शहर में भास्कर की पहल पर पॉलीथीन के उपयोग के खिलाफ चल रहे अभियान को अब प्रशासन ने भी अपने हाथ में ले लिया है। कलेक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने गुरुवार को अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि पॉलीथीन का उपयोग करने व बेचने वालों के खिलाफ सख्ती करो। यदि इसमें कोई दबाव या बाधा डालता है तो उसके खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवाओ। जिस रास्ते यह आ रही है, बस स्टैंड व रेलवे पर सीआईडी इंटेलीजेंस की तरह नजर रखो। अब सौ-दो सौ किलो पॉलीथीन जब्त करने से काम नहीं चलने वाला। गुरुवार को शाम शहर में पॉलिथीन के उपयोग व प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई की उन्होंने समीक्षा की। प्रशासन की चारों टीमों के प्रतिनिधि इसमें पहुंचे। तहसीलदार मोहम्मद ताहिर, गजेंद्र सिंह, बद्रीलाल राठौड़ व यूआईटी के जेईएन ने अभी तक की कार्रवाई से अवगत करवाया।
पॉलीथीन का कोई उपयोग करता है तो 0744-2325342 पर दें सूचना
कलेक्टर ने पॉलीथीन के बारे में सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया है। यह 0744-2325342 है, इस पर कोई भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने सीएमएचओ को मेडिकल स्टोर व अस्पताल के आसपास जांच करने के लिए कहा।
बेचने व उपयोग करने वालों को पकड़ें तो बंद होगा कारोबार
जब तहसीलदारों ने पॉलीथीन की फैक्ट्रियां बंद कराने की बात कही तो कलेक्टर बोले, आप उल्टा चलें। जो इसका उपयोग कर रहा है या बेच रहा है, उसे पकड़ें। उससे पूछें कि वह पॉलीथीन कहां से लाया। इस प्रकार इसे बेचने व उपयोग करने वालों पर पाबंदी लगेगी। जब इसका उपयोग ही नहीं होगा तो पॉलीथीन बनाने वाला इसका क्या करेगा।
हर दिन चलेगा अभियान:
कलेक्टर ने कहा कि प्लास्टिक कैरीबैग की रोकथाम के लिए अब प्रशासन हर दिन अभियान चलाएगा। अवकाश के दिन सभी विभागों के अधिकारी टीम बनाकर कैरीबैग जब्ती की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि कोटा जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाना हम सब का ध्येय है।
छुट्टी के दिन सभी प्रशासनिक अधिकारी करेंगे कार्रवाई
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों को आदेश दिए कि वे शनिवार व रविवार को सुबह या शाम को बाजारों में पॉलीथीन की जांच करें। यह काम केवल चार टीमों का ही नहीं बल्कि हर अधिकारी का है। उन्होंने नगर निगम की ओर से सहयोग नहीं मिलने पर उपायुक्तों के सामने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा के अंबेडकर भवन में तहसीलदार खुद जाते हैं, लेकिन वहां पॉलीथीन रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इसे ठीक किया जाए। इसके साथ ही यूआईटी तहसीलदार के साथ जाप्ता नहीं जाने पर नाराजगी प्रकट की।
मेडिकल स्टोर और मेस पर भी कार्रवाई करें
चार टीमों की ओर से दिए गए फीडबैक से कलेक्टर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर पर दवाएं पॉलीथीन में दी जाती हैं। अस्पताल की कैंटीन में इसका उपयोग हा़े रहा है। मेस व कोचिंग में भी इसका उपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए क्या किया है। नॉन वेज की दुकानों पर भी थैलियों का उपयोग हो रहा है। इनके द्वारा जो मलबा फेंका जाता है, उसमें पॉलीथीन निकल रही है। इसलिए इनके खिलाफ भी कार्रवाई और जांच की जाए।
अपील: घर से बैग लेकर निकलें
कलेक्टर ने शहरवासियों से भी आग्रह किया है कि वे घर से निकलें तो सामान लेने के लिए थैला लेकर जाएं, गृहणियों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
पॉलीथीन का कोई उपयोग करता है तो 0744-2325342 पर दें सूचना
कलेक्टर ने पॉलीथीन के बारे में सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया है। यह 0744-2325342 है, इस पर कोई भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने सीएमएचओ को मेडिकल स्टोर व अस्पताल के आसपास जांच करने के लिए कहा।
बेचने व उपयोग करने वालों को पकड़ें तो बंद होगा कारोबार
जब तहसीलदारों ने पॉलीथीन की फैक्ट्रियां बंद कराने की बात कही तो कलेक्टर बोले, आप उल्टा चलें। जो इसका उपयोग कर रहा है या बेच रहा है, उसे पकड़ें। उससे पूछें कि वह पॉलीथीन कहां से लाया। इस प्रकार इसे बेचने व उपयोग करने वालों पर पाबंदी लगेगी। जब इसका उपयोग ही नहीं होगा तो पॉलीथीन बनाने वाला इसका क्या करेगा।
हर दिन चलेगा अभियान:
कलेक्टर ने कहा कि प्लास्टिक कैरीबैग की रोकथाम के लिए अब प्रशासन हर दिन अभियान चलाएगा। अवकाश के दिन सभी विभागों के अधिकारी टीम बनाकर कैरीबैग जब्ती की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि कोटा जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाना हम सब का ध्येय है।
छुट्टी के दिन सभी प्रशासनिक अधिकारी करेंगे कार्रवाई
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों को आदेश दिए कि वे शनिवार व रविवार को सुबह या शाम को बाजारों में पॉलीथीन की जांच करें। यह काम केवल चार टीमों का ही नहीं बल्कि हर अधिकारी का है। उन्होंने नगर निगम की ओर से सहयोग नहीं मिलने पर उपायुक्तों के सामने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा के अंबेडकर भवन में तहसीलदार खुद जाते हैं, लेकिन वहां पॉलीथीन रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इसे ठीक किया जाए। इसके साथ ही यूआईटी तहसीलदार के साथ जाप्ता नहीं जाने पर नाराजगी प्रकट की।
मेडिकल स्टोर और मेस पर भी कार्रवाई करें
चार टीमों की ओर से दिए गए फीडबैक से कलेक्टर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर पर दवाएं पॉलीथीन में दी जाती हैं। अस्पताल की कैंटीन में इसका उपयोग हा़े रहा है। मेस व कोचिंग में भी इसका उपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए क्या किया है। नॉन वेज की दुकानों पर भी थैलियों का उपयोग हो रहा है। इनके द्वारा जो मलबा फेंका जाता है, उसमें पॉलीथीन निकल रही है। इसलिए इनके खिलाफ भी कार्रवाई और जांच की जाए।
अपील: घर से बैग लेकर निकलें
कलेक्टर ने शहरवासियों से भी आग्रह किया है कि वे घर से निकलें तो सामान लेने के लिए थैला लेकर जाएं, गृहणियों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai