न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 5 माह पहले शुरू की गई डायलिसिस यूनिट अब मरीजों की संख्या के लिहाज से छोटी पड़ने लगी है। अभी यह यूनिट एक ही शिफ्ट में चल रही है, जिससे हर महीने करीब 300 डायलिसिस ही हो पा रही है। यहां दूसरी शिफ्ट शुरू हो जाए तो डायलिसिस की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जिससे रोगियों के हर माह लगभग 10 लाख रुपए बचेंगे। इसके लिए 8 कर्मचारियों की जरूरत है।
इसके लिए विभागाध्यक्ष की डिमांड के अनुरूप मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने सरकार को प्रस्ताव भिजवाए हैं। यूनिट में 11 अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें हैं। उस वक्त लगा था कि इससे वेटिंग की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन अब पूरे समय सभी मशीनें फुल रहती हैं। इससे कई बार इमरजेंसी रोगी को डायलिसिस पर लेने में भी दिक्कत हो जाती है।
दूसरी शिफ्ट शुरू होगी तो रोगियों को होगा फायदा
मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर गिरीश वर्मा ने बताया कि हमने सरकार को लिखा है कि डायलिसिस की संख्या बढ़ाने के लिए दूसरी शिफ्ट शुरू करनी जरूरी है। यह तभी शुरू हो सकती है, जबकि स्टाफ मिले। उम्मीद करते हैं हमें कुछ स्टाफ मिलेगा।
इवनिंग शिफ्ट शुरू करने के लिए क्या चाहिए?
नेफ्रोलॉजी विभाग के हेड डॉ. विकास खंडेलिया ने बताया कि सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक एक शिफ्ट में ही डायलिसिस हो पा रही हैं। दूसरी शिफ्ट चलाने के लिए डॉक्टर और स्टाफ की कमी है। इससे एक मशीन पर दिनभर में एक ही डायलिसिस हो पाती है। हमने प्रिंसिपल से 2 डॉक्टर, 2 वार्ड ब्वॉय, 2 स्वीपर व 2 नर्सिंग स्टाफ की मांग की है। स्टाफ मिल जाता है तो इवनिंग शिफ्ट शुरू कर दी जाएगी। नई यूनिट में 3 मशीनें हैपेटाइटिस बी व सी के संक्रमित गुर्दा रोगियों के लिए आरक्षित हैं, सामान्य रोगियों की डायलिसिस 8 मशीनों पर होती है। इस यूनिट के लिए 5 चिकित्सा अधिकारियों व 6 सीनियर रेजीडेंट के पद सृजित हैं, लेकिन नियुक्ति एक की भी नहीं है।
इसके लिए विभागाध्यक्ष की डिमांड के अनुरूप मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने सरकार को प्रस्ताव भिजवाए हैं। यूनिट में 11 अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें हैं। उस वक्त लगा था कि इससे वेटिंग की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन अब पूरे समय सभी मशीनें फुल रहती हैं। इससे कई बार इमरजेंसी रोगी को डायलिसिस पर लेने में भी दिक्कत हो जाती है।
दूसरी शिफ्ट शुरू होगी तो रोगियों को होगा फायदा
मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर गिरीश वर्मा ने बताया कि हमने सरकार को लिखा है कि डायलिसिस की संख्या बढ़ाने के लिए दूसरी शिफ्ट शुरू करनी जरूरी है। यह तभी शुरू हो सकती है, जबकि स्टाफ मिले। उम्मीद करते हैं हमें कुछ स्टाफ मिलेगा।
इवनिंग शिफ्ट शुरू करने के लिए क्या चाहिए?
नेफ्रोलॉजी विभाग के हेड डॉ. विकास खंडेलिया ने बताया कि सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक एक शिफ्ट में ही डायलिसिस हो पा रही हैं। दूसरी शिफ्ट चलाने के लिए डॉक्टर और स्टाफ की कमी है। इससे एक मशीन पर दिनभर में एक ही डायलिसिस हो पाती है। हमने प्रिंसिपल से 2 डॉक्टर, 2 वार्ड ब्वॉय, 2 स्वीपर व 2 नर्सिंग स्टाफ की मांग की है। स्टाफ मिल जाता है तो इवनिंग शिफ्ट शुरू कर दी जाएगी। नई यूनिट में 3 मशीनें हैपेटाइटिस बी व सी के संक्रमित गुर्दा रोगियों के लिए आरक्षित हैं, सामान्य रोगियों की डायलिसिस 8 मशीनों पर होती है। इस यूनिट के लिए 5 चिकित्सा अधिकारियों व 6 सीनियर रेजीडेंट के पद सृजित हैं, लेकिन नियुक्ति एक की भी नहीं है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai