पहले महापौर सुमन शृंगी के समय लगाई गई महाराणा प्रताप की प्रतिमा यहां से गायब है। केवल पेडस्टल रह गया है। ट्रैफिक गार्डन में कांग्रेस बोर्ड के समय बने सुलभ शौचालय का ताला भी नहीं खुल पाया है। पिछले बोर्ड में चंबल गार्डन, गांधी उद्यान और ट्रैफिक गार्डन पर हुए 3 करोड़ के खर्च के बाद ठेकेदार को 36 माह तक इसका रखरखाव करना है, लेकिन उसका एक भी व्यक्ति यहां सुरक्षा या चौकीदारी के लिए नहीं है। निगम की तरफ से लगे 10 चौकीदार भी सुबह 10 से शाम 4 बजे तक ही रहते हैं। इससे पहले और बाद यहां होने वाले न्यूसेंस को रोकने वाला कोई नहीं है।
तीसरा बोर्ड आ गया, नहीं लगी महाराणा प्रताप की प्रतिमा
गांधी उद्यान में लगी महाराणा प्रताप की प्रतिमा महापौर मोहनलाल महावर के कार्यकाल में बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद अब तक यह दोबारा नहीं लगी। डायनासोर का मुंह टूटा पड़ा है। झरना व नहर सूखी पड़ी हैं। बच्चों की फिसलपट्टी टूटी तो उसे सही तो कराया नहीं, उल्टा उसके मुंह को सरिए लगाकर बंद कर दिया।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai