गोली मारकर युवक की दिनदहाड़े हत्या, खूनी हुआ तेल चोरी का खेल

गोली मारकर युवक की दिनदहाड़े हत्या, खूनी हुआ तेल चोरी का खेल

गोली मारकर युवक की दिनदहाड़े हत्या, खूनी हुआ तेल चोरी का खेल

ब्रजेशपुरा ताथेड़ स्थित तेल डिपो पर तेल के चोरी का काला कारोबार अब खूनी संघर्ष में बदल गया है। गुरुवार को तेल चोरी करने के आरोपी वीरेंद्र त्रिपाठी उर्फ नीटू की हनुमतखेड़ा गांव में दिनदहाड़े कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। नीटू के साथ बैठा दूसरा व्यक्ति मर्डर के बाद फरार है। नीटू पर दिसंबर 2015 में भी कैथून में फायरिंग हुई थी, जिसके नामजद आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
बोरखेड़ा पुलिस ने हत्यारों की तलाश में टीमें रवाना कर दी हैं।
एएसपी अनंत कुमार ने बताया कि निधि विहार कॉलोनी, रायपुरा निवासी वीरेंद्र उर्फ नीटू त्रिपाठी (25) पुत्र रामेश्वर की गुरुवार दोपहर हनुमतखेड़ा स्थित एक प्लॉट पर कुछ लोगों ने फायरिंग कर हत्या कर दी। जिस समय फायरिंग हुई वहां उसका दोस्त पप्पू भी था। घटना के बाद से वो फरार है। फायरिंग में एक गोली उसके सिर और दूसरी कमर में लगी है। एमबीएस अस्पताल तक पहुंचने के पहले ही नीटू ने दम तोड़ दिया। इधर, पोस्टमार्टम पर आक्रोशित परिजनों ने पुराने मामले में कैथून पुलिस व राजनेताओं पर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। शुक्रवार को नीटू का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। सीआई लोकेंद्र पालीवाल ने बताया कि जिस समय वारदात हुई नीटू और पप्पू तेल चोरी कर रहे थे। इसकी पुष्टि की जा रही है।
किसी भी पल हो सकते हैं दो जने गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक नीटू पर 28 दिसंबर 2015 को दो लोगों ने 17 हजार रुपयों के लेन-देन को लेकर फायरिंग की थी। इसमें पुलिस ने टैंकर ड्राइवर यूनियन के पूर्व सदस्य रमेश गुर्जर और सूरज माली को नामजद किया था। पुलिस की शक की सुई अब इस मामले में भी इन दोनों की तरफ घूम गई है। पुलिस किसी भी समय दोनों को गिरफ्तार कर सकती है।
भास्कर इन्वेस्टिगेशन: खूनी संघर्ष में बदला तेल का खेल
चोरी: अक्टूबर 2013, मार्च 2015 और अगस्त 2015 में कैथून थाने में तेल चोरी के संबंध में जो मुकदमे दर्ज किए गए उनमें मृतक वीरेंद्र त्रिपाठी उर्फ नीटू , राजेन्द्र बैरवा, सोनू उर्फ प्रवीण, रमेश गुर्जर व अन्य गिरफ्तार हुए।

मारपीट:मार्च 2015 में डिपो इंचार्ज एनडी अग्रवाल के साथ टैंकर ड्राइवर रमेश गुर्जर ने मारपीट की। पूरे इलाके में तेल के खेल की चर्चाएं होने लगीं।
फायरिंग: दिसंबर 2015 में मृतक नीटू पर ताथेड़ डिपो के पास फायरिंग हुई। फायरिंग में नीटू बाल-बाल बचा।
तेल चोरी के दो तरीके
-जिन टैंकरों में तेल भरा होता है, उन पर सुरक्षा की दृष्टि से जर्मनी के विशेष ताले लगे होते हैं। माफिया गिरोह ने तालों की डुप्लीकेट चाबियां बनवा रखी हैं। ऑयल डिपो से पेट्रोल पंप के बीच माफिया गिराेह टैंकर खोलकर 40 से 50 लीटर तक तेल चोरी करता है।
-तेल नापने के पैरामीटर (रॉड) में गड़बड़ी होती है। पंप पर टैंकर खाली करने के बाद भी उसमें कुछ तेल बच जाता है। रास्ते में टैंकर के अंदर स्पंज से तेल चोरी करते हैं।

Related posts

Comments Overview

2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked

Refresh