रायपुरा चौराहे के पास मालीपुरा रोड पर सरकारी जमीन पर प्लानिंग काटकर बनाए गए 19 मकानों को यूआईटी ने मंगलवार को ढहा दिया। इसमें पांच मकान गैर खाते की जमीन में थे। इसके अलावा थेगड़ा से रायपुरा रोड पर सरकारी जमीन पर बनाई गई पांच दुकानों को भी ढहा दिया। मुक्त करवाई गई जमीन की कीमत यूआईटी ने 30 करोड़ रुपए मानी है, जिस पर अब यूआईटी अपनी प्लानिंग बनाएगा।
सरकारी जमीन पर मकान बनाकर बेचने की सूचना पर यूआईटी के उपसचिव मानसिंह मीणा ने मौका देखा। मानसिंह के अनुसार वहां लोगों ने बताया कि उनको ईश्वर लाल सैनी ने ये मकान बेचे हैं। मंगलवार सुबह 6 बजे ही 6 जेसीबी व करीब 100 सुरक्षाकर्मियों के साथ टीम ने पहुंचकर सभी मकानों को ध्वस्त कर दिया। यहां 14 मकान पूरे बन गए थे, जिनकी फिनिशिंग चल रही थी। इसी के पास 5 मकान बने हुए थे, जाे गैर खाते की जमीन में थे, उन्हें भी तोड़ दिया गया। इसके पास ही 20 मकानों की नींव खोदकर प्लिंथ लेवल कर दिया गया था, उन्हें थी तोड़कर नीवें भर दी गई।
पास की जमीन में सड़कें बनाकर बिजली के खंभे लगा दिए गए थे, जिनमें भी अलग-अलग भूखंड बेचे जा रहे थे। सबकी चारदीवारी को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारी अतिक्रमी को ढूंढ रहे थे। वहां जो लोग आए, उन्होंने 15-15 लाख रुपए में मकान खरीदने की बात कही। वे भी अतिक्रमी का नाम बताने के लिए तैयार नहीं हुए। केवल ईश्वरलाल सैनी का नाम सामने आया।
पांच दुकानें भी तोड़ी
यूआईटी की कार्रवाई दोपहर 2 बजे तक चली। लौटते समय रायपुरा से थेकड़ा रोड पर बनी 5 दुकानों को सिवायचक मानते हुए तोड़ दिया। ये अभी नए ही बनाए थे। यहां तहसीलदार बद्रीलाल मीणा व रामकल्याण ने कार्रवाई की।
30 बीघा जमीन मुक्त करवाई
सचिव डॉ. मोहनलाल यादव ने कहा कि अतिक्रमियों से लगभग 30 बीघा जमीन को मुक्त करवाया गया है। इसकी कीमत 30 करोड़ रुपए है। अब यूआईटी यहां अपनी स्कीम बनाएगा। इसके लिए डीटीपी को भी बुला लिया गया था, जो यहां योजना बनाकर देंगे। उन्होंने कहा कि अतिक्रमियों की हिम्मत इतनी हो गई कि सरकारी जमीन पर ही प्लानिंग काट दी, इसमें सड़कें बनाने के साथ ही बिजली के खंभे भी खड़े कर दिए गए थे।
सरकारी जमीन पर मकान बनाकर बेचने की सूचना पर यूआईटी के उपसचिव मानसिंह मीणा ने मौका देखा। मानसिंह के अनुसार वहां लोगों ने बताया कि उनको ईश्वर लाल सैनी ने ये मकान बेचे हैं। मंगलवार सुबह 6 बजे ही 6 जेसीबी व करीब 100 सुरक्षाकर्मियों के साथ टीम ने पहुंचकर सभी मकानों को ध्वस्त कर दिया। यहां 14 मकान पूरे बन गए थे, जिनकी फिनिशिंग चल रही थी। इसी के पास 5 मकान बने हुए थे, जाे गैर खाते की जमीन में थे, उन्हें भी तोड़ दिया गया। इसके पास ही 20 मकानों की नींव खोदकर प्लिंथ लेवल कर दिया गया था, उन्हें थी तोड़कर नीवें भर दी गई।
पास की जमीन में सड़कें बनाकर बिजली के खंभे लगा दिए गए थे, जिनमें भी अलग-अलग भूखंड बेचे जा रहे थे। सबकी चारदीवारी को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारी अतिक्रमी को ढूंढ रहे थे। वहां जो लोग आए, उन्होंने 15-15 लाख रुपए में मकान खरीदने की बात कही। वे भी अतिक्रमी का नाम बताने के लिए तैयार नहीं हुए। केवल ईश्वरलाल सैनी का नाम सामने आया।
पांच दुकानें भी तोड़ी
यूआईटी की कार्रवाई दोपहर 2 बजे तक चली। लौटते समय रायपुरा से थेकड़ा रोड पर बनी 5 दुकानों को सिवायचक मानते हुए तोड़ दिया। ये अभी नए ही बनाए थे। यहां तहसीलदार बद्रीलाल मीणा व रामकल्याण ने कार्रवाई की।
30 बीघा जमीन मुक्त करवाई
सचिव डॉ. मोहनलाल यादव ने कहा कि अतिक्रमियों से लगभग 30 बीघा जमीन को मुक्त करवाया गया है। इसकी कीमत 30 करोड़ रुपए है। अब यूआईटी यहां अपनी स्कीम बनाएगा। इसके लिए डीटीपी को भी बुला लिया गया था, जो यहां योजना बनाकर देंगे। उन्होंने कहा कि अतिक्रमियों की हिम्मत इतनी हो गई कि सरकारी जमीन पर ही प्लानिंग काट दी, इसमें सड़कें बनाने के साथ ही बिजली के खंभे भी खड़े कर दिए गए थे।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai