यूडी टैक्स न चुकाने पर शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया में बाइक शोरूम को सीज करने पहुंची निगम टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे कोटा व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों ने निगम की कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर दिए। उनका तर्क था कि इंडस्ट्रियल एरिया में निगम को यूडी टैक्स वसूली और कार्रवाई करने का अधिकार ही नहीं है। दोनों पक्षों में जमकर हॉट-टॉक हुई। आखिरकार निगम टीम को बिना कार्रवाई किए ही लौटना पड़ा।
हीरो के शोरूम पर पहुंचे
उपायुक्त राजेन्द्र सिंह चारण व राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली अन्य अधिकारियों के साथ हीरो के शोरूम पर पहुंचे। सीज करने की कार्रवाई शुरू की तो व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। सूचना पाकर व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि रीको की जमीन पर नगरीय कर माफ है। मामला बढ़ने पर रीको के अधिकारियों को बुलाया गया। उन्होंने भी सरकार की ओर से जारी प्रपत्र दिखाया, जिसमें नगरीय कर माफ होने की बात लिखी हुई थी। इस दौरान निगम टीम और व्यापारियों की काफी बहस हुई। व्यापारियों ने इस मामले में कोटा बंद की भी धमकी दे दी। इस पर टीम वापस लौट आई।
व्यापार महासंघ की बैठक सोमवार को
उधर, व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि जिन संस्थाओं को नगरीय कर से छूट मिली हुई है। निगम उन पर भी कार्रवाई कर रहा है। यह गलत है। व्यापारियों को इस प्रकार से परेशान किया तो ठीक नहीं होगा। इसी क्रम में सोमवार को महासंघ कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई गई है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
6 माह बाद हो सकती है टैक्स वसूली
हालांकि निगम टीम ने बाद में रीको के प्रपत्र को देखा तो उसमें नीचे लिखा हुआ था कि आवंटन के 6 माह बाद राज्य सरकार कोई कर लगाती है तो उसे संबंधित उद्योग व संस्था को देना होगा। इस प्रकार निगम इन संस्थाओं से नगरीय कर लेने के लिए अधिकृत है। महेश गौतम ने बताया कि पूरी जानकारी आयुक्त को दे दी गई है। वे इसका परीक्षण करवा रहे हैं।
हीरो के शोरूम पर पहुंचे
उपायुक्त राजेन्द्र सिंह चारण व राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली अन्य अधिकारियों के साथ हीरो के शोरूम पर पहुंचे। सीज करने की कार्रवाई शुरू की तो व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। सूचना पाकर व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि रीको की जमीन पर नगरीय कर माफ है। मामला बढ़ने पर रीको के अधिकारियों को बुलाया गया। उन्होंने भी सरकार की ओर से जारी प्रपत्र दिखाया, जिसमें नगरीय कर माफ होने की बात लिखी हुई थी। इस दौरान निगम टीम और व्यापारियों की काफी बहस हुई। व्यापारियों ने इस मामले में कोटा बंद की भी धमकी दे दी। इस पर टीम वापस लौट आई।
व्यापार महासंघ की बैठक सोमवार को
उधर, व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि जिन संस्थाओं को नगरीय कर से छूट मिली हुई है। निगम उन पर भी कार्रवाई कर रहा है। यह गलत है। व्यापारियों को इस प्रकार से परेशान किया तो ठीक नहीं होगा। इसी क्रम में सोमवार को महासंघ कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई गई है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
6 माह बाद हो सकती है टैक्स वसूली
हालांकि निगम टीम ने बाद में रीको के प्रपत्र को देखा तो उसमें नीचे लिखा हुआ था कि आवंटन के 6 माह बाद राज्य सरकार कोई कर लगाती है तो उसे संबंधित उद्योग व संस्था को देना होगा। इस प्रकार निगम इन संस्थाओं से नगरीय कर लेने के लिए अधिकृत है। महेश गौतम ने बताया कि पूरी जानकारी आयुक्त को दे दी गई है। वे इसका परीक्षण करवा रहे हैं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai