ट्रेनों व रेलवे प्लेटफाॅर्म पर बीते एक साल में रेल यात्रियों की 57 लाख 77 हजार 210 रुपए की संपत्ति की चोरी हुई है। इसमें महिला यात्रियों के बैग , ट्रॉली बैग, लैपटॉप चोरी की वारदातें शामिल हैं। कोटा जीआरपी थाने पर बीते साल 350 मामले विभिन्न धाराओं में दर्ज हुए हैं। उनमें 217 मामले चोरी के हैं।
रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के जीआरपी व आरपीएफ बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन असलियत ट्रेनों में हो रही चोरी की वारदातों से ही सामने आ रही है। बीते साल लूट की दो, ट्रेन डकैती की एक, जहरखुरानी के दो, चोरी के 217 मामले दर्ज हुए। इनमें जेबतराशी के 26, चेन स्नेचिंग के दो व अन्य प्रकार की चोरियों के 191 मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में 57 लाख 77 हजार 210 रुपए की चोरी हुई है, जिसमें जीआरपी ने 4 लाख 33 हजार 840 रुपए की नकदी व संपत्ति बरामद की है।
जीआरपी थाने में अन्य धाराओं में 27 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें छेड़छाड़, मारपीट के मामले शामिल हैं। आंकड़ों की यदि तुलना की जाए तो वर्ष 2013 की तुलना में चोरी की अधिक वारदातें हुई हैं। जिसमें कीमती सामान चोरी गया है। साथ ही वर्ष 2015 में हुई चोरी में बरामदगी का प्रतिशत 10 फीसदी से भी कम है।
कार्यवाहक सीआई जीआरपी सतीश कुमार ने बताया कि पहले की तुलना में कम मुकदमे दर्ज हुए हैं। चोरी के मामले में बरामदगी प्रतिशत का मामला है। उपलब्ध संसाधनों से चोरियां रोकने व आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जाता है।
ये हैं आंकड़े
वर्ष 2015
लूट- 02, डकैती- 01, चोरी- 217
जहरखुरानी- 02, अन्य- 27
हथियार बरामदगी- 75, जुआ- 11
एनडीपीएस- 09, आबकारी- 03
विस्फोटक अधिनियम- 01
कुल 348 मामले दर्ज
चोरी गई संपत्ति की कीमत 57 लाख 77 हजार 210 रुपए
बरामदगी : 4 लाख 33 हजार 840
बरामदगी प्रतिशत: साढ़े 6 प्रतिशत
वर्ष 2014
चोरी- 313
कुल मामले 437 दर्ज
चोरी गई संपत्ति की कीमत 82 लाख 18 लाख 650 रुपए
बरामदगी: 9 लाख 84 हजार 100 रुपए
बरामदगी प्रतिशत: 12 प्रतिशत
वर्ष 2013
चोरी: 57
कुल दर्ज मामले 201
चोरी गई संपत्ति की कीमत: 13 लाख 96 हजार 490 रुपए
बरामदगी: 5 लाख 6 हजार 140 रुपए
बरामदगी प्रतिशत : साढ़े 33 प्रतिशत
रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के जीआरपी व आरपीएफ बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन असलियत ट्रेनों में हो रही चोरी की वारदातों से ही सामने आ रही है। बीते साल लूट की दो, ट्रेन डकैती की एक, जहरखुरानी के दो, चोरी के 217 मामले दर्ज हुए। इनमें जेबतराशी के 26, चेन स्नेचिंग के दो व अन्य प्रकार की चोरियों के 191 मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में 57 लाख 77 हजार 210 रुपए की चोरी हुई है, जिसमें जीआरपी ने 4 लाख 33 हजार 840 रुपए की नकदी व संपत्ति बरामद की है।
जीआरपी थाने में अन्य धाराओं में 27 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें छेड़छाड़, मारपीट के मामले शामिल हैं। आंकड़ों की यदि तुलना की जाए तो वर्ष 2013 की तुलना में चोरी की अधिक वारदातें हुई हैं। जिसमें कीमती सामान चोरी गया है। साथ ही वर्ष 2015 में हुई चोरी में बरामदगी का प्रतिशत 10 फीसदी से भी कम है।
कार्यवाहक सीआई जीआरपी सतीश कुमार ने बताया कि पहले की तुलना में कम मुकदमे दर्ज हुए हैं। चोरी के मामले में बरामदगी प्रतिशत का मामला है। उपलब्ध संसाधनों से चोरियां रोकने व आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जाता है।
ये हैं आंकड़े
वर्ष 2015
लूट- 02, डकैती- 01, चोरी- 217
जहरखुरानी- 02, अन्य- 27
हथियार बरामदगी- 75, जुआ- 11
एनडीपीएस- 09, आबकारी- 03
विस्फोटक अधिनियम- 01
कुल 348 मामले दर्ज
चोरी गई संपत्ति की कीमत 57 लाख 77 हजार 210 रुपए
बरामदगी : 4 लाख 33 हजार 840
बरामदगी प्रतिशत: साढ़े 6 प्रतिशत
वर्ष 2014
चोरी- 313
कुल मामले 437 दर्ज
चोरी गई संपत्ति की कीमत 82 लाख 18 लाख 650 रुपए
बरामदगी: 9 लाख 84 हजार 100 रुपए
बरामदगी प्रतिशत: 12 प्रतिशत
वर्ष 2013
चोरी: 57
कुल दर्ज मामले 201
चोरी गई संपत्ति की कीमत: 13 लाख 96 हजार 490 रुपए
बरामदगी: 5 लाख 6 हजार 140 रुपए
बरामदगी प्रतिशत : साढ़े 33 प्रतिशत
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai