वार्ड 10 के पार्षद ने जनता के लिए पानी मांगा तो जलदाय विभाग ने कह दिया- आपके वार्ड में 80 हैंडपंप हैं, लिहाजा किसी अतिरिक्त इंतजाम की जरूरत नहीं है। अब पार्षद 1 महीने से पूरे वार्ड में घूम घूमकर हैंडपंप तलाश रहे हैं। पूरे इलाके में कुल 45 हैंडपंप ही मिले। इनमें से भी 15 खराब पड़े हैं। 5 हैंडपंप तो से हैं जो सड़क बनाने के दौरान जमीन में ही दफन हो गए।
वार्ड की हर कॉलोनी व बस्ती पानी के लिए तरस रही है। हैरान परेशान पार्षद नगर निगम से लेकर कलेक्टर तक से पूछ रहे हैं कि बाकी के 35 हैंडपंप कहा हैं ये तो बता दो, लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
वार्ड 10 के सोगरिया, छोटा सोगरिया, पूनम कॉलोनी, चंद्रेसल, नई बस्ती आदि इलाकों में काफी समय पेयजल संकट है। पार्षद दीनदयाल चौबदार ने जब जलदाय विभाग से वहां पानी सप्लाई की मांग की तो उन्होंने लिखित में जवाब दिया कि वार्ड 10 में 80 हैंडपंप हैं जिससे आराम से जलापूर्ति हो सकती है। पार्षद ने जब वार्ड में एक-एक हैंडपंप गिनना शुरू किए तो कुल 45 हैंडपंप ही मिले। इनमें से भी 15 हैंडपंप खराब हैं। 5 हैंडपंप जमीन में दफन हो चुके हैं। इन हैंडपंप को ठीक करवाने में ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। निगम को कई बार लिखित में दिया जा चुका है, लेकिन निगम अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया।
सबका जवाब- हैंडपंप पूरे, पर हैं कहां पता नहीं
पार्षद द्वारा नगर निगम से लेकर जनसुनवाई तक में पूछ चुके हैं कि आखिर 80 हैंडपंप हैंडपंप कहां लगे हुए हैं। उन्हें बताया जाए, लेकिन नगर निगम, यूआईटी व जलदाय विभाग में से कोई भी विभाग सूची देने को तैयार नहीं है। यहां तक कि जो हैंडपंप लगे हुए हैं उन पर किसी भी विभाग का नाम तक नहीं लिखा हुआ है। ऐसे में हर विभाग यही कह रहा है कि हमारे हैंडपंप तो पूरे लग रहे हैं।
ये हैंडपंप हो चुके जमींदोज
- नई बस्ती सोगरिया।
- चंद्रेसल में ठाकुरजी के मंदिर के सामने।
- बड़ा सोगरिया श्रीलाल के मकान के सामने।
- छोटी सोगरिया रामदेव जी के मंदिर के सामने।
- बड़ा सोगरिया में पार्वती बाई के मकान के सामने।
वार्ड की हर कॉलोनी व बस्ती पानी के लिए तरस रही है। हैरान परेशान पार्षद नगर निगम से लेकर कलेक्टर तक से पूछ रहे हैं कि बाकी के 35 हैंडपंप कहा हैं ये तो बता दो, लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
वार्ड 10 के सोगरिया, छोटा सोगरिया, पूनम कॉलोनी, चंद्रेसल, नई बस्ती आदि इलाकों में काफी समय पेयजल संकट है। पार्षद दीनदयाल चौबदार ने जब जलदाय विभाग से वहां पानी सप्लाई की मांग की तो उन्होंने लिखित में जवाब दिया कि वार्ड 10 में 80 हैंडपंप हैं जिससे आराम से जलापूर्ति हो सकती है। पार्षद ने जब वार्ड में एक-एक हैंडपंप गिनना शुरू किए तो कुल 45 हैंडपंप ही मिले। इनमें से भी 15 हैंडपंप खराब हैं। 5 हैंडपंप जमीन में दफन हो चुके हैं। इन हैंडपंप को ठीक करवाने में ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। निगम को कई बार लिखित में दिया जा चुका है, लेकिन निगम अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया।
सबका जवाब- हैंडपंप पूरे, पर हैं कहां पता नहीं
पार्षद द्वारा नगर निगम से लेकर जनसुनवाई तक में पूछ चुके हैं कि आखिर 80 हैंडपंप हैंडपंप कहां लगे हुए हैं। उन्हें बताया जाए, लेकिन नगर निगम, यूआईटी व जलदाय विभाग में से कोई भी विभाग सूची देने को तैयार नहीं है। यहां तक कि जो हैंडपंप लगे हुए हैं उन पर किसी भी विभाग का नाम तक नहीं लिखा हुआ है। ऐसे में हर विभाग यही कह रहा है कि हमारे हैंडपंप तो पूरे लग रहे हैं।
ये हैंडपंप हो चुके जमींदोज
- नई बस्ती सोगरिया।
- चंद्रेसल में ठाकुरजी के मंदिर के सामने।
- बड़ा सोगरिया श्रीलाल के मकान के सामने।
- छोटी सोगरिया रामदेव जी के मंदिर के सामने।
- बड़ा सोगरिया में पार्वती बाई के मकान के सामने।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai