हाइवे-76 पर आरओबी से बारां रोड तक सड़क का काटकर कॉलोनियों में आने-जाने के लिए कॉलोनाइजर द्वारा अवैध तरीके से बनाए गए रास्तों को एनएचएआई बुलडोजर चलाकर हटाएगा। इसकी प्लानिंग तैयार कर ली है। जैसे ही आरओबी से आवागमन शुरू हुआ, इन रास्तों को बंद कर दिया जाएगा।
आरओबी का काम पूरा हुआ
एनएचएआई के पीडी अनुपम गुप्ता ने बताया कि आरओबी का काम पूरा हो चुका है। इसे कभी भी चालू किया जा सकता है। जानकारी में आया है कि इस बाइपास पर कई लोगों ने कृषि भूमि पर कॉलोनियां काटकर उसका मेन रास्ता हाइवे पर दे दिया है। यह काफी खतरनाक है। नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। उन्हें जब बताया गया कि एनएचएआई को हाइवे के साइड में एक सड़क बनानी थी तो बोले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। जो सड़क विभाग को बनवानी थी, उसे बनवा दिया गया है।
रास्तों के कारण होगी परेशानी
इन कॉलोनियों के लिए या तो कॉलोनाइजर रास्ता बनाए या संबंधित एजेंसी जो इनसे नियमन का पैसा लेगी वह करे। हाइवे को इस प्रकार से काटकर रास्ता बनाना खतरनाक है। फिर हाइवे को मतलब ही क्या रहेगा। अभी तो यह फोर लेन है, भविष्य में छह लेन भी होगा तो इन रास्तों के कारण काफी परेशानी होगी।
12 से अधिक कॉलोनियां काट दी हाइवे पर
हाइवे चालू होने पर दुर्घटना के आसार
इस मार्ग पर लगभग 12 कॉलोनाइजर कॉलोनियां काटकर भूखण्ड बेच रहे हैं। भूखण्ड खरीदने वालों को मुख्य मार्ग हाइवे से निकलता हुआ दिखाया गया है, जबकि यह पूरी तरह अवैधानिक है। यूआईटी के उपसचिव मानसिंह मीणा इसे पूरी तरह अवैध मानते हैं। उनका कहना है तकनीकी दृष्टि से यह गलत है, ये हाइवे चालू होने पर बड़ी दुर्घटना का कारण बनेगा। इन रोड को हटाने के लिए यूआईटी ने भी कई बार एनएचएआई के अधिकारियों को कह दिया है। उन्हें हटाने के लिए जेसीबी व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार हैं। अब वे इन्हें हटाएंगे तो यूआईटी इसमें सहयोग करेगा।
आरओबी का काम पूरा हुआ
एनएचएआई के पीडी अनुपम गुप्ता ने बताया कि आरओबी का काम पूरा हो चुका है। इसे कभी भी चालू किया जा सकता है। जानकारी में आया है कि इस बाइपास पर कई लोगों ने कृषि भूमि पर कॉलोनियां काटकर उसका मेन रास्ता हाइवे पर दे दिया है। यह काफी खतरनाक है। नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। उन्हें जब बताया गया कि एनएचएआई को हाइवे के साइड में एक सड़क बनानी थी तो बोले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। जो सड़क विभाग को बनवानी थी, उसे बनवा दिया गया है।
रास्तों के कारण होगी परेशानी
इन कॉलोनियों के लिए या तो कॉलोनाइजर रास्ता बनाए या संबंधित एजेंसी जो इनसे नियमन का पैसा लेगी वह करे। हाइवे को इस प्रकार से काटकर रास्ता बनाना खतरनाक है। फिर हाइवे को मतलब ही क्या रहेगा। अभी तो यह फोर लेन है, भविष्य में छह लेन भी होगा तो इन रास्तों के कारण काफी परेशानी होगी।
12 से अधिक कॉलोनियां काट दी हाइवे पर
हाइवे चालू होने पर दुर्घटना के आसार
इस मार्ग पर लगभग 12 कॉलोनाइजर कॉलोनियां काटकर भूखण्ड बेच रहे हैं। भूखण्ड खरीदने वालों को मुख्य मार्ग हाइवे से निकलता हुआ दिखाया गया है, जबकि यह पूरी तरह अवैधानिक है। यूआईटी के उपसचिव मानसिंह मीणा इसे पूरी तरह अवैध मानते हैं। उनका कहना है तकनीकी दृष्टि से यह गलत है, ये हाइवे चालू होने पर बड़ी दुर्घटना का कारण बनेगा। इन रोड को हटाने के लिए यूआईटी ने भी कई बार एनएचएआई के अधिकारियों को कह दिया है। उन्हें हटाने के लिए जेसीबी व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार हैं। अब वे इन्हें हटाएंगे तो यूआईटी इसमें सहयोग करेगा।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai