सुसाइड के 27 दिन बाद परिजनों ने संचालक व वार्डन पर लगाया हत्या का आरोप

सुसाइड के 27 दिन बाद परिजनों ने संचालक व वार्डन पर लगाया हत्या का आरोप

सुसाइड के 27 दिन बाद परिजनों ने संचालक व वार्डन पर लगाया हत्या का आरोप

राजीव गांधी नगर में प्री-मेडिकल कोचिंग कर रही मुरादाबाद निवासी छात्रा अंजलि आनंद के सुसाइड के मामले में 27 दिन बाद शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। परिजनों को छात्रा के बैग से हॉस्टल संचालक के नाम लिखा एक नोट मिला है, जिसमें हॉस्टल में रात के समय अनजान लोगों के आने व वार्डन द्वारा न रोकने की शिकायत की गई है। इसके बाद परिजनों ने वार्डन व संचालक पर छात्रा के मर्डर का आरोप लगाया है।
अंजलि के पिता महेश कुमार ने जवाहर नगर पुलिस को शिकायत दी है। इसमें कहा है कि अंजलि ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में संचालक व मां राजकुमारी
से शिकायत की थी कि हॉस्टल में रात के समय कुछ अनजान लोग आते हैं, जो सही नहीं है। शिकायत के बाद मां राजकुमारी हॉस्टल बदलवाने कोटा आईं, लेकिन उनको अपने अनुसार नया हॉस्टल नहीं मिला। राजकुमारी अंजलि को दिलासा देकर मुरादाबाद चली गईं कि दिवाली के बाद पापा आएंगे और हॉस्टल बदलवा देंगे। 1 नवंबर को हॉस्टल संचालक का फोन आया कि आपकी बेटी ने सुसाइड कर लिया है। मृत्यु संस्कार और दिवाली के बाद अंजली के बैग से परिजनों को वैसी ही शिकायत से भरा एक नोट मिला। इसके बाद परिजनों ने वार्डन व हॉस्टल संचालक पर मर्डर का आरोप लगाया। इधर, जवाहर नगर सीआई राजेश मेश्राम का कहना है कि अंजलि की पीएम रिपोर्ट व मौका मुआयना रिपोर्ट के अनुसार यह केस सुसाइड का ही है। लेकिन, हमने परिजनों की शिकायत ले ली है, जिसकी जांच मर्ग रिपोर्ट के साथ जोड़कर की जा रही है।
 
प्लीज वार्डन आंटी से बोलो कि रात में किसी को अंदर न आने दें
‘इस गर्ल्स हॉस्टल में रात 11 बजे के बाद कोई भी आ रहा है तो वो अच्छी बात नहीं है। आप प्लीज वार्डन आंटी को बोलो कि उनको रात में जिससे भी बात करनी हो तो वो गेट पर बात करें। ऐसे हॉस्टल में किसी का भी आना ठीक नहीं है। जब आप (हॉस्टल संचालक) रात 8 बजे के बाद नहीं आते तो फिर किसी और को इतनी रात को एंट्री अलाऊ क्यों है? कल रात की 10.45 बजे की गेट की रिकॉर्डिंग एक बार चेक कर लीजिए।’
(अंजलि का वो नोट जो उसके पिता ने पुलिस को दिया।)
 
 
आत्मदाह की चेतावनी के बाद पुलिस पहुंची हॉस्टल
अंजलि के परिजन दो दिनों से जवाहर नगर थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी नहीं सुन रही। जिस अधिकारी के नाम जांच है, वो छुट्टियों पर है। परिजनों के आने पर जिसे सीआई ने जांच दी, वो कोर्ट एविडेंस में बिजी है। दूसरे अधिकारी के पास पहले से वर्क लोड है। ऐसे में यूपी से आए परिजन आखिर कहां जाएं? तंग आकर शुक्रवार को पिता महेश, मां राजकुमारी, मामा रणवीर सिंह, चाचा बबलू, भाई टोनी व अन्य ने थाने में आत्मदाह की चेतावनी दे दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस अधिकारी तुरंत राजीव गांधी नगर के उस हॉस्टल में पहुंचे जहां अंजलि ने सुसाइड किया। वहां हॉस्टल संचालक को बुलवाकर सुसाइड से पहले 10 दिनों के सीसीटीवी फुटेज मंगवाए गए।
 
वो सवाल जिनका जवाब मांग रहे परिजन
1 एक नवंबर को खिड़की की कुंडी तोड़कर गेट खोला और शव देखा गया। कुंडी अंदर से बंद थी तो कुंडी कैसे टूटी? वहां कुंडी या कांच तोड़ने के निशान नहीं हैं। पुलिस ने संचालक की बात सही कैसे मान ली?
 
2 जिस खिड़की पर लटककर सुसाइड करना बताया, उसका गेट खुला था। उससे कोई भी आसानी से बाहर आ-जा सकता था। पुलिस ने इसकी जांच क्यों नहीं की?
 
3 अंजलि ने संचालक को मौखिक और लिखित रूप से वार्डन द्वारा अनजान आदमियों को हॉस्टल में बुलवाने की शिकायत की तो संचालक ने एक्शन क्यों नहीं लिया?

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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