गोरक्षा आंदोलन की स्वर्ण जयंती पर 8 से 16 अप्रैल तक पथमेड़ा (सिरोही) में देश का पहला गोकृपा महोत्सव होगा। गोरक्षा के लिए इस अनूठे रचनात्मक आंदोलन में देशभर के संत, गो वैज्ञानिक और कला-संस्कृति से जुड़े विद्वान शामिल होंगे। ये जानकारी पथमेड़ा गोधाम के बाल व्यास राधाकृष्ण महाराज ने दी।
उन्होंने बताया कि 50 साल पहले गोरक्षा आंदोलन के शहीद गो भक्तों को भावांजलि दी जाएगी तथा देश में गो रक्षा का सकंल्प लिया जाएगा। महाराज ने बताया कि रचनात्मक आंदोलन तीन चरण में होगा। पहले चरण में देशभर के 1008 ब्राह्मण गायों के बीच भागवत का ब्रह्मनाद एवं संकीर्तन करेंगे। दूसरे चरण में देश भर के सभी धर्म, संप्रदाय, समाजों के साधु-संत, आचार्य भाग लेंगे। वो गोमाता के प्रति अपना दृष्टिकोण व्यक्त करेंगे। यहां देश भर के 100 प्रमुख संत सहित 2 से तीन हजार साधु-संत मौजूद शामिल होंगे।
तीसरे चरण में सांस्कृतिक और कला की प्रस्तुतियां होंगी। देश के विभिन्न प्रांतों के कला संस्कृति की प्रस्तुतियां होगी। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन तथा भजन महोत्सव होगा। उन्होंने बताया कि पथमेड़ा में 8 गायों से सेवा शुरू हुई थी। आज यहां कुल 1 लाख 28 हजार गोवंश हैं। देश की प्रथम नंदीशाला है। महाराज ने कहा कि राज्य सरकार घोषणा पत्र में गोशालाओं को अनुदान देने सहित अन्य की मांग की है। महाराज ने बताया कि गोमूत्र अर्क से कई गंभीर बीमारियों में इलाज होता है।
देशी गाय के दूध से बढ़ती है एकाग्रता
वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, भारतीय नस्ल की गाय का दूध ए-2 टाइप का होता है, जो पीने में बहुत फायदेमंद है। देशी गाय का दूध पीने से बच्चों की बुद्धि तेज होती है और एकाग्रता बढ़ती है। महाराज ने बताया कि घरों से सब्जियों और खाद्य पदार्थों को प्लास्टिक की थैलियों में भरकर बाहर फेंकने पर वे गायों पेट में जाकर जमा हो जाती हैं। बेहतर होगा कि घरों से कपड़े या कागज की थैली लेकर मार्केट में निकलें।
उन्होंने बताया कि 50 साल पहले गोरक्षा आंदोलन के शहीद गो भक्तों को भावांजलि दी जाएगी तथा देश में गो रक्षा का सकंल्प लिया जाएगा। महाराज ने बताया कि रचनात्मक आंदोलन तीन चरण में होगा। पहले चरण में देशभर के 1008 ब्राह्मण गायों के बीच भागवत का ब्रह्मनाद एवं संकीर्तन करेंगे। दूसरे चरण में देश भर के सभी धर्म, संप्रदाय, समाजों के साधु-संत, आचार्य भाग लेंगे। वो गोमाता के प्रति अपना दृष्टिकोण व्यक्त करेंगे। यहां देश भर के 100 प्रमुख संत सहित 2 से तीन हजार साधु-संत मौजूद शामिल होंगे।
तीसरे चरण में सांस्कृतिक और कला की प्रस्तुतियां होंगी। देश के विभिन्न प्रांतों के कला संस्कृति की प्रस्तुतियां होगी। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन तथा भजन महोत्सव होगा। उन्होंने बताया कि पथमेड़ा में 8 गायों से सेवा शुरू हुई थी। आज यहां कुल 1 लाख 28 हजार गोवंश हैं। देश की प्रथम नंदीशाला है। महाराज ने कहा कि राज्य सरकार घोषणा पत्र में गोशालाओं को अनुदान देने सहित अन्य की मांग की है। महाराज ने बताया कि गोमूत्र अर्क से कई गंभीर बीमारियों में इलाज होता है।
देशी गाय के दूध से बढ़ती है एकाग्रता
वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, भारतीय नस्ल की गाय का दूध ए-2 टाइप का होता है, जो पीने में बहुत फायदेमंद है। देशी गाय का दूध पीने से बच्चों की बुद्धि तेज होती है और एकाग्रता बढ़ती है। महाराज ने बताया कि घरों से सब्जियों और खाद्य पदार्थों को प्लास्टिक की थैलियों में भरकर बाहर फेंकने पर वे गायों पेट में जाकर जमा हो जाती हैं। बेहतर होगा कि घरों से कपड़े या कागज की थैली लेकर मार्केट में निकलें।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai