तीन विभागों की सामूहिक योजना से नए कोटा के राजीव गांधी नगर सहित अन्य कॉलोनियों को जल्द ही भरपूर पानी मिलेगा। इसके लिए अकेलगढ़ मुख्य जल वितरण केंद्र पर 87 करोड़ की लागत से अलग से फिल्टर प्लांट तैयार किया जा रहा है। यह योजना दिसंबर तक पूरी होगी। इससे शहर को 75 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा।
यूआईटी, रीको व कृषि उपजमंडी ने अपनी कॉलोनियों व क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति के लिए वर्ष 2011 में संयुक्त डिपोजिट शहरी जल प्रदाय योजना बनाई थी। इसके लिए तीनों विभागों ने अपने-अपने शेयर निर्धारित करके क्रियान्विति के लिए जलदाय विभाग को अधिकृत कर दिया। विभाग ने एक कंपनी को इसे पूरा करने का ठेका दे दिया। कंपनी को 2 जून-14 को यह कार्य पूरा करना था, लेकिन किसी वजह से प्रोजेक्ट लेट हो गया। अब इसके लिए 31 दिसंबर-16 की तारीख निर्धारित की गई है।
87 करोड़ की योजना
पूरी योजना 87 करोड़ 19 लाख रुपए की है। इसमें यूआईटी 46.74 करोड़, रीको 34.1 करोड़ तथा कृषि उपजमंडी समिति 6.43 करोड़ रुपए दे रही है। इसमें 75 एमएलडी का फिल्टर प्लांट, 800 व 600 एमएम की 14 हजार 500 मीटर पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इंडस्ट्रियल एरिया में एक उच्च जलाशय बनाया गया है। लगभग 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
इन कॉलोनियों व क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
जलदाय विभाग के एईएन प्रमोद झालानी के अनुसार इस योजना के पूरा होने पर रानपुर आवासीय योजना, रानपुर व्यवसायिक योजना, रानपुर इंस्टीट्यूशन योजना, रानपुर शैक्षिक योजना, लखावा आवासीय योजना, प्रेम नगर आवासीय योजना, राजीव गांधी नगर योजना, राजीव गांधी नगर विस्तार, रानपुर औद्योगिक योजना, इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र, भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति के क्षेत्र में पानी पहुंचेगा।
शहर को 465 एमएलडी पानी मिलेगा
शहर में अभी अकेलगढ़ व मिनी अकेलगढ़ से 260 व 130 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। इस योजना के पूरा होने पर इसमें 75 एमएलडी पानी और बढ़ जाएगा। इस प्रकार वितरण होने वाले पानी की मात्रा 465 एमएलडी होगी।
वन विभाग की भी है आपत्ति
झालानी ने बताया कि अनंतपुरा से लखावा के बीच 3.6 किलोमीटर क्षेत्र वन विभाग के अधिकार में है। इस कारण अभी यहां पाइप लाइन बिछाने का काम बंद पड़ा है। स्वीकृति के लिए पत्र लिख दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही पाइप लाइन बिछा दी जाएगी।
यूआईटी, रीको व कृषि उपजमंडी ने अपनी कॉलोनियों व क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति के लिए वर्ष 2011 में संयुक्त डिपोजिट शहरी जल प्रदाय योजना बनाई थी। इसके लिए तीनों विभागों ने अपने-अपने शेयर निर्धारित करके क्रियान्विति के लिए जलदाय विभाग को अधिकृत कर दिया। विभाग ने एक कंपनी को इसे पूरा करने का ठेका दे दिया। कंपनी को 2 जून-14 को यह कार्य पूरा करना था, लेकिन किसी वजह से प्रोजेक्ट लेट हो गया। अब इसके लिए 31 दिसंबर-16 की तारीख निर्धारित की गई है।
87 करोड़ की योजना
पूरी योजना 87 करोड़ 19 लाख रुपए की है। इसमें यूआईटी 46.74 करोड़, रीको 34.1 करोड़ तथा कृषि उपजमंडी समिति 6.43 करोड़ रुपए दे रही है। इसमें 75 एमएलडी का फिल्टर प्लांट, 800 व 600 एमएम की 14 हजार 500 मीटर पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इंडस्ट्रियल एरिया में एक उच्च जलाशय बनाया गया है। लगभग 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
इन कॉलोनियों व क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
जलदाय विभाग के एईएन प्रमोद झालानी के अनुसार इस योजना के पूरा होने पर रानपुर आवासीय योजना, रानपुर व्यवसायिक योजना, रानपुर इंस्टीट्यूशन योजना, रानपुर शैक्षिक योजना, लखावा आवासीय योजना, प्रेम नगर आवासीय योजना, राजीव गांधी नगर योजना, राजीव गांधी नगर विस्तार, रानपुर औद्योगिक योजना, इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र, भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति के क्षेत्र में पानी पहुंचेगा।
शहर को 465 एमएलडी पानी मिलेगा
शहर में अभी अकेलगढ़ व मिनी अकेलगढ़ से 260 व 130 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। इस योजना के पूरा होने पर इसमें 75 एमएलडी पानी और बढ़ जाएगा। इस प्रकार वितरण होने वाले पानी की मात्रा 465 एमएलडी होगी।
वन विभाग की भी है आपत्ति
झालानी ने बताया कि अनंतपुरा से लखावा के बीच 3.6 किलोमीटर क्षेत्र वन विभाग के अधिकार में है। इस कारण अभी यहां पाइप लाइन बिछाने का काम बंद पड़ा है। स्वीकृति के लिए पत्र लिख दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही पाइप लाइन बिछा दी जाएगी।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai