छह साल की देरी के बाद हाइवे-76 के बाईपास पर दाढ़देवी के पास बन रहा आरओबी गुरुवार से शुरू हो जाएगा। लोड टेस्टिंग की रिपोर्ट बुधवार को फाइनल हो गई है। आरओबी से नए कोटा के लोगों के अलावा रावतभाटा, झालावाड़ और बारां आने-जाने वालों को सीधा लाभ मिलेगा। 2009 से बन रहे इस बाईपास के 19 किमी हिस्से का उपयोग अब शुरू होगा।
भास्कर टीम ने किया सफर
हालांकि इसकी सड़क का काम 2010 में पूरा हो गया था, लेकिन आरओबी नहीं बनने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। अब इसका निर्माण पूरा होने के बाद यहां से आवागमन शुरू होगा। एनएचएआई के पीडी अनुपम गुप्ता ने बताया कि सांसद ओम बिरला सुबह 10 बजे लोकार्पण करेंगे।आरओबी के शुरू होने से पहले भास्कर टीम ने बुधवार को नए आैर पुराने रास्तों से सफर किया, जिससे दूरी और समय में आने वाले अंतर का पता चल सके।
ये है नया रूट
रावतभाटा रोड पर नयागांव से बारां रोड के नयानोहरा तक इस बाईपास की दूरी 19 किमी है। भास्कर रिपोर्टर को कार से नयागांव से बाईपास पर 80 से 100 की स्पीड से नयानोहरा पहुंचने में 15 मिनट लगे।
ये था पुराना रूट
नयागांव से चंबल गार्डन, सीएडी चौराहा, एरोड्रम सर्किल, डीसीएम रोड, बोरखेड़ा होते हुए नयानोहरा तक की दूरी 17 किमी है। इसे तय करने में 30 मिनट लगे। यहां जगह-जगह स्पीडब्रेकर होने के साथ ही वाहनों का जमघट इतना रहता है कि वाहन की स्पीड बढ़ा ही नहीं सकते। हाइवे होकर जाने से वाहन चालकों का समय के साथ ही फ्यूल भी बचेगा।
क्यों हुई निर्माण में देरी
2007 में आईटीडी कंपनी को बाईपास के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। 250 करोड़ के बाईपास पर हैंगिंग ब्रिज दूसरी कंपनी को बनाना था। कंपनी से सड़क तो 2010 में पूरी कर दी, लेकिन आरओबी पूरा नहीं होने से एनएचएआई ने इसे अपने अधिकार में नहीं लिया। इससे सड़क का भी उपयोग नहीं हो पाया। आरओबी में पहले लोहे व सीमेंट के गर्डर बनकर लगने थे, लेकिन बाद में रेलवे ने डिजाइन बदल दी। इससे देरी हुई। फिर गर्डर बिछाते समय मशीन का नोब मुड़ गया, हादसे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने जुर्माना लगा दिया। इस विवाद को हल करने में ही सालभर से अधिक लग गया। अब यह बनकर तैयार हुआ है।
अभी रखरखाव का होना है ठेका
एनएचएआई ने बाईपास की सड़क को बनवा दी, लेकिन अभी इसके रखरखाव का जिम्मा किसी को नहीं दिया गया है। निर्माण करने वाली कंपनी का तो समय पूरा हो गया। अब इसका ऑपरेशन एंड मेंटीनेंस का ठेका होना बाकी है।
अवैध खनन पर हो कार्रवाई
एनएचएआई अनुपम गुप्ता ने कहा है कि आरओबी के आसपास अवैध खनन हो रहा है। इससे हाइवे पर प्रभाव पड़ सकता है। इसी प्रकार केले के वेस्ट को हाइवे के आसपास डाला जा रहा है। इन लोगों को रोकने के लिए प्रशासन को कहा है। एनएचएआई यहां कॉलोनियों के लिए लगाए गए अवैध कट को अब बंद करेगी। यदि किसी को रास्ता चाहिए तो वह आकर वैध तरीके से आवेदन करे।
भास्कर टीम ने किया सफर
हालांकि इसकी सड़क का काम 2010 में पूरा हो गया था, लेकिन आरओबी नहीं बनने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। अब इसका निर्माण पूरा होने के बाद यहां से आवागमन शुरू होगा। एनएचएआई के पीडी अनुपम गुप्ता ने बताया कि सांसद ओम बिरला सुबह 10 बजे लोकार्पण करेंगे।आरओबी के शुरू होने से पहले भास्कर टीम ने बुधवार को नए आैर पुराने रास्तों से सफर किया, जिससे दूरी और समय में आने वाले अंतर का पता चल सके।
ये है नया रूट
रावतभाटा रोड पर नयागांव से बारां रोड के नयानोहरा तक इस बाईपास की दूरी 19 किमी है। भास्कर रिपोर्टर को कार से नयागांव से बाईपास पर 80 से 100 की स्पीड से नयानोहरा पहुंचने में 15 मिनट लगे।
ये था पुराना रूट
नयागांव से चंबल गार्डन, सीएडी चौराहा, एरोड्रम सर्किल, डीसीएम रोड, बोरखेड़ा होते हुए नयानोहरा तक की दूरी 17 किमी है। इसे तय करने में 30 मिनट लगे। यहां जगह-जगह स्पीडब्रेकर होने के साथ ही वाहनों का जमघट इतना रहता है कि वाहन की स्पीड बढ़ा ही नहीं सकते। हाइवे होकर जाने से वाहन चालकों का समय के साथ ही फ्यूल भी बचेगा।
क्यों हुई निर्माण में देरी
2007 में आईटीडी कंपनी को बाईपास के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। 250 करोड़ के बाईपास पर हैंगिंग ब्रिज दूसरी कंपनी को बनाना था। कंपनी से सड़क तो 2010 में पूरी कर दी, लेकिन आरओबी पूरा नहीं होने से एनएचएआई ने इसे अपने अधिकार में नहीं लिया। इससे सड़क का भी उपयोग नहीं हो पाया। आरओबी में पहले लोहे व सीमेंट के गर्डर बनकर लगने थे, लेकिन बाद में रेलवे ने डिजाइन बदल दी। इससे देरी हुई। फिर गर्डर बिछाते समय मशीन का नोब मुड़ गया, हादसे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने जुर्माना लगा दिया। इस विवाद को हल करने में ही सालभर से अधिक लग गया। अब यह बनकर तैयार हुआ है।
अभी रखरखाव का होना है ठेका
एनएचएआई ने बाईपास की सड़क को बनवा दी, लेकिन अभी इसके रखरखाव का जिम्मा किसी को नहीं दिया गया है। निर्माण करने वाली कंपनी का तो समय पूरा हो गया। अब इसका ऑपरेशन एंड मेंटीनेंस का ठेका होना बाकी है।
अवैध खनन पर हो कार्रवाई
एनएचएआई अनुपम गुप्ता ने कहा है कि आरओबी के आसपास अवैध खनन हो रहा है। इससे हाइवे पर प्रभाव पड़ सकता है। इसी प्रकार केले के वेस्ट को हाइवे के आसपास डाला जा रहा है। इन लोगों को रोकने के लिए प्रशासन को कहा है। एनएचएआई यहां कॉलोनियों के लिए लगाए गए अवैध कट को अब बंद करेगी। यदि किसी को रास्ता चाहिए तो वह आकर वैध तरीके से आवेदन करे।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai