“जो रोज चलते हैं, वो बरसों चलते हैं।’ इसी थीम पर वॉकाथोन-2016 के तहत 21 फरवरी को कोटा शहर अपने दिल के लिए दौड़ेगा। शहर के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. साकेत गोयल की पहल पर उनकी टीम हार्टवाइज यह आयोजन करने जा रहा है। वॉकाथोन के पोस्टर व स्टीकर का गुरुवार को उम्मेद क्लब में विमोचन किया गया।
हार्टवाइज टीम की कोर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 21 फरवरी को होने जा रही वॉकाथोन-2016 का उद्देश्य लोगों को अपने दिल को मजबूत करने के लिए रोजाना दौड़ने व चलने की आदत को पैदा करना है। डॉ. गोयल ने बताया कि नयापुरा स्थित उम्मेद क्लब से शुरू होने वाली 3 और 6 किलोमीटर की इस वॉक और रन में शहर के कई सामाजिक संगठन, कोचिंग संस्थान, कई क्लबों के सदस्य एवं विभिन्न स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी भाग लेंगे। इस मौके पर प्रेम प्रकाश, तरुमीत सिंह बेदी, बृजेश शर्मा नीटू, राजीव खंडेलवाल, डॉ. राकेश जिंदल, अजय मित्तल, कमलदीप सिंह, डॉ. अनीश खंडेलवाल मौजूद रहे।
4 हजार लोगों को दिए जाएंगे पैडोमीटर
वॉक के दौरान पूरे मार्ग में फलाहार, छाछ व पेयजल की व्यवस्था रहेगी। वहीं पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 4 हजार लोगों को वॉक मापने का यंत्र पैडोमीटर दिया जाएगा। बच्चों को कैप व अन्य गिफ्ट दिए जाएंगे। डॉ. साकेत ने बताया कि हृदय रोग से भारत में रोजाना 900 युवाओं की मौत होती है। सबसे सीधा और सरल उपाय यही है कि हर इंसान रोजाना पैदल चले और खानपान पर ध्यान दें।
हार्टवाइज टीम की कोर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 21 फरवरी को होने जा रही वॉकाथोन-2016 का उद्देश्य लोगों को अपने दिल को मजबूत करने के लिए रोजाना दौड़ने व चलने की आदत को पैदा करना है। डॉ. गोयल ने बताया कि नयापुरा स्थित उम्मेद क्लब से शुरू होने वाली 3 और 6 किलोमीटर की इस वॉक और रन में शहर के कई सामाजिक संगठन, कोचिंग संस्थान, कई क्लबों के सदस्य एवं विभिन्न स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी भाग लेंगे। इस मौके पर प्रेम प्रकाश, तरुमीत सिंह बेदी, बृजेश शर्मा नीटू, राजीव खंडेलवाल, डॉ. राकेश जिंदल, अजय मित्तल, कमलदीप सिंह, डॉ. अनीश खंडेलवाल मौजूद रहे।
4 हजार लोगों को दिए जाएंगे पैडोमीटर
वॉक के दौरान पूरे मार्ग में फलाहार, छाछ व पेयजल की व्यवस्था रहेगी। वहीं पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 4 हजार लोगों को वॉक मापने का यंत्र पैडोमीटर दिया जाएगा। बच्चों को कैप व अन्य गिफ्ट दिए जाएंगे। डॉ. साकेत ने बताया कि हृदय रोग से भारत में रोजाना 900 युवाओं की मौत होती है। सबसे सीधा और सरल उपाय यही है कि हर इंसान रोजाना पैदल चले और खानपान पर ध्यान दें।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai