बिना लॉग बुक व मीटर के ही दौड़ रहे हैं निगम के कचरा उठाने वाले डंपर

बिना लॉग बुक व मीटर के ही दौड़ रहे हैं निगम के कचरा उठाने वाले डंपर

बिना लॉग बुक व मीटर के ही दौड़ रहे हैं निगम के कचरा उठाने वाले डंपर

शहर के वार्डों से कचरा उठाने में ठेकेदारों ट्रैक्टर ट्रॉलियों का भ्रष्टाचार सामने आने के बाद शुक्रवार को भास्कर ने कचरा उठाने में लगे नगर निगम के डंपरों पर छापा मारा तो वहां भी गड़बड़ी मिली। भास्कर टीम ने दूसरे दिन भी दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक ट्रेचिंग ग्राउंड पर छापा मारा तो पता चला कि निगम के डंपर कहां से कचरा उठा रहे हैं और कितना चल रहे हैं इसकी निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी डंपरों के मीटर खराब हैं। निगम के 8 में से 4 डंपर चालकों के पास लॉगबुक ही नहीं मिली। लॉगबुक में किलोमीटर भी अंदाजे से ही भरे जा रहे हैं। डंपर निर्धारित 4 राउंड भी पूरे नहीं कर रहे हैं। कचरा तौलने में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। एक ही डंपर का वजन दो बार तौलने पर अलग-अलग आता है। निगम के पास 8 डंपर हैं और 7 डंपर ठेके पर ले रखे हैं। इन डंपरों को प्रत्येक सेक्टर पर लगाया हुआ है।
लॉगबुक फट गई, रोको मत गाड़ी भी धक्का पलेट है: ट्रेचिंग ग्राउंड पर दोपहर लगभग 1.30 बजे नगर निगम का डंपर आरजे 20-2238 पहुंचा। उसके चालक टीकम से लॉगबुक मांगी तो उसने कहा वो तो फट गई। वाहन का माइलोमीटर चेक किया तो वो बंद पड़ा था। पूछा कि कैसे बताओगे कहां-कहां गए और कितने किलोमीटर चले तो टीकम का कहना था कि शाम को गैराज में जाकर सब भर देंगे। अगला सवाल करने से पहले ही उसने ये कहते हुए गाड़ी दौड़ा दी कि ज्यादा मत रोको, गाड़ी का सेल्फ खराब है, धक्का पलेट गाड़ी है अभी बंद हो जाएगी। भास्कर टीम ने 14 किलोमीटर तक उसका पीछा किया। डंपर नयापुरा चंबल ब्रिज होता हुआ न्यू क्लाथ मार्केट के पीछे सब्जीमंडी पहुंचा। काफी देर तक वहां जेसीबी का इंतजार करता रहा। करीब 4 बजे जेसीबी मशीन आई, एक कचरा प्वाइंट से कचरा उठाया जिससे डंपर आधा भी नहीं भरा। उसे लेकर वो वापस नयापुरा होता हुआ ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए निकल पड़ा। इस दौरान उसने कचरा प्वाइंट पर गाड़ी को बंद किया और वापस सेल्फ से चालू भी किया। इस गाड़ी की गुरुवार की रिपोर्ट निकाली तो पता चला कि उसने 3 ही राउंड लगाए थे।
 
खाली तुलाई करने पर वजन भी आता है अलग-अलग
ट्रेचिंग ग्राउंड पर गाड़ियों को दो बार तौला जाता है। कचरे के साथ आने पर कुल वजन और खाली करने के बाद गाड़ी का वजन दर्ज किया जाता है। दोनों के अंतर को कचरे का वजन माना जाता है। ट्रेचिंग ग्राउंड के रिकॉर्ड के अनुसार एक ही नंबर के खाली ट्रैक्टर और डंपर के वजन में भी अंतर मिला।
 
केस-1: गाड़ी नंबर-आरजे-20-11
26 तारीख के रिकॉर्ड में इस गाड़ी का कचरे समेत वजन 6850 और खाली गाड़ी का वजन 5645 किलो मिला। यानी कचरे का वजन 1205 किलो आया। यही गाड़ी दूसरी पारी में आई तो कुल वजन 7015 आया और खाली वजन 5550 आया। यानि खाली गाड़ी का वजन भी 95 किलो कम हो गया।
 
केस-2: गाड़ी नंबर-आरजे-20-2238
इस डंपर गुरुवार को तीन बार ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचा। पहली बार में खाली डंपर का वजन 6355 किलो आया। दूसरी पारी में इसका वजन 6350 किलो आया। अब तक पांच किलो का ही अंतर आ रहा था। इसी डंपर का तीसरी बार वजन 5500 किलो ही रह गया। पहले और तीसरे राउंड में खाली डंपर के वजन में 855 किलो का अंतर आ गया।
 
2 को छोड़ किसी भी चालक के पास लॉग बुक नहीं मिली
निगम के सभी डंपर की हालत खस्ता है। डीजल टैंक के ढक्कन तो बंद नहीं थे। दो डंपर के ढक्कन ही नहीं था। टोका तो ड्राइवर ने टैंक के मुंह पर पॉलिथीन बांध दी। मीटर भी सभी के खराब थे। 2 को छोड़कर किसी के भी पास लॉगबुक नहीं मिली। जिनके पास थी भी तो उसमें एंट्री नहीं थी।
 
पब्लिक ओपिनियन: सफाई को 1 से ज्यादा अंक नहीं दिए 59.57% ने
शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर निगम का आकलन भास्कर ने जनता से ही करवाया। इसके लिए जनता से निगम को 10 में से अंक देने के लिए कहा गया था। दो दिन में भास्कर के पास 200 से ज्यादा एसएमएस और व्हाट्स एप आए। शहरवासी कितने दुखी हैं ये इस बात से ही पता चलता है कि 59.57 प्रतिशत लोगों ने माइनस 1 से 1 के बीच अंक दिए। सफाई के प्रति लोगों के गुस्से का आलम ये है कि एक व्यक्ति ने 000000...... लगाकर अनंत जीरो नंबर दिए। एक ने 0.0 प्रतिशत नंबर दिए।
 
भ्रष्टाचार रोकना तो दूर उल्टा डरा रहे अधिकारी
भास्कर के खुलासे के बाद भी कार्रवाई करना तो दूर सीएसआई रामभजन ने ट्रेचिंग ग्राउंड के कर्मचारियों को धमकाया कि अब अखबार से कोई भी आए तो जानकारी मत देना। जब भास्कर टीम शुक्रवार को वहां पहुंची तो कर्मचारियों ने जानकारी देने से इंकार कर दिया। निगम सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को भी वहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। सीएसआई रामभजन का कहना है कि मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वो तो मेरे सेक्टर में पड़ता है इसलिए मैं सुबह 9 बजे वहां गया था। एक कर्मचारी नहीं था तो अनुपस्थिति लगा दी। उनसे कर्मचारी का नाम पूछा तो बोले याद नहीं है।
उपमहापौर ने भी माना कि गड़बड़ी तो हो रही है

सफाई समिति की चेयरमैन एवं उपमहापौर सुनीता व्यास भी भास्कर की खबरों से इत्तफाक रखती हैं। उनका कहना है कि हम मानते हैं कि गड़बड़ी हो रही है। ट्रेचिंग ग्राउंड पर तुलाई में गड़बड़ी है। इसे रोकने के लिए हम भी छापा मारकर गड़बड़ी पकड़ेंगे और पेनल्टी लगाएंगे। नए सिरे से पूरा सिस्टम खड़ा करना पड़ेगा। सबसे पहले सड़क किनारे वाले कचरा प्वाइंट को हटाने का काम शुरू कर रहे हैं ताकि सड़कें साफ रहें। सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार तो पहले से हुआ है, लेकिन मैरिज हॉल व मेस से काफी परेशानी है।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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