वर्ल्ड हैरिटेज वीक 19-25 नवंबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान छात्रों को शहर के पुरा स्मारकों की विजिट करवाई जाएगी। वहीं, चंद्रलोई नदी के किनारे स्थित चंद्रेसल मंदिर का निर्माण 9 वीं और 10 वीं सदी में किया गया गया था। मठ के चारों तरफ शिव मंदिर है। यह पंचायती कला में बने हुए हैं, जो वास्तुकला के हिसाब से बेजोड़ है। मंदिर की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है। दुर्लभ मूर्तियां और मंदिर खंडहर हो चुके हैं। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीन इस मंदिर में अभी तक संरक्षण कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। मंदिर में प्राचीन समय से रखा जड़ी-बूटी पीसने का यह लोढ़ा भी लगभग 40 किलो का है।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai