जाट आरक्षण आंदोलन के असर से तीन दिनों में दिल्ली-मुंबई रूट की कई ट्रेनें रद्द की जा रही हैं। दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़, जम्मू की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के नहीं चलने से सोमवार को भी 1500 से ज्यादा यात्रियों ने टिकट रद्द करवाए।
रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं आंदोलनकारी
कोटा रेल मंडल के धोरमुई जघीना रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं। कोटा-निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस सोमवार को नहीं चलाया जा सका। इस कारण 500 से ज्यादा यात्री परेशान हुए। इन यात्रियों को टिकट रद्द करवाने के लिए कतार में लगना पड़ा। कई लोग दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेनों के बारे में रेलवे पूछताछ केन्द्र पर पूछते रहे। मुंबई-अमृतसर स्वर्ण मंदिर मेल को परिवर्तित रूट बयाना, आगरा होकर चलाया गया।
2 दिन से इंतजार कर रहे हैं
अमृतसर निवासी यज्ञदीत, रेशम, खजान सिंह व त्रिपत पाल अपने घर जाने के लिए 2 दिन से ट्रेन पकड़ने का इंतजार कर रहे हैं। अमृतसर जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन रद्द है। वहीं, स्वर्ण मंदिर मेल के लेटलतीफ चलने व रूट परिवर्तित होने के कारण चारों कोटा रेलवे स्टेशन पर ही फंसे हुए हैं। रेशम का कहना है कि वे यहां एक माह पहले लेजर लेवलर मशीन पर काम करने पहुंचे थे।
2 दिन से नहीं मिल रही ट्रेन
यहां से लौटने के लिए 2 दिन से स्टेशन के चक्कर लगा रहे हैं। अमृतसर जाने वाली कोई ट्रेन नहीं मिलती। सोमवार को वे रिफ्रेशमेंट रूम में बैठकर नाश्ता कर रहे थे। उनका कहना था कि दिल्ली तक भी यदि सीधी ट्रेन मिल जाए तो वे उसमें सवार होकर अमृतसर चले जाएंगे। लेकिन सीधे दिल्ली की भी तो ट्रेन नहीं मिल रही।
रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं आंदोलनकारी
कोटा रेल मंडल के धोरमुई जघीना रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं। कोटा-निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस सोमवार को नहीं चलाया जा सका। इस कारण 500 से ज्यादा यात्री परेशान हुए। इन यात्रियों को टिकट रद्द करवाने के लिए कतार में लगना पड़ा। कई लोग दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेनों के बारे में रेलवे पूछताछ केन्द्र पर पूछते रहे। मुंबई-अमृतसर स्वर्ण मंदिर मेल को परिवर्तित रूट बयाना, आगरा होकर चलाया गया।
2 दिन से इंतजार कर रहे हैं
अमृतसर निवासी यज्ञदीत, रेशम, खजान सिंह व त्रिपत पाल अपने घर जाने के लिए 2 दिन से ट्रेन पकड़ने का इंतजार कर रहे हैं। अमृतसर जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन रद्द है। वहीं, स्वर्ण मंदिर मेल के लेटलतीफ चलने व रूट परिवर्तित होने के कारण चारों कोटा रेलवे स्टेशन पर ही फंसे हुए हैं। रेशम का कहना है कि वे यहां एक माह पहले लेजर लेवलर मशीन पर काम करने पहुंचे थे।
2 दिन से नहीं मिल रही ट्रेन
यहां से लौटने के लिए 2 दिन से स्टेशन के चक्कर लगा रहे हैं। अमृतसर जाने वाली कोई ट्रेन नहीं मिलती। सोमवार को वे रिफ्रेशमेंट रूम में बैठकर नाश्ता कर रहे थे। उनका कहना था कि दिल्ली तक भी यदि सीधी ट्रेन मिल जाए तो वे उसमें सवार होकर अमृतसर चले जाएंगे। लेकिन सीधे दिल्ली की भी तो ट्रेन नहीं मिल रही।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai