हमारा प्रदेश 11 महीने पहले तक पॉलीथिन की समस्या से जूझ रहा था। भास्कर ने वहां लगातार अभियान चलाया तो हमने पॉलीथिन को प्रतिबंधित कर दिया। लगातार जागृति अभियान चलाए, तब जाकर इससे मुक्ति मिली। आज रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के सभी बड़े शहर पॉलीथिन फ्री हो गए हैं। इससे 60% कचरे में कमी आई। कोटा के लोगों से मेरा यही कहना है कि हम तो पॉलीथिन बंद करके सुखी हो गए, आप भी इसे बंद करने के लिए जुटे रहें। यह कहना है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमनसिंह का। सिंह निजी प्रवास पर बुधवार को कोटा आए थे।
सिंह बोले: भास्कर को बधाई के साथ शुभकामनाएं
- बंद करने के लिए क्या योजना काम में ली?
सीएम- पॉलीथिन का प्रोडक्शन बंद किया, फिर लगातार मॉनीटरिंग की गई। पॉलीथिन बनाने से लेकर बेचने वालों पर कार्रवाई की गई।
- क्या इससे पूरी तरह सफलता मिली?
सीएम- इस सरकारी व्यवस्था के अलावा बड़ा रोल जनजागृति का भी है। पॉलीथिन के खिलाफ लगातार जागरूकता बढ़ाई। इसके लिए स्कूल कॉलेज, सामाजिक संस्थाओं की मदद से जागरूकता कार्यक्रम चलाए। लोगों को इसके नुकसान के बारे में बताया तो लोगों ने खुद ही इसका उपयोग करना और फेंकना कम कर दिया। आपका शहर तो शिक्षा नगरी है, यहां तो काफी स्टूडेंट्स हैं।
- पॉलीथिन बंद करने का क्या लाभ मिला?
सीएम- लाभ ही लाभ है। रायपुर में पॉलीथिन बंद करने के बाद सफाई नजर आने लगी। 60 प्रतिशत कचरा तो पॉलीथिन का ही था। इसके अलावा बड़ा लाभ ये रहा कि ड्रेनेज की समस्या का स्थायी समाधान हो गया। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठीक हो गया। पर्यावरण को भी लाभ मिला है।
बेटे की शादी में नो पॉलीथिन का संकल्प
अभियान से प्रेरित होकर सती चबूतरा निवासी कांट्रेक्टर देवकीनंदन सोनी 13 दिसंबर को होने वाली बेटे की शादी में पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। मेहमानों को बैनर के माध्यम से इसका इस्तेमाल नहीं करने का संदेश भी देंगे। शादी में प्लास्टिक डिस्पोजल की जगह कागज के कप काम में लिए जाएंगे। पॉलीथिन नजर आई तो एकत्रित कर डिस्पोज करवाएंगे।
पॉलीथिन की जगह कपड़े के थैले में बांटे स्वेटर
भारत विकास परिषद प्रताप शाखा की ओर से रामावि पुलिस लाइन स्कूल में 110 छात्र-छात्राओं को पॉलीथिन की बजाय कपड़े के थैलों में स्वेटर बांटे गए। मुख्य अतिथि बृजेश शर्मा नीटू ने कहा कि बच्चों के संस्कारों में शामिल कर शहर को पॉलीथिन से बचा सकते हैं। यहां परिषद की प्रताप शाखा अध्यक्ष सुरेंद्र काकवानी, सचिव रोहित विजय, स्कूल के शिक्षक मौजूद थे।
12 किलो पॉलीथिन जब्त की
डीसीएम-इन्दिरा गांधी नगर में चले सफाई अभियान के साथ पॉलीथिन की जांच और जब्ती भी की गई। निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इन क्षेत्रों में स्थित होटल, रेस्टोरेन्ट व किराना की दुकानों जांच की और लगभग 12 किलो पॉलिथीन जब्त की। इस क्षेत्र में जांच के दौरान कई दुकानों पर पॉलिथीन के स्थान पर कागज व कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल होते पाया गया।
रायपुर में भास्कर अभियान के बाद बंद हुई थी पॉलीथिन
भास्कर द्वारा रायपुर से शुरू कर पूरे छत्तीसगढ़ में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाया गया। लगातार खबरों और जागृति कार्यक्रम के माध्यम से इसके दुष्प्रभाव बताए गए। इसका असर यह हुआ कि सरकार ने पॉलीथिन के नुकसान को देखने हुए प्रतिबंधित कर दिया। अब सरकार द्वारा पॉलीथिन के नुकसान बच्चों को बताने के लिए इसे स्कूलों के सिलेबस में शामिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी सराहा है।
हमारी शुभकामनाएं रायपुर जैसा बने कोटा
मुझे पता चला है कि कोटा में भी भास्कर द्वारा ये अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए भास्कर को शुभकामनाएं। कोटा भी लगभग रायपुर जितना ही बड़ा है। ये शहर भी पॉलीथिन फ्री हो जाए। इसके लिए समय तो लगेगा, लेकिन जनता को जागरूक करना जरूरी है।
सिंह बोले: भास्कर को बधाई के साथ शुभकामनाएं
- बंद करने के लिए क्या योजना काम में ली?
सीएम- पॉलीथिन का प्रोडक्शन बंद किया, फिर लगातार मॉनीटरिंग की गई। पॉलीथिन बनाने से लेकर बेचने वालों पर कार्रवाई की गई।
- क्या इससे पूरी तरह सफलता मिली?
सीएम- इस सरकारी व्यवस्था के अलावा बड़ा रोल जनजागृति का भी है। पॉलीथिन के खिलाफ लगातार जागरूकता बढ़ाई। इसके लिए स्कूल कॉलेज, सामाजिक संस्थाओं की मदद से जागरूकता कार्यक्रम चलाए। लोगों को इसके नुकसान के बारे में बताया तो लोगों ने खुद ही इसका उपयोग करना और फेंकना कम कर दिया। आपका शहर तो शिक्षा नगरी है, यहां तो काफी स्टूडेंट्स हैं।
- पॉलीथिन बंद करने का क्या लाभ मिला?
सीएम- लाभ ही लाभ है। रायपुर में पॉलीथिन बंद करने के बाद सफाई नजर आने लगी। 60 प्रतिशत कचरा तो पॉलीथिन का ही था। इसके अलावा बड़ा लाभ ये रहा कि ड्रेनेज की समस्या का स्थायी समाधान हो गया। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठीक हो गया। पर्यावरण को भी लाभ मिला है।
बेटे की शादी में नो पॉलीथिन का संकल्प
अभियान से प्रेरित होकर सती चबूतरा निवासी कांट्रेक्टर देवकीनंदन सोनी 13 दिसंबर को होने वाली बेटे की शादी में पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। मेहमानों को बैनर के माध्यम से इसका इस्तेमाल नहीं करने का संदेश भी देंगे। शादी में प्लास्टिक डिस्पोजल की जगह कागज के कप काम में लिए जाएंगे। पॉलीथिन नजर आई तो एकत्रित कर डिस्पोज करवाएंगे।
पॉलीथिन की जगह कपड़े के थैले में बांटे स्वेटर
भारत विकास परिषद प्रताप शाखा की ओर से रामावि पुलिस लाइन स्कूल में 110 छात्र-छात्राओं को पॉलीथिन की बजाय कपड़े के थैलों में स्वेटर बांटे गए। मुख्य अतिथि बृजेश शर्मा नीटू ने कहा कि बच्चों के संस्कारों में शामिल कर शहर को पॉलीथिन से बचा सकते हैं। यहां परिषद की प्रताप शाखा अध्यक्ष सुरेंद्र काकवानी, सचिव रोहित विजय, स्कूल के शिक्षक मौजूद थे।
12 किलो पॉलीथिन जब्त की
डीसीएम-इन्दिरा गांधी नगर में चले सफाई अभियान के साथ पॉलीथिन की जांच और जब्ती भी की गई। निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इन क्षेत्रों में स्थित होटल, रेस्टोरेन्ट व किराना की दुकानों जांच की और लगभग 12 किलो पॉलिथीन जब्त की। इस क्षेत्र में जांच के दौरान कई दुकानों पर पॉलिथीन के स्थान पर कागज व कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल होते पाया गया।
रायपुर में भास्कर अभियान के बाद बंद हुई थी पॉलीथिन
भास्कर द्वारा रायपुर से शुरू कर पूरे छत्तीसगढ़ में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाया गया। लगातार खबरों और जागृति कार्यक्रम के माध्यम से इसके दुष्प्रभाव बताए गए। इसका असर यह हुआ कि सरकार ने पॉलीथिन के नुकसान को देखने हुए प्रतिबंधित कर दिया। अब सरकार द्वारा पॉलीथिन के नुकसान बच्चों को बताने के लिए इसे स्कूलों के सिलेबस में शामिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी सराहा है।
हमारी शुभकामनाएं रायपुर जैसा बने कोटा
मुझे पता चला है कि कोटा में भी भास्कर द्वारा ये अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए भास्कर को शुभकामनाएं। कोटा भी लगभग रायपुर जितना ही बड़ा है। ये शहर भी पॉलीथिन फ्री हो जाए। इसके लिए समय तो लगेगा, लेकिन जनता को जागरूक करना जरूरी है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai