 बजे श्रीनाथपुरम स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे।
35 गांवों के विकास की योजना
भास्कर ने नगर निगम की सीमा में शामिल 35 गांवों की समस्या की सिलसिलेवार खबर छापी थी। इसके बाद 16 अक्टूबर को शेखावत ने दावा किया था कि स्थानीय विधायकों के साथ बैठक करके इन गांवों के विकास के लिए योजना बनाई जाएगी। इस मामले में आज तक कुछ नहीं हुआ। निगम ने भी 60 करोड़ का बजट बनाकर सरकार को भेजा है, जो आज तक सेंशन नहीं हुआ।
लो फ्लोर बसें नहीं आईं सड़कों पर
लो फ्लोर बसों का संचालन अभी तक नहीं हो पाया है। भास्कर के लगातार अभियान चलाने के बाद मंत्री राजपाल ने इन्हें चलाने की घोषणा की थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से बनी समिति ने निविदाएं करवाईं, लेकिन एक ही टेंडर आने के चलते यह फाइनल नहीं हुआ है। अब दुबारा से इसकी निविदाएं करवाई जा रही हैं। समस्या यह है कि समिति के सदस्य अलग-अलग विभागों के हैं इसलिए नियमित बैठक तक नहीं हो रही।
ये भी हैं समस्याएं, जिनपर ध्यान की जरूरत
यूआईटी से निगम को नहीं मिल रहा 150 करोड़: यूआईटी से निगम को विकास शुल्क का 150 करोड़ रुपए अभी तक नहीं मिला है। इसके लिए महापौर व अन्य सदस्य कई बार मंत्री से मांग कर चुके हैं। पिछली बार भी यह मांग उठी थी, इस बार महापौर फिर यह मांग रखेंगे।
हॉस्टल के नियमतिकरण की भी नहीं बनी योजना
शहर में 12 सौ हॉस्टल हैं। ये सभी नियमितीकरण चाहते हैं। सरकार को पैसा भी जमा करवाना चाहते हैं, उनके लिए कई बार सरकार से बात भी कर चुके हैं। योजना बनाने की बात की जाती है, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ।
52 समाजों के भूखंडों का मामला
शहर के विभिन्न बाजारों व समाजों के 52 भूखंडों का मामला भी सरकार के पास अटका है, जो इसी विभाग को देखकर हल करना है। इसके लिए समाज के पदाधिकारी मंत्री तथा अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। पैसे भी जमा करवा दिए हैं, इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
इन घोषणाओं पर भी अमल नहीं
मंत्री ने 16 अक्टूबर को कोटा प्रवास के दौरान 10 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। इसमें क्या विकास होगा, अभी तक पता नहीं। इसके अलावा रामपुरा से नदी पार तक स्टील ब्रिज, लाडपुरा में दवा बाजार तथा हिंदू धर्मशाला के आधुनिकीकरण की घोषणा की थी, जो अभी तक शुरू नहीं हुई।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai