कोटा सीएमएचओ की कुर्सी को लेकर बुधवार को एक बार फिर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। पूर्व सीएमएचओ डॉ. आरएन यादव हाईकोर्ट व डायरेक्टर के ऑर्डर लेकर बुधवार दोपहर ज्वॉइन करने पहुंच गए।
इन आदेशों में निदेशक ने निर्देशित किया है कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना में डॉ. यादव को कोटा सीएमएचओ पद पर कार्य करने दिया जाए। ज्वॉइनिंग के बाद जब चार्ज लेने की बारी आई तो मौजूदा सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने निदेशालय के निर्देश के बाद ही चार्ज देने की बात कही।
दोनों सीएमएचओ चैंबर में ही बैठे रहे। इसी दौरान डॉ. नरेंद्र नागर बतौर सीएमएचओ जिला परिषद में फुलवारी कार्यक्रम की बैठक में भाग लेने चले गए और डॉ. यादव भी बतौर सीएमएचओ निरीक्षण करने नयागांव शहरी डिस्पेंसरी पहुंच गए। डॉ. यादव ने अपनी ज्वॉइनिंग रिपोर्ट भी भेज दी।
पहले भी होते रहे हैं विवाद
विधायक प्रहलाद गुंजल का ऑडियो वायरल होने के बाद डॉ. यादव को 30 जून को बारां जिला अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया था। इस आदेश पर वे ट्रिब्यूनल से स्टे ले आए थे और 25 जुलाई को बतौर कोटा सीएमएचओ ज्वॉइन करने पहुंचे थे। तब भी विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि ज्वॉइनिंग के 3 दिन बाद ही 27 जुलाई को सरकार ने उन्हें निदेशालय के लिए एपीओ कर दिया था। चार माह एपीओ रहने के बाद 10 नवंबर को उन्हें बूंदी जिला अस्पताल में लगाया गया था, इस पर डॉ. यादव 18 दिसंबर को हाईकोर्ट से स्टे ले आए। कोर्ट ने यह निर्देश भी दिए कि उन्हें पूर्व की तरह कार्य संपादित करने दिया जाए। हाईकोर्ट के आदेश की पालना में निदेशक ने उन्हें ज्वॉइन करने की अनुमति दे दी। करीब ढाई साल पहले तब के सीएमएचओ डॉ. गजेंद्र सिंह सिसौदिया स्टे ले आए थे। बाद में निदेशक के दखल पर उन्हें निदेशालय में ज्वॉइन कराया गया था।
- डायरेक्टर के आदेश में स्पष्ट है कि मुझे पहले की भांति कोटा सीएमएचओ का कार्य संपादित करना है। इसी की पालना में ज्वॉइन करने आया हूं। ज्वॉइन कर लिया, अब चार्ज ले लूंगा। सोमवार को यदि चार्ज नहीं दिया जाता तो खुद कार्यभार संभाल लूंगा। - डॉ. आरएन यादव
- मैंने निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा है। इस आदेश में मेरे लिए तो कुछ नहीं कहा गया है। मुझे सरकार ने कोटा सीएमएचओ लगा रखा था और अभी भी हूं। मुझे तो नहीं हटाया। बाद में जैसा मार्गदर्शन मिलेगा, वैसा काम करेंगे। - डॉ. नरेंद्र नागर
इन आदेशों में निदेशक ने निर्देशित किया है कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना में डॉ. यादव को कोटा सीएमएचओ पद पर कार्य करने दिया जाए। ज्वॉइनिंग के बाद जब चार्ज लेने की बारी आई तो मौजूदा सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने निदेशालय के निर्देश के बाद ही चार्ज देने की बात कही।
दोनों सीएमएचओ चैंबर में ही बैठे रहे। इसी दौरान डॉ. नरेंद्र नागर बतौर सीएमएचओ जिला परिषद में फुलवारी कार्यक्रम की बैठक में भाग लेने चले गए और डॉ. यादव भी बतौर सीएमएचओ निरीक्षण करने नयागांव शहरी डिस्पेंसरी पहुंच गए। डॉ. यादव ने अपनी ज्वॉइनिंग रिपोर्ट भी भेज दी।
पहले भी होते रहे हैं विवाद
विधायक प्रहलाद गुंजल का ऑडियो वायरल होने के बाद डॉ. यादव को 30 जून को बारां जिला अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया था। इस आदेश पर वे ट्रिब्यूनल से स्टे ले आए थे और 25 जुलाई को बतौर कोटा सीएमएचओ ज्वॉइन करने पहुंचे थे। तब भी विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि ज्वॉइनिंग के 3 दिन बाद ही 27 जुलाई को सरकार ने उन्हें निदेशालय के लिए एपीओ कर दिया था। चार माह एपीओ रहने के बाद 10 नवंबर को उन्हें बूंदी जिला अस्पताल में लगाया गया था, इस पर डॉ. यादव 18 दिसंबर को हाईकोर्ट से स्टे ले आए। कोर्ट ने यह निर्देश भी दिए कि उन्हें पूर्व की तरह कार्य संपादित करने दिया जाए। हाईकोर्ट के आदेश की पालना में निदेशक ने उन्हें ज्वॉइन करने की अनुमति दे दी। करीब ढाई साल पहले तब के सीएमएचओ डॉ. गजेंद्र सिंह सिसौदिया स्टे ले आए थे। बाद में निदेशक के दखल पर उन्हें निदेशालय में ज्वॉइन कराया गया था।
- डायरेक्टर के आदेश में स्पष्ट है कि मुझे पहले की भांति कोटा सीएमएचओ का कार्य संपादित करना है। इसी की पालना में ज्वॉइन करने आया हूं। ज्वॉइन कर लिया, अब चार्ज ले लूंगा। सोमवार को यदि चार्ज नहीं दिया जाता तो खुद कार्यभार संभाल लूंगा। - डॉ. आरएन यादव
- मैंने निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा है। इस आदेश में मेरे लिए तो कुछ नहीं कहा गया है। मुझे सरकार ने कोटा सीएमएचओ लगा रखा था और अभी भी हूं। मुझे तो नहीं हटाया। बाद में जैसा मार्गदर्शन मिलेगा, वैसा काम करेंगे। - डॉ. नरेंद्र नागर
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai