गिरधरपुरा में गुरुवार सुबह नशे में धुत ड्राइवर की लापरवाही से स्कूल बस पलट गई। हादसे में 9 बच्चे घायल हो गए। स्कूल बस में 40 बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि अधिकतर बच्चों को मामूली चोटें आईं, केवल एक बच्चा गंभीर घायल हुआ जिसके दोनों पैर टूट गए। हादसे से पहले बच्चे ड्राइवर से बस धीरे चलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उसने डांट कर बच्चों को चुप करा दिया। बस ड्राइवर फरार है। पुलिस देर रात तक उसकी तलाश में लगी थी। गुरुवार सुबह 7.30 बजे गिरधरपुरा स्थित संदीप पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल की मिनी बस विनायका, देलूंदा व बैरवा बस्ती के बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी।
बच्चों ने बताया कि नशे में चूर बस ड्राइवर सिकंदर बस तेज रफ्तार में लहराकर चला रहा था। डरे-सहमे बच्चों ने ड्राइवर से बस धीरे चलाने को कहा, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। केशवरायपाटन रोड स्थित गिरधरपुरा मोड़ के पहले बस पलट गई। हादसे के बाद राहगीरों और क्षेत्रवासियों ने जैक लगाकर बस को ऊंचा किया और बच्चों को निकालकर एमबीएस और बूंदी रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
ड्राइवर रोज पीता है शराब: हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि देलूंदा गांव में सुबह से ही अवैध शराब बिकती है। ड्राइवर सिकंदर कई बार वहां रुककर शराब पीता था। ग्रामीणों ने मौके पर जब बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने भी इस बात से इनकार नहीं किया। आरोप तो यहां तक है कि बस मिट्टी के तेल से चलती है। हादसे के बाद बस से मिट्टी के तेल की गंध भी आ रही थी।
पैर फ्रैक्चर, मुंह, सिर और हाथों में आई चोटें: एमबीएस और बूंदी बूंदी रोड स्थित निजी अस्पताल में घायल सभी 9 बच्चे दर्द से कराह रहे थे। रोते-बिलखते बच्चों को परिजन हिम्मत देते तो बच्चे चुप हो जाते। हादसे में विनायका निवासी शिवराज बैरवा (20) गंभीर घायल हुआ है। कक्षा 12 में पढ़ने वाले शिवराज के दोनों पैर टूट गए। देलूंदा निवासी 12वीं की छात्रा पूजा प्रजापति व रेखा गुप्ता के हाथ में चोट आई है।
विनायका निवासी कक्षा 12 की छात्रा ज्योति मेहरा, देलूंदा निवासी 11वीं की छात्रा कविता मीणा के सिर, मुंह व हाथों में चोट आई है। वहीं, हादसे में छात्रा राजकुमारी चौधरी, पार्वती और छात्र संदीप मेहरा, दीपक मेहरा भी घायल हुए हैं। अस्पताल में बच्चों ने बताया कि ड्राइवर की शिकायत पहले भी स्कूल संचालक से कर चुके है, लेकिन ड्राइवर नहीं बदला गया।
बस धीरे चलाने को कहा तो हमें डांट दिया
हम रोजाना बस स्कूल जाते थे तो उसमें टेप की आवाज धीरे रहती थी, लेकिन आज टेप की आवाज बहुत तेज थी। बस जबसे चल रही थी, तभी से हिचकोले खा रही थी। ड्राइवर सिकंदर के मुंह से अजीब स्मेल आ रही थी और उनका व्यवहार भी कुछ बदला लग रहा था। थोड़ी देर में उन्होंने बस को घुमा-घुमाकर तेज स्पीड में चलाना शुरू कर दिया। सभी डर गए और ड्राइवर अंकल से बस धीरे चलाने के लिए कहा।
टेप की तेज आवाज में उन्होंने नहीं सुना तो हमने दुबारा कहा जिस पर वे डाटते हुए बोले- तुम चुपचाप बैठे रहो, गाड़ी तुम चला रहे हो या मैं। इसके थोड़ी देर बाद ही अचानक तेज आवाज के साथ बस पलट गई। सामने न कोई जानवर था, न पेड़ न कोई वाहन। एक पल में पूरा सीन बदल गया, हम बस के नीचे दबे रो रहे थे। लोगों ने हमें अस्पताल पहुंचाया। - जैसा बच्चों ने भास्कर को बताया
आवारा पशु आ गया होगा, जिससे टकराई स्कूल बस
बस का परमिट है और बस मिट्टी के तेल से नहीं चलती। लोगों को मुद्दा चाहिए इसलिए वे कुछ भी बोलते हैं। ड्राइवर ने शराब पी रखी थी या नहीं यह मैं नहीं कह सकता। स्कूल में तो उसके मुंह से कभी स्मेल नहीं आई। हादसा तो किसी जानवर के टकराने से होना लग रहा है। - मदनलाल सैनी, संचालक, संदीप पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल
बच्चों ने बताया कि नशे में चूर बस ड्राइवर सिकंदर बस तेज रफ्तार में लहराकर चला रहा था। डरे-सहमे बच्चों ने ड्राइवर से बस धीरे चलाने को कहा, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। केशवरायपाटन रोड स्थित गिरधरपुरा मोड़ के पहले बस पलट गई। हादसे के बाद राहगीरों और क्षेत्रवासियों ने जैक लगाकर बस को ऊंचा किया और बच्चों को निकालकर एमबीएस और बूंदी रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
ड्राइवर रोज पीता है शराब: हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि देलूंदा गांव में सुबह से ही अवैध शराब बिकती है। ड्राइवर सिकंदर कई बार वहां रुककर शराब पीता था। ग्रामीणों ने मौके पर जब बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने भी इस बात से इनकार नहीं किया। आरोप तो यहां तक है कि बस मिट्टी के तेल से चलती है। हादसे के बाद बस से मिट्टी के तेल की गंध भी आ रही थी।
पैर फ्रैक्चर, मुंह, सिर और हाथों में आई चोटें: एमबीएस और बूंदी बूंदी रोड स्थित निजी अस्पताल में घायल सभी 9 बच्चे दर्द से कराह रहे थे। रोते-बिलखते बच्चों को परिजन हिम्मत देते तो बच्चे चुप हो जाते। हादसे में विनायका निवासी शिवराज बैरवा (20) गंभीर घायल हुआ है। कक्षा 12 में पढ़ने वाले शिवराज के दोनों पैर टूट गए। देलूंदा निवासी 12वीं की छात्रा पूजा प्रजापति व रेखा गुप्ता के हाथ में चोट आई है।
विनायका निवासी कक्षा 12 की छात्रा ज्योति मेहरा, देलूंदा निवासी 11वीं की छात्रा कविता मीणा के सिर, मुंह व हाथों में चोट आई है। वहीं, हादसे में छात्रा राजकुमारी चौधरी, पार्वती और छात्र संदीप मेहरा, दीपक मेहरा भी घायल हुए हैं। अस्पताल में बच्चों ने बताया कि ड्राइवर की शिकायत पहले भी स्कूल संचालक से कर चुके है, लेकिन ड्राइवर नहीं बदला गया।
बस धीरे चलाने को कहा तो हमें डांट दिया
हम रोजाना बस स्कूल जाते थे तो उसमें टेप की आवाज धीरे रहती थी, लेकिन आज टेप की आवाज बहुत तेज थी। बस जबसे चल रही थी, तभी से हिचकोले खा रही थी। ड्राइवर सिकंदर के मुंह से अजीब स्मेल आ रही थी और उनका व्यवहार भी कुछ बदला लग रहा था। थोड़ी देर में उन्होंने बस को घुमा-घुमाकर तेज स्पीड में चलाना शुरू कर दिया। सभी डर गए और ड्राइवर अंकल से बस धीरे चलाने के लिए कहा।
टेप की तेज आवाज में उन्होंने नहीं सुना तो हमने दुबारा कहा जिस पर वे डाटते हुए बोले- तुम चुपचाप बैठे रहो, गाड़ी तुम चला रहे हो या मैं। इसके थोड़ी देर बाद ही अचानक तेज आवाज के साथ बस पलट गई। सामने न कोई जानवर था, न पेड़ न कोई वाहन। एक पल में पूरा सीन बदल गया, हम बस के नीचे दबे रो रहे थे। लोगों ने हमें अस्पताल पहुंचाया। - जैसा बच्चों ने भास्कर को बताया
आवारा पशु आ गया होगा, जिससे टकराई स्कूल बस
बस का परमिट है और बस मिट्टी के तेल से नहीं चलती। लोगों को मुद्दा चाहिए इसलिए वे कुछ भी बोलते हैं। ड्राइवर ने शराब पी रखी थी या नहीं यह मैं नहीं कह सकता। स्कूल में तो उसके मुंह से कभी स्मेल नहीं आई। हादसा तो किसी जानवर के टकराने से होना लग रहा है। - मदनलाल सैनी, संचालक, संदीप पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai