बोरखेड़ा क्षेत्र में बनी नई कॉलोनियों में रहने वाले सैकड़ों परिवार 20-20 सालों बाद भी सड़क और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और इस कारण उनकी कॉॅलोनी की दशा कच्ची बस्ती से भी बदतर हो रही है। जगह-जगह पानी भरा और सड़क के नाम पर केवल गड्ढे हैं। यहां भरे पानी में मच्छर पनप रहे हैं और हालत ये हैं कि इस मौसम में भी यहां पर डेंगू से 6 लोग पीड़ित हैं।
यूआईटी से एप्रूव्ड कई कॉलोनी
बोरखेड़ा क्षेत्र में निधि विहार , अमृत धाम प्रथम, अमृत धाम विस्तार, न्यू श्रीराम कालोनी, श्याम विहार, चाणक्य नगर प्रथम, चाणक्य नगर द्वितीय, चाणक्य नगर विस्तार, बजरंग धाम, राधे विहार, कुबेर धाम आदि कई कालोनियां हैं। इन कालोनियों को बने 3 से 20 साल तक हो गए। कई कालोनियां यूआईटी से एप्रूव्ड है और उनके मकानों का पैसा भी यूआईटी में जमा है।
समाधान की मांग करते रहे
उसके बावजूद यहां पर न यूआईटी कोई काम करवाता है न ही नगर निगम ध्यान देती है। इस समस्याओं से जूझ रहे लोगों ने अमृत धाम आवास विकास समिति बनाई। इस समिति के माध्यम से समय-समय पर नगर निगम और यूआईटी को अपनी समस्याओं से अवगत करवाकर इनके समाधान की मांग भी करते रहे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
6 लोग शिकार हो गए
जब डेंगू रोग ने फिर से कॉलोनियों में पैर पसारना शुरू कर दिया और एक साथ 6 लोग शिकार हो गए तो समिति के अध्यक्ष जगदीश गांधी, उपाध्यक्ष हनुमान पारेता, कोषाध्यक्ष राजेंद्र , महामंत्री दुर्गाप्रसाद पांडे आदि बुधवार को एक बार फिर नगर निगम और यूआईटी पहुंचे और नारकीय हालातों से अवगत करवाकर इससे मुक्ति दिलवाने की मांग की।
यूआईटी को कई बार पत्र लिखा गया
स्थानीय पार्षद राममोहन मित्रा ने कहा है कि मेरे वार्ड में बोरखेड़ा क्षेत्र की कई कॉॅलोनी है जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इन कॉलोनियों में सड़क निर्माण के लिए यूआईटी को कई बार पत्र लिख दिया है, क्योंकि ये कॉलोनियों यूआईटी से ही एप्रूव्ड हुई हैं और इनका शुल्क भी यूआईटी ने लिया है तो काम करवाने की जिम्मेदारी भी उनकी ही है। यूआईटी तर्क देती है कि सभी कॉलोनियों एप्रूव्ड नहीं है। इससे उन लोगों को भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने एप्रूव्ड करवाकर सालों पहले पैसा दे रखा है।
यूआईटी से एप्रूव्ड कई कॉलोनी
बोरखेड़ा क्षेत्र में निधि विहार , अमृत धाम प्रथम, अमृत धाम विस्तार, न्यू श्रीराम कालोनी, श्याम विहार, चाणक्य नगर प्रथम, चाणक्य नगर द्वितीय, चाणक्य नगर विस्तार, बजरंग धाम, राधे विहार, कुबेर धाम आदि कई कालोनियां हैं। इन कालोनियों को बने 3 से 20 साल तक हो गए। कई कालोनियां यूआईटी से एप्रूव्ड है और उनके मकानों का पैसा भी यूआईटी में जमा है।
समाधान की मांग करते रहे
उसके बावजूद यहां पर न यूआईटी कोई काम करवाता है न ही नगर निगम ध्यान देती है। इस समस्याओं से जूझ रहे लोगों ने अमृत धाम आवास विकास समिति बनाई। इस समिति के माध्यम से समय-समय पर नगर निगम और यूआईटी को अपनी समस्याओं से अवगत करवाकर इनके समाधान की मांग भी करते रहे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
6 लोग शिकार हो गए
जब डेंगू रोग ने फिर से कॉलोनियों में पैर पसारना शुरू कर दिया और एक साथ 6 लोग शिकार हो गए तो समिति के अध्यक्ष जगदीश गांधी, उपाध्यक्ष हनुमान पारेता, कोषाध्यक्ष राजेंद्र , महामंत्री दुर्गाप्रसाद पांडे आदि बुधवार को एक बार फिर नगर निगम और यूआईटी पहुंचे और नारकीय हालातों से अवगत करवाकर इससे मुक्ति दिलवाने की मांग की।
यूआईटी को कई बार पत्र लिखा गया
स्थानीय पार्षद राममोहन मित्रा ने कहा है कि मेरे वार्ड में बोरखेड़ा क्षेत्र की कई कॉॅलोनी है जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इन कॉलोनियों में सड़क निर्माण के लिए यूआईटी को कई बार पत्र लिख दिया है, क्योंकि ये कॉलोनियों यूआईटी से ही एप्रूव्ड हुई हैं और इनका शुल्क भी यूआईटी ने लिया है तो काम करवाने की जिम्मेदारी भी उनकी ही है। यूआईटी तर्क देती है कि सभी कॉलोनियों एप्रूव्ड नहीं है। इससे उन लोगों को भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने एप्रूव्ड करवाकर सालों पहले पैसा दे रखा है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai