काॅउ कैचर में फिर फंसा महिला का पैर, डेढ़ घंटे बाद रॉड को काटकर निकाला

काॅउ कैचर में फिर फंसा महिला का पैर, डेढ़ घंटे बाद रॉड को काटकर निकाला

काॅउ कैचर में फिर फंसा महिला का पैर, डेढ़ घंटे बाद रॉड को काटकर निकाला


रिश्तेदार से आई थी मिलने
सुबह करीब 11 बजे दुर्गा बस्ती की रहने वाले किशन बंगाली की पत्नी ललिता अपनी देवरानी से मिलने जेकेलोन आई थी। देवरानी के बेटी हुई है और वह अस्पताल में भर्ती है। जैसे, ही वह गेट से गुजर रही तो एक पैर काॅउ कैचर में फंस गया। ललिता ने पहले तो खुद ही निकालने की कोशिश की और नहीं निकला तो उसने रोना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में काफी भीड़ जमा हो गई।
लोहे की रॉड काटी गई
सूचना पर नयापुरा पुलिस व अस्पताल के सिक्योरिटी इंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पहले बाम वगैरह लगाकर पैर को निकालने का प्रयास किया, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो कटर मंगवाया गया। इलेक्ट्रिक कटर से काॅउ कैचर की एक लोहे की रॉड काटी गई और उसे सरिए से ऊपर कर पैर निकाला जा सका। इस दौरान लोगों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी दिखी।
फिर भी नहीं लिया सबक
इसी काॅउ कैचर में 27 नवंबर, 2015 को मरजीना नाम की महिला का पैर फंस गया था। करीब 4 घंटे तक उसका पैर फंसा रहा था और कड़ी मशक्कत के बाद पैर निकाला जा सका था। उसका बेटा जेकेलोन अस्पताल में भर्ती था।
कलेक्ट्रेट में हुआ सुधार
ऐसी ही घटनाएं कलेक्ट्रेट के काॅउ कैचर में भी बार-बार हो रही थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने काॅउ कैचर के बीच-बीच की जगह में आड़े सरिए लगवाए, जिससे उनमें गैप काफी कम हो गया। अब वहां ऐसी घटनाएं नहीं हो रही है।
काॅउ कैचर नगर निगम ने लगाया था
 

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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