कोटा रेल मंडल रेलवे बोर्ड स्तर पर यात्री संख्या बढ़ाने, आय व लदान के क्षेत्र में रिकॉर्ड बना चुका है। जोन व रेलवे बोर्ड स्तर पर कई शील्ड जीत चुका है, लेकिन कोटा रेल मंडल में भी यात्री संख्या घटी है। बीते साल अप्रैल से अक्टूबर 2015 में तीन लाख यात्री कम हुए हैं, जबकि इस साल की इस अवधि की निर्धारित लक्ष्य से 14 लाख यात्री घटे हैं। जबकि, ट्रेनों की संख्या कम नहीं हुई है। रेल प्रशासन इसके कारण तलाशने लगा है। रेलवे बोर्ड ने भी जोन स्तर पर जिन स्टेशनों से यात्रियों की संख्या घटी हैं उनकी सूची मांगी है, यात्री संख्या घटने के कारण पूछे गए हैं।
कोटा से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अभी प्रतिदिन कोटा से लगभग 105 यात्री गाडिय़ां गुजरती व चलती हैं। इसको देखते हुए ही रेलवे प्रशासन टारगेट तय करता है। लदान के भी टारगेट तय होते हैं। कोटा सहित कई स्टेशनों पर यात्री सुविधा में सुधार के बावजूद यात्रियों की संख्या में कमी ने रेल प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। यात्रियों से जुड़ा विभाग इसके कारण तलाशने में जुटा है।
कोटा मंडल में ये है यात्री भार व माल लदान की स्थिति
कोटा रेल मंडल में यात्री संख्या, यात्री आय व माल लदान की तुलनात्मक स्थिति
यात्री संख्या:
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2014 तक यात्री संख्या 2 करोड़ 30 लाख
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2015 तक यात्री संख्या 2 करोड़ 27 लाख
>टारगेट 2.41 करोड़
परिणाम: बीते साल से तीन लाख यात्री कम, टारगेट से 13 लाख यात्री कम
यात्री आय:
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2015 तक यात्री आय 195 करोड़
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2014 तक यात्री आय 177 करोड़
>टारगेट 209 करोड़
परिणाम: बीते साल से यात्री आय बढ़ी लेकिन टारगेट से 7 प्रतिशत कम
माल का लदान:
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2015 तक माल लदान 480 करोड़
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2014 तक माल लदान 427 करोड़
परिणाम: 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
टिकट चैकिंग: वर्ष 2014 के अकेले अक्टूबर माह में टिकट चैकिंग में 1 करोड़ 31 लाख रुपए राजस्व अर्जित किया गया। जबकि अक्टूबर वर्ष 2015 में 70 लाख का ही राजस्व अर्जित किया गया है।
यात्री संख्या कम होने के कई कारण हैं। बीते दिनों दिल्ली के आवटी में इंटरलॉकिंग कार्य के कारण ट्रेनों को रद्द किया परिवर्तित रूट से चलाया गया। इससे पहले भी ट्रेनें रद्द हुई। इस कारण भी यात्री संख्या कम हुई है। -वाईके चौधरी, सीनियर डीसीएम
रेलवे बोर्ड ने पूछा है कारण
रेलवे बोर्ड ने जिन-जिन जोन में यात्री संख्या में कमी हुई है। उनसे संख्या कम होने के कारण पूछे गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे भी इसमें शामिल हैं। जोन के जिन मंडलों में यात्री कम हुए हैं। उनसे तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। -सुरेन्द्र यादव, सीपीआर
कोटा से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अभी प्रतिदिन कोटा से लगभग 105 यात्री गाडिय़ां गुजरती व चलती हैं। इसको देखते हुए ही रेलवे प्रशासन टारगेट तय करता है। लदान के भी टारगेट तय होते हैं। कोटा सहित कई स्टेशनों पर यात्री सुविधा में सुधार के बावजूद यात्रियों की संख्या में कमी ने रेल प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। यात्रियों से जुड़ा विभाग इसके कारण तलाशने में जुटा है।
कोटा मंडल में ये है यात्री भार व माल लदान की स्थिति
कोटा रेल मंडल में यात्री संख्या, यात्री आय व माल लदान की तुलनात्मक स्थिति
यात्री संख्या:
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2014 तक यात्री संख्या 2 करोड़ 30 लाख
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2015 तक यात्री संख्या 2 करोड़ 27 लाख
>टारगेट 2.41 करोड़
परिणाम: बीते साल से तीन लाख यात्री कम, टारगेट से 13 लाख यात्री कम
यात्री आय:
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2015 तक यात्री आय 195 करोड़
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2014 तक यात्री आय 177 करोड़
>टारगेट 209 करोड़
परिणाम: बीते साल से यात्री आय बढ़ी लेकिन टारगेट से 7 प्रतिशत कम
माल का लदान:
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2015 तक माल लदान 480 करोड़
>1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2014 तक माल लदान 427 करोड़
परिणाम: 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
टिकट चैकिंग: वर्ष 2014 के अकेले अक्टूबर माह में टिकट चैकिंग में 1 करोड़ 31 लाख रुपए राजस्व अर्जित किया गया। जबकि अक्टूबर वर्ष 2015 में 70 लाख का ही राजस्व अर्जित किया गया है।
यात्री संख्या कम होने के कई कारण हैं। बीते दिनों दिल्ली के आवटी में इंटरलॉकिंग कार्य के कारण ट्रेनों को रद्द किया परिवर्तित रूट से चलाया गया। इससे पहले भी ट्रेनें रद्द हुई। इस कारण भी यात्री संख्या कम हुई है। -वाईके चौधरी, सीनियर डीसीएम
रेलवे बोर्ड ने पूछा है कारण
रेलवे बोर्ड ने जिन-जिन जोन में यात्री संख्या में कमी हुई है। उनसे संख्या कम होने के कारण पूछे गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे भी इसमें शामिल हैं। जोन के जिन मंडलों में यात्री कम हुए हैं। उनसे तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। -सुरेन्द्र यादव, सीपीआर
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai