संभाग में बिजली चोरी की हद पार हो रही है। संभाग के चारों जिलों में रोजाना 4 करोड़ 54 लाख रुपए से ज्यादा की बिजली चोरी हो रही है। बिजली चोरी रोकने के उपाय करने के बजाए विद्युत निगम ने सोमवार से संभाग के बीस 11 केवी फीडर पर 16 घंटे की बिजली कटौती शुरू कर दी है। इन फीडर से जुड़े आबादी क्षेत्रों में 40 से 91 फीसदी बिजली लाइनों पर आंकड़े डालकर चोरी की जा रही है।
चोरी की बिजली से कई घर रोशन हो रहे हैं। इसकी वजह से बिल चुकाने वाले उपभोक्ता भी परेशान होंगे। विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर बीएल पचेरवाल के अनुसार संभाग में रोजाना 1 करोड़ 48 लाख 72 हजार यूनिट विद्युत खपत होती है, लेकिन इसमें से 43.67 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। 64 लाख 94 हजार 602 यूनिट बिजली का एक भी पैसा निगम के हाथ नहीं लग रहा। विद्युत निगम को सीधे-सीधे हर रोज 4 करोड़ 54 लाख 62 हजार 216 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इधर, चीफ इंजीनियर ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालों पर निगम द्वारा सख्ती की जाएगी। संभाग में 20 फीडर चिन्हित किए हंै। इन गांवों में 40 प्रतिशत से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इन गांवों में सोमवार से तड़के 5 बजे से सुबह 9 बजे तक और शाम को 6 बजे से रात 10 बजे तक ही विद्युत सप्लाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जब तक बिजली लोस का आंकड़ा 30 प्रतिशत नहीं आएगा, तब तक कटौती रहेगी।
मेलखेड़ी में रिकॉर्ड तोड़ 91.10 फीसदी चोरी
चीफ इंजीनियर बताते है कि बारां जिले के मेलखेड़ी 11 केवी फीडर पर 91.10 फीसदी बिजली छीजत हो रही है। दूसरा नंबर भी इस जिले के रानीहेड़ा 87.89 प्रतिशत का है। तीसरे नंबर पर झालावाड़ जिले का आवर फीडर जहां 82.64, चौथे नंबर पर इस जिले का डांगी पुरा फीडर जहां 70.77 फीसदी चोरी हो रही है। ऐसे ही बूंदी जिले के बरधा बावड़ी 11 केवी फीडर पर यहां 69.71 प्रतिशत व बूंदी जिले के ही खेड़ी फीडर पर 68.98 फीसदी चोरी हो रही है।
इधर, कोटा जिले में निमोला फीडर पर 62.50 व रोनी में 58.50 प्रतिशत बिजली छीजत में जा रही है। इन आठ के अलावा 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी होने वाले 11 केवी फीडर में बारां का सोरसन, जीरो, निमोला , झालावाड़ का पनवासा, सरडा , खोड, बूंदी जिले का घटी पुरा, खानपुरा, रानी जा जबकि कोटा जिले के कोटस्वां, नालौंदी व राजगढ़ है। इन सभी 11 केवी फीडर पर सुबह व शाम को 4-4 घंटे ही बिजली सप्लाई चालू रहेगी।
चोरी की बिजली से कई घर रोशन हो रहे हैं। इसकी वजह से बिल चुकाने वाले उपभोक्ता भी परेशान होंगे। विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर बीएल पचेरवाल के अनुसार संभाग में रोजाना 1 करोड़ 48 लाख 72 हजार यूनिट विद्युत खपत होती है, लेकिन इसमें से 43.67 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। 64 लाख 94 हजार 602 यूनिट बिजली का एक भी पैसा निगम के हाथ नहीं लग रहा। विद्युत निगम को सीधे-सीधे हर रोज 4 करोड़ 54 लाख 62 हजार 216 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इधर, चीफ इंजीनियर ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालों पर निगम द्वारा सख्ती की जाएगी। संभाग में 20 फीडर चिन्हित किए हंै। इन गांवों में 40 प्रतिशत से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इन गांवों में सोमवार से तड़के 5 बजे से सुबह 9 बजे तक और शाम को 6 बजे से रात 10 बजे तक ही विद्युत सप्लाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जब तक बिजली लोस का आंकड़ा 30 प्रतिशत नहीं आएगा, तब तक कटौती रहेगी।
मेलखेड़ी में रिकॉर्ड तोड़ 91.10 फीसदी चोरी
चीफ इंजीनियर बताते है कि बारां जिले के मेलखेड़ी 11 केवी फीडर पर 91.10 फीसदी बिजली छीजत हो रही है। दूसरा नंबर भी इस जिले के रानीहेड़ा 87.89 प्रतिशत का है। तीसरे नंबर पर झालावाड़ जिले का आवर फीडर जहां 82.64, चौथे नंबर पर इस जिले का डांगी पुरा फीडर जहां 70.77 फीसदी चोरी हो रही है। ऐसे ही बूंदी जिले के बरधा बावड़ी 11 केवी फीडर पर यहां 69.71 प्रतिशत व बूंदी जिले के ही खेड़ी फीडर पर 68.98 फीसदी चोरी हो रही है।
इधर, कोटा जिले में निमोला फीडर पर 62.50 व रोनी में 58.50 प्रतिशत बिजली छीजत में जा रही है। इन आठ के अलावा 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी होने वाले 11 केवी फीडर में बारां का सोरसन, जीरो, निमोला , झालावाड़ का पनवासा, सरडा , खोड, बूंदी जिले का घटी पुरा, खानपुरा, रानी जा जबकि कोटा जिले के कोटस्वां, नालौंदी व राजगढ़ है। इन सभी 11 केवी फीडर पर सुबह व शाम को 4-4 घंटे ही बिजली सप्लाई चालू रहेगी।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai