देश के 97 स्मार्ट शहरों के बीच हुए “सिटी चैलेंज कॉम्पटीशन’ में हम कैसे और कहां पिछड़े, यह जानने के लिए भास्कर ने उदयपुर के ड्राफ्ट स्मार्ट सिटी प्रपोजल (डीएससीपी ) खंगाला। उदयपुर आबादी में तो छोटा है ही कई अन्य मायनों में भी हमसे पीछे है, लेकिन वह पहले 20 शहरों में शामिल हो गया।
उदयपुर नगर निगम ने आम लोगों के फीडबैक की मदद से अपने टॉप 5 प्राथमिकताएं तय की और प्रजेंटेशन में इसको अलग से स्थान दिया। कोटा नगर निगम के प्रजेंटेशन में इसका उल्लेख ही नहीं है। उदयपुर ने अपने ड्राफ्ट में जहां शहर की समस्याएं बताईं तो ये भी बताया कि उनके समाधान के लिए क्या किया जाना है।
वहीं, कोटा नगर निगम केवल आंकड़ेबाजी में उलझा रहा। कोटा के प्रजेंटेशन में समस्याओं और उनके समाधान का उल्लेख तक नहीं है। उदयपुर नगर निगम ने प्लान तैयार करने वाली कंसल्टेंसी फर्म से चुनिंदा क्षेत्रों की फोटोग्राफी कराई और उनमें वे बदलाव इंगित किए, जो वहां का स्थानीय निकाय चाहता है। मसलन- झूलते बिजली के तार, स्ट्रीट लाइट प्वाइंट्स, खुले नाले, उधड़ी सड़कें, बेतरतीब पार्किंग, पैदल राहगीरों व साइकिल चलाने लायक सुंदर सड़कें आदि। उदयपुर ने अपने शहर की झीलों व अपने टूरिस्ट स्पॉट्स को भी जमकर भुनाया। लेकिन कोटा नगर निगम के ड्राफ्ट में हमारे जंगल, चंबल नदी, कोचिंग हब, पावर हब जैसे फोटो शामिल करने के बजाय राजनेताओं व अफसरों की बैठकों के फोटो शामिल थे।
उदयपुर नगर निगम ने आम लोगों के फीडबैक की मदद से अपने टॉप 5 प्राथमिकताएं तय की और प्रजेंटेशन में इसको अलग से स्थान दिया। कोटा नगर निगम के प्रजेंटेशन में इसका उल्लेख ही नहीं है। उदयपुर ने अपने ड्राफ्ट में जहां शहर की समस्याएं बताईं तो ये भी बताया कि उनके समाधान के लिए क्या किया जाना है।
वहीं, कोटा नगर निगम केवल आंकड़ेबाजी में उलझा रहा। कोटा के प्रजेंटेशन में समस्याओं और उनके समाधान का उल्लेख तक नहीं है। उदयपुर नगर निगम ने प्लान तैयार करने वाली कंसल्टेंसी फर्म से चुनिंदा क्षेत्रों की फोटोग्राफी कराई और उनमें वे बदलाव इंगित किए, जो वहां का स्थानीय निकाय चाहता है। मसलन- झूलते बिजली के तार, स्ट्रीट लाइट प्वाइंट्स, खुले नाले, उधड़ी सड़कें, बेतरतीब पार्किंग, पैदल राहगीरों व साइकिल चलाने लायक सुंदर सड़कें आदि। उदयपुर ने अपने शहर की झीलों व अपने टूरिस्ट स्पॉट्स को भी जमकर भुनाया। लेकिन कोटा नगर निगम के ड्राफ्ट में हमारे जंगल, चंबल नदी, कोचिंग हब, पावर हब जैसे फोटो शामिल करने के बजाय राजनेताओं व अफसरों की बैठकों के फोटो शामिल थे।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai