393 फीट गहरी चंबल नदी के भी 39 फीट नीचे सुरंग बनाकर गैस पाइप लाइन को पार करवाने का काम इन दिनों कोटा में तेजी से चल रहा है। सुरंग के जरिए विजयपुर से कोटा आई गैस पाइप लाइन को भीलवाड़ा होते हुए चित्तौड़गढ़ तक पहुंचाया जा सकेगा।
खोदी जा रही 1420 मीटर लंबी सुरंग
इसके लिए नयागांव के आगे चंबल नदी के 434 फीट नीचे से 1420 मीटर लंबी सुरंग खोदी जा रही है। मुख्य गैस लाइन के लिए करीब एक साल में 500 मीटर की सुरंग खोदी जा चुकी है। 6 इंची मोटी इतनी ही लंबी सुरंग खोदकर नदी के पार करवाई जा चुकी है। जिसके जरिए इस प्रोजेक्ट को कंट्रोल करने वाली ऑप्टिकल फाइबर केबल उस पार भेजी गई है।
भारी भरकम रिंग मशीन के माध्यम से चंबल में सुरंग बनाने के काम में दिल्ली की ट्रेंच लैस इंजीनियरिंग कंपनी के 32 अधिकारी व कर्मचारी जुटे हैं।
बन रहा 24 इंच मोटी सुरंग
पिछले साल मार्च में कंपनी ने यहां काम शुरू किया था। ठीक एक साल बाद उनका काम लगभग 70 फीसदी हो चुका है। पथरीली जमीन वाली कोटा की धरती पर बड़ी-बड़ी मशीनों के शोर के बीच ये अधिकारी व कर्मचारी चट्टानों को चीरकर उसमें 24 इंच मोटी सुरंग बनाने में सुबह से शाम तक जुटे रहते हैं। रिंग मशीन के माध्यम से जमीन के नीचे होल किया जा रहा है, ताकि ऊपरी सतह पर कोई नुकसान न हो और वो नदी के नीचे से होते हुए दूसरी पार निकल जाए।
नदी के दोनों तरफ चल रहा काम
इसमें 16 इंच मोटी गैस पाइप लाइन डाली जाएगी। जिससे भीलवाड़ा व चित्तौड़ में पाइप के जरिए गैस पहुंच सकेगी। नदी के दोनों तरफ ये काम चल रहा है। इसी तरह की भारी भरकम मशीनें नदी के दूसरी तरफ चट्टानेश्वर के निकट भी लगी हुई हैं।
राजस्थान में नदी के नीचे सबसे गहरी सुरंग
इस कंपनी द्वारा गैस पाइप लाइन के लिए सुरंग बनाने का काम बीकानेर में भी किया था। यूपी में फर्रुखाबाद में गंगा के नीचे से लाइन निकाली गई थी। कंपनी के सेफ्टी ऑफिसर हर्ष त्रिपाठी के अनुसार ये सभी काम 30 मीटर गहराई में सुरंग बनाने के थे। यहां पर चैलेंज गहराई का है। जमीन से नदी की गहराई 60 मीटर है और उसके बाद 40 मीटर पानी है। हमारी सुरंग उससे भी 32 मीटर नीचे तक जाएगी, ताकि पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न हो। इतनी गहरी सुरंग अभी तक की ये पहली है।
खराब पानी को कर रहे रिसाइकिल
सुरंग खोदते समय भीतर से कटिंग मेटेरियल के साथ-साथ दूषित पानी निकलता है। ये गंदा पानी वापस चंबल में न जाए, इसके लिए मौके पर ही रिसाइक्लिंग यूनिट लगा रखी है जो इस पानी से मलबा अलग और पानी अलग करती है। उस पानी को दुबारा काम में ले लेते हैं।
खोदी जा रही 1420 मीटर लंबी सुरंग
इसके लिए नयागांव के आगे चंबल नदी के 434 फीट नीचे से 1420 मीटर लंबी सुरंग खोदी जा रही है। मुख्य गैस लाइन के लिए करीब एक साल में 500 मीटर की सुरंग खोदी जा चुकी है। 6 इंची मोटी इतनी ही लंबी सुरंग खोदकर नदी के पार करवाई जा चुकी है। जिसके जरिए इस प्रोजेक्ट को कंट्रोल करने वाली ऑप्टिकल फाइबर केबल उस पार भेजी गई है।
भारी भरकम रिंग मशीन के माध्यम से चंबल में सुरंग बनाने के काम में दिल्ली की ट्रेंच लैस इंजीनियरिंग कंपनी के 32 अधिकारी व कर्मचारी जुटे हैं।
बन रहा 24 इंच मोटी सुरंग
पिछले साल मार्च में कंपनी ने यहां काम शुरू किया था। ठीक एक साल बाद उनका काम लगभग 70 फीसदी हो चुका है। पथरीली जमीन वाली कोटा की धरती पर बड़ी-बड़ी मशीनों के शोर के बीच ये अधिकारी व कर्मचारी चट्टानों को चीरकर उसमें 24 इंच मोटी सुरंग बनाने में सुबह से शाम तक जुटे रहते हैं। रिंग मशीन के माध्यम से जमीन के नीचे होल किया जा रहा है, ताकि ऊपरी सतह पर कोई नुकसान न हो और वो नदी के नीचे से होते हुए दूसरी पार निकल जाए।
नदी के दोनों तरफ चल रहा काम
इसमें 16 इंच मोटी गैस पाइप लाइन डाली जाएगी। जिससे भीलवाड़ा व चित्तौड़ में पाइप के जरिए गैस पहुंच सकेगी। नदी के दोनों तरफ ये काम चल रहा है। इसी तरह की भारी भरकम मशीनें नदी के दूसरी तरफ चट्टानेश्वर के निकट भी लगी हुई हैं।
राजस्थान में नदी के नीचे सबसे गहरी सुरंग
इस कंपनी द्वारा गैस पाइप लाइन के लिए सुरंग बनाने का काम बीकानेर में भी किया था। यूपी में फर्रुखाबाद में गंगा के नीचे से लाइन निकाली गई थी। कंपनी के सेफ्टी ऑफिसर हर्ष त्रिपाठी के अनुसार ये सभी काम 30 मीटर गहराई में सुरंग बनाने के थे। यहां पर चैलेंज गहराई का है। जमीन से नदी की गहराई 60 मीटर है और उसके बाद 40 मीटर पानी है। हमारी सुरंग उससे भी 32 मीटर नीचे तक जाएगी, ताकि पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न हो। इतनी गहरी सुरंग अभी तक की ये पहली है।
खराब पानी को कर रहे रिसाइकिल
सुरंग खोदते समय भीतर से कटिंग मेटेरियल के साथ-साथ दूषित पानी निकलता है। ये गंदा पानी वापस चंबल में न जाए, इसके लिए मौके पर ही रिसाइक्लिंग यूनिट लगा रखी है जो इस पानी से मलबा अलग और पानी अलग करती है। उस पानी को दुबारा काम में ले लेते हैं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai