राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार से सूचना केंद्र में शुरू हुई चित्र प्रदर्शनी में राजस्थान का गौरवमयी इतिहास, वर्तमान के विकास और आने वाला सुंदर भविष्य नजर आया। प्रदर्शनी की शुरुआत कलेक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने फीता काटकर की।
प्रदर्शनी 30 मार्च तक खुली रहेगी
यह प्रदर्शनी जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से लगाई गई है। अतिथियों ने शुरुआत करने के बाद प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी 30 मार्च तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में राजस्थान के विकास की गाथा चित्रों के माध्यम से दिखाई गई है। राजस्थान के एकीकरण के विभिन्न चरणों की जानकारी के साथ ही रणबांकुरों, आन-बान-शान के प्रतीकों, वीरगाथाओं की चित्रात्मक प्रस्तुति की गई है।
कौन-कौन रहे मौजूद
प्राचीन काल की व्यवस्थाओं और आज के परिदृश्य को तुलनात्मक तरीके से बताया गया है। आधुनिक और राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली योजनाओं को भी बताया गया है। यहां अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन कल्पना अग्रवाल, अतिरिक्त कलेक्टर शहर सुनीता डागा, यूआईटी सचिव डॉ. मोहन लाल यादव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। शुरुआत में सूचना और जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरिओम गुर्जर ने कलेक्टर और अन्य अधिकारियों का स्वागत किया। सूचना और जनसंपर्क अधिकारी रचना शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
30 को होगी सांस्कृतिक संध्या
राजस्थान दिवस के अवसर पर 30 मार्च को शाम 7:30 बजे छत्र विलास उद्यान में लोक कलाकारों की भव्य प्रस्तुतियां होंगी। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में हाड़ौती अंचल सहित राजस्थान के अन्य अंचलों के लोक रंगों से साक्षात हो सकेगा। कलेक्टर डॉ रवि कुमार सुरपुर ने इस आयोजन को आकर्षक और गरिमापूर्ण बनाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया है। साथ ही सभी अधिकारियों को सम्मिलित होने के लिए पाबंद किया है।
प्रदर्शनी 30 मार्च तक खुली रहेगी
यह प्रदर्शनी जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से लगाई गई है। अतिथियों ने शुरुआत करने के बाद प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी 30 मार्च तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में राजस्थान के विकास की गाथा चित्रों के माध्यम से दिखाई गई है। राजस्थान के एकीकरण के विभिन्न चरणों की जानकारी के साथ ही रणबांकुरों, आन-बान-शान के प्रतीकों, वीरगाथाओं की चित्रात्मक प्रस्तुति की गई है।
कौन-कौन रहे मौजूद
प्राचीन काल की व्यवस्थाओं और आज के परिदृश्य को तुलनात्मक तरीके से बताया गया है। आधुनिक और राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली योजनाओं को भी बताया गया है। यहां अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन कल्पना अग्रवाल, अतिरिक्त कलेक्टर शहर सुनीता डागा, यूआईटी सचिव डॉ. मोहन लाल यादव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। शुरुआत में सूचना और जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरिओम गुर्जर ने कलेक्टर और अन्य अधिकारियों का स्वागत किया। सूचना और जनसंपर्क अधिकारी रचना शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
30 को होगी सांस्कृतिक संध्या
राजस्थान दिवस के अवसर पर 30 मार्च को शाम 7:30 बजे छत्र विलास उद्यान में लोक कलाकारों की भव्य प्रस्तुतियां होंगी। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में हाड़ौती अंचल सहित राजस्थान के अन्य अंचलों के लोक रंगों से साक्षात हो सकेगा। कलेक्टर डॉ रवि कुमार सुरपुर ने इस आयोजन को आकर्षक और गरिमापूर्ण बनाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया है। साथ ही सभी अधिकारियों को सम्मिलित होने के लिए पाबंद किया है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai