शहर में नई बनी कॉलोनियों में खाली भूखंड कचरा पात्र बनकर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। ऐसे भूखंडों का पालिका की ओर से मंगलवार से सर्वे करवाया जाएगा। तय समय में इन भूखंडों पर निर्माण कार्य या चारदीवारी नहीं कराने पर पालिका इनके पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई करेगी।
अाबादी बढ़ने के साथ ही शहर का भी विकास होता चला गया। इसके चलते शहर में कई नई कॉलोनियां काटी गई। अधिकांश कॉलोनियां प्राइवेट कॉलोनाइजर्स ने काटी। इन कॉलोनियों में कई लोगों ने इन्वेस्टमेंट के लिए प्लाट लेकर छोड़ दिए। ऐसे में अधिकांश काॅलोनियों की स्थिति अर्द्ध विकसित सी हो गई है। हालात यह हैं कि कॉलोनियों में मकानों से ज्यादा प्लाट खाली पड़े हैं। इन भूखंडों में कचरा जमा होने से लगातार गंदगी बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह भूखंड कचरा पात्र बनकर रह गए हैं। कई भूखंडों में आसपास के मकानों नालियों का पानी जमा हो रहा है। इस कीचड़ गंदगी में मच्छर पनप रहे हैं। इससे आसपास रहने वालों को बीमारियों का अंदेशा बना रहता है। नगरपालिका चुनाव में भी यह मुद्दा उठा। शहरवासियों की इस समस्या से निजात के लिए नगरपालिका ने पहल की। पालिकाध्यक्ष हेमलता शर्मा उपाध्यक्ष ओम गुर्जर ने इस संबंध में पार्षदों अधिकारियों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई। इसके तहत पूर्व में सार्वजनिक सूचना जारी की गई। इसमें सभी खाली भूखंड मालिकों के 31 दिसंबर तक अपने-अपने भूखंड पर निर्माण कार्य शुरू करने या चारदीवारी करने को कहा गया था। इसका अभी तक कोई असर नहीं हुआ। अब पालिका ने खाली भूखंडों का सर्वे कर नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मंगलवार से शहर में खाली पड़े भूखंडों का सर्वे किया जाएगा। इसके आधार पर भूखंड मालिक को नोटिस देकर निर्माण की समय सीमा तय की जाएगी। इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं कराने वालों के पट्टे पालिका निरस्त कर देंगी।
बारिश में बन जाते हैं तालाब
खाली भूखंड बारिश में और समस्या बढ़ाते हैं। बारिश में यह भूखंड पानी जमा होने से छोटे-छोटे तालाब बन जाते हैं। बारिश के बाद इनमें महीनों तक गंदा पानी भरा रहता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं।
भूखंड की चारदीवारी और समतलीकरण आवश्यक
पालिकाध्यक्षहेमलता शर्मा उपाध्यक्ष ओम गुर्जर का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए यह कदम आवश्यक है। इसके तहत सभी खाली भूखंडों को रोड लेवल तक समतल कराना होगा, ताकि उनमें बारिश का पानी जमा नहीं हो। साथ ही भूखंड मालिक या तो मकान का निर्माण करवाए या फिर उस भूखंड की चारदीवारी करवाए, ताकि गंदगी फैले। इसके लिए खाली भूखंडों के मालिकों को नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद भी निर्माण नहीं कराने पर पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
अाबादी बढ़ने के साथ ही शहर का भी विकास होता चला गया। इसके चलते शहर में कई नई कॉलोनियां काटी गई। अधिकांश कॉलोनियां प्राइवेट कॉलोनाइजर्स ने काटी। इन कॉलोनियों में कई लोगों ने इन्वेस्टमेंट के लिए प्लाट लेकर छोड़ दिए। ऐसे में अधिकांश काॅलोनियों की स्थिति अर्द्ध विकसित सी हो गई है। हालात यह हैं कि कॉलोनियों में मकानों से ज्यादा प्लाट खाली पड़े हैं। इन भूखंडों में कचरा जमा होने से लगातार गंदगी बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह भूखंड कचरा पात्र बनकर रह गए हैं। कई भूखंडों में आसपास के मकानों नालियों का पानी जमा हो रहा है। इस कीचड़ गंदगी में मच्छर पनप रहे हैं। इससे आसपास रहने वालों को बीमारियों का अंदेशा बना रहता है। नगरपालिका चुनाव में भी यह मुद्दा उठा। शहरवासियों की इस समस्या से निजात के लिए नगरपालिका ने पहल की। पालिकाध्यक्ष हेमलता शर्मा उपाध्यक्ष ओम गुर्जर ने इस संबंध में पार्षदों अधिकारियों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई। इसके तहत पूर्व में सार्वजनिक सूचना जारी की गई। इसमें सभी खाली भूखंड मालिकों के 31 दिसंबर तक अपने-अपने भूखंड पर निर्माण कार्य शुरू करने या चारदीवारी करने को कहा गया था। इसका अभी तक कोई असर नहीं हुआ। अब पालिका ने खाली भूखंडों का सर्वे कर नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मंगलवार से शहर में खाली पड़े भूखंडों का सर्वे किया जाएगा। इसके आधार पर भूखंड मालिक को नोटिस देकर निर्माण की समय सीमा तय की जाएगी। इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं कराने वालों के पट्टे पालिका निरस्त कर देंगी।
बारिश में बन जाते हैं तालाब
खाली भूखंड बारिश में और समस्या बढ़ाते हैं। बारिश में यह भूखंड पानी जमा होने से छोटे-छोटे तालाब बन जाते हैं। बारिश के बाद इनमें महीनों तक गंदा पानी भरा रहता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं।
भूखंड की चारदीवारी और समतलीकरण आवश्यक
पालिकाध्यक्षहेमलता शर्मा उपाध्यक्ष ओम गुर्जर का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए यह कदम आवश्यक है। इसके तहत सभी खाली भूखंडों को रोड लेवल तक समतल कराना होगा, ताकि उनमें बारिश का पानी जमा नहीं हो। साथ ही भूखंड मालिक या तो मकान का निर्माण करवाए या फिर उस भूखंड की चारदीवारी करवाए, ताकि गंदगी फैले। इसके लिए खाली भूखंडों के मालिकों को नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद भी निर्माण नहीं कराने पर पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
शहर की कई कॉलोनियों में खाली भूखंड कचरा पात्र बने हुए हैं। इनमें गंदगी फैलने से आसपास रहने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai