श्रीनाथपुरम फायर ब्रिगेड ऑफिस के पास पार्क की बेंच पर बुधवार को कोई एक मासूम बच्ची को छोड़ गया। न मां का पता, न ही पिता का.... और न ही उनके मिलने की कोई उम्मीद। किस्मत से राहगीरों ने देख लिया तो फिर से नई जिंदगी मिल गई।
24 घंटे की बच्ची
मासूम 24 घंटे पहले जन्मी है, जिसे शायद एक बार भी मां का दूध नसीब नहीं हुआ। आरकेपुरम पुलिस मासूम को डॉक्टरों के पास ले गई तो डॉक्टरों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। चेक करके बोले- बच्ची एकदम फिट है, वो मां अभागी है जो इसकी मुस्कान को जिंदगीभर तरसेगी।
बच्ची को अपनाघर ले गई
अस्पताल के बेड पर मां को तलाश रही आंखें भूख के मारे रोने लगीं तो पास ही लेटी एक मां से रहा नहीं गया। उसने मासूम बच्ची को दो बार अपना दूध पिलाकर भूख शांत की। बच्ची के एकदम स्वस्थ होने की पुष्टि के बाद चाइल्ड लाइन की टीम बच्ची को अपनाघर ले गई।
निजी अस्पताल पर शक
चाइल्ड लाइन के दिनेश शर्मा ने बताया कि बच्ची ने पीले रंग की ड्रेस पहनी है, जो भूरे रंग के तौलिए में लपेटी हुई मिली। उसके पैर पर एक सील लगी मिली है, जो बच्ची के निजी अस्पताल से आने की पुष्टि करता है। सील पर अस्पताल का नाम नहीं है, लेकिन पीले रंग के कपड़े अस्पताल के ही हैं।
बेटे के हिस्से का दूध पिलाया
छबड़ा, बारां निवासी रिंकू मालव पत्नी मुरारी मालव ने सोमवार को बेटे को जन्म दिया है। जब मासूम को जेके लोन अस्पताल लाया गया तो रिंकू ने अपने बेटे के हिस्से का दूध रोती-बिलखती मासूम बेटी को पिलाया। बकौल, रिंकू- मेरी उस मां से अपील है कि परिवार और समाज की चिंता छोड़कर मासूम को अपनाओ। सब ठीक हो जाएगा।
24 घंटे की बच्ची
मासूम 24 घंटे पहले जन्मी है, जिसे शायद एक बार भी मां का दूध नसीब नहीं हुआ। आरकेपुरम पुलिस मासूम को डॉक्टरों के पास ले गई तो डॉक्टरों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। चेक करके बोले- बच्ची एकदम फिट है, वो मां अभागी है जो इसकी मुस्कान को जिंदगीभर तरसेगी।
बच्ची को अपनाघर ले गई
अस्पताल के बेड पर मां को तलाश रही आंखें भूख के मारे रोने लगीं तो पास ही लेटी एक मां से रहा नहीं गया। उसने मासूम बच्ची को दो बार अपना दूध पिलाकर भूख शांत की। बच्ची के एकदम स्वस्थ होने की पुष्टि के बाद चाइल्ड लाइन की टीम बच्ची को अपनाघर ले गई।
निजी अस्पताल पर शक
चाइल्ड लाइन के दिनेश शर्मा ने बताया कि बच्ची ने पीले रंग की ड्रेस पहनी है, जो भूरे रंग के तौलिए में लपेटी हुई मिली। उसके पैर पर एक सील लगी मिली है, जो बच्ची के निजी अस्पताल से आने की पुष्टि करता है। सील पर अस्पताल का नाम नहीं है, लेकिन पीले रंग के कपड़े अस्पताल के ही हैं।
बेटे के हिस्से का दूध पिलाया
छबड़ा, बारां निवासी रिंकू मालव पत्नी मुरारी मालव ने सोमवार को बेटे को जन्म दिया है। जब मासूम को जेके लोन अस्पताल लाया गया तो रिंकू ने अपने बेटे के हिस्से का दूध रोती-बिलखती मासूम बेटी को पिलाया। बकौल, रिंकू- मेरी उस मां से अपील है कि परिवार और समाज की चिंता छोड़कर मासूम को अपनाओ। सब ठीक हो जाएगा।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai