महापौर के सामने किया हंगामा, गुमटी तोड़ने पर निगम में घुसकर मारने की धमकी

महापौर के सामने किया हंगामा, गुमटी तोड़ने पर निगम में घुसकर मारने की धमकी

महापौर के सामने किया हंगामा, गुमटी तोड़ने पर निगम में घुसकर मारने की धमकी

नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ता प्रभारी राकेश व्यास ने राजीव गांधी नगर में गुरुवार को अतिक्रमण हटाया। इससे बौखलाए भाजपा नेता गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। युवा मोर्चा के विकास शर्मा ने शुक्रवार को निगम में प्रदर्शन करते महापौर के चैंबर में जमकर हंगामा किया।
विकास शर्मा ने दी धमकी
विकास शर्मा ने यहां तक कह दिया कि अबकी बार किसी ने भी गुमटी तोड़ी तो निगम में घुसकर मारूंगा। मैं पहले भी यूआईटी में इस तरह की मारपीट कर चुका हूं। शर्मा महापौर महेश विजय के नजदीकी बताए जाते हैं और अधिकतर उनके ही कक्ष में बैठे रहते हैं। उन्होंने अतिक्रमियों और अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन करते हुए इस तरह की धमकी दी।
नहीं हटाए जाएंगे राकेश व्यास
यहां उनके साथ पार्षद अतुल कौशल भी थे। कौशल ने कहा कि मेरी छवि पहले से ही खराब है। यदि अतिक्रमण प्रभारी की हरकतें कम नहीं हुई तो वे अपने असली रूप में आ जाएंगे। इतना सब कुछ होने के बाद भी निगम के अधिकारी पीछे नहीं हटे। उपायुक्त राजेश डागा ने तो साफ कर दिया कि कुछ भी हो जाए, राकेश व्यास को न तो हटाया जाएगा और न ही निलंबित किया जाएगा। जो कार्रवाई की गई थी, वह सही है।
शिकायत पर हटाए गए थे अतिक्रमण
अतिक्रमण विरोधी दस्ता प्रभारी राकेश व्यास ने अपनी टीम के साथ सुगम पोर्टल पर शिकायत और उपायुक्त राजेश डागा के कहने पर गुरुवार को राजीवगांधीनगर में अतिक्रमण हटाए थे। उस समय नेताअों के कहने पर उन्होंने कुछ गुमटियों काे छोड़ दिया था, लेकिन बाद में दबाव को देखते हुए सभी को तोड़ दिया गया। एक गुमटी वाले को सामान निकालने के लिए समय दिया गया था, उसने सामान नहीं निकाला तो रात को उसे तोड़ दिया गया।
मेयर ने मिलाए हंगामा करने वालों से सुर
पूरे मामले में महापौर महेश विजय ने अफसरों का मनोबल बढ़ाने की बजाए हंगामा करने वालों के साथ सुर मिलाया। उन्होंने रात को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को गलत बताया। बोले- कार्रवाई के लिए सुबह तक का समय दिया गया था, लेकिन सुबह तक इंतजार नहीं किया गया। रात में ही अतिक्रमण तोड़ दिया गया, यह गलत है। वैसे अतिक्रमण हटाना सही है।
नहीं लगाई जाएगी गुमटी
अब सभी दुकान वालों को मौके पर जाकर चार फीट के अंदर दुकानें लगाने के लिए कह दिया गया है। वहां बने नाले का ढकान करवाकर उन्हें जगह दी जाएगी, लेकिन वे केवल अस्थाई रूप से ही वहां दुकानें लगा सकेंगे। कोई गुमटी या अन्य दुकान नहीं लगाई जा सकेगी। इसके अलावा समय देकर ही अतिक्रमियों को हटाया जाएगा।
कोई गलत काम नहीं किया
प्रदर्शनकारी जब महापौर के कक्ष में पहुंचे तो आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते को वहां बुलाकर व्यास को निलंबित करने के आदेश जारी करने की मांग करने लगे। महापौर ने उनसे आयुक्त कक्ष में जाकर बात करने के लिए कहा तो वे नहीं गए और जिद करने लगे कि आयुक्त को नीचे बुलाओ।
आयुक्त को नीचे आने के लिए कह दिया
महापौर ने भी उनके कहने पर आयुक्त को नीचे आने के लिए कह दिया। आयुक्त ने इसके लिए पहले उपायुक्त अशोक त्यागी को कहा तो त्यागी ने क्षेत्र उपायुक्त राजेश डागा का होने के कारण उन्हें महापौर कक्ष में जाने के लिए कहा। डागा महापौर कक्ष में पहुंचे और साफ कह दिया राकेश व्यास ने कोई गलत काम नहीं किया। अतिक्रमियों को पहले सूचना दी गई, समय दिया गया, इसके बाद हटाया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए महापौर ने ही कहा है। इस प्रकार से दबाव बनाने से किसी अधिकारी को नहीं हटाया जाएगा।
बंद कर देंगे मार्केट
इधर, शहर के चार प्रमुख बाजार स्वर्ण-रजत, न्यू सर्राफा, न्यू क्लॉथ मार्केट एवं जीएमए प्लाजा बाजार के व्यापारी अतिक्रमण से परेशान हैं। स्वर्ण-रजत कला उत्थान समिति ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो वे अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर देंगे।
कबाड़ बीनने वालों ने अतिक्रमण किया है
समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार सोनी ने बताया कि स्वर्ण-रजत मार्केट, बड़ा सर्राफा, जेपी मार्केट एवं मोहन टॉकीज तक पूरा रास्ता अतिक्रमण और गंदगी से अटा पड़ा है। मार्केट के पास कच्ची बस्ती एवं झुग्गी झोंपड़ियां और कबाड़ बीनने वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। जिससे दिन पर वहां गंदगी व्याप्त रहती है। यह नगर निगम की बेशकीमती सरकारी भूमि है।
नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा
इसके बावजूद नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। कई बार इसके लिए अधिकारियों से मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि मार्केट के पास खटारा एवं बंद पड़ी बसें, टेंपो एवं प्राइवेट बस वालों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जिसके कारण बाजार में वाहन लेकर आने से भी ग्राहक घबराते हैं। इस मामले में समिति ने नगर निगम के अतिक्रमण अधिकारी, उपाधीक्षक यातायात, कलेक्टर, महापौर, स्वास्थ्य अधिकारी, निगम अतिक्रमण अध्यक्ष और नगर निगम आयुक्त को लिखित में ज्ञापन दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारी यह भी कहते हैं कि उनकी जानकारी में है। जानकारी में है तो वे कार्रवाई क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि ज्ञापन और अनुरोध कर-करके वे परेशान हो चुके हैं।

Related posts

Comments Overview

2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked

Refresh