नकली घी के 2 बड़े कारखाने पकड़े जाने से पहले भी कोटा में नकली घी बेचने के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई भी नकली घी जैसी ही है। खासतौर पर रामपुरा और गुलाबबाड़ी में 15 साल पहले सामने आए मामले खासे चर्चा में रहे।
पुलिस ने किया भंडाभोड़
वर्ष 2000 और वर्ष 2009 में अकेले रामपुरा थाने में ऐसे ही 5 मामलों का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। हालांकि पुलिस 16 सालों में दर्ज किए 6 मुकदमों के 16 आरोपियों को आज तक सजा नहीं दिलवा सकी। पुलिस ऐसी कार्रवाई करके वाहवाही तो बटोरती है, लेकिन कभी अवैध कारोबारियों के सरगना तक नहीं पहुंच पाती। इसकी एक वजह यह भी है कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद ऐसे मामलों में रुचि नहीं दिखाती।
पड़ोसी के घर से 150 खाली पीपे बरामद
नकली घी बेचने वाले संजय जैन ने पारस घी के पीपे पड़ोसी के घर की छत पर छिपाकर रखे थे। पुलिस ने बुधवार को उससे 150 पीपे बरामद किए। यह ओरिजनल पीपे वो बाजार से 25 से 30 रुपए में खरीदकर उसमें नकली घी भरकर बेचता था। इधर, डीएसपी सिद्धांत शर्मा ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां उद्योग नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार मनीष जैन को जेल भेज दिया गया। जबकि, संजय जैन को 8 अप्रैल तक रिमांड पर दिया गया। आरकेपुरम पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों टेकचंद लालवानी, आशीष और हेमंत को भी रिमांड पर साैंपा गया।
दिल्ली से लाए थे नकली घी बेचने
रामपुरा पुलिस ने वर्ष 2000 में पंकज कुमार, सुनील कुमार और दिनेश सिंघल को नकली घी के साथ गिरफ्तार किया। तीनों दिल्ली की कपिल इंड्रस्ट्रीज नामक फर्म से घी बेचने कोटा लाए थे। पुलिस ने आरोपियों से नकली इंडाना घी के 1500 डिब्बे बरामद किए।
नतीजा: पुलिस ने चालान पेश कर दिया, लेकिन सजा नहीं दिला सकी। मामला कोर्ट में पेडिंग।
86 डिब्बों सहित 4 आरोपी पकड़े गए
पुलिस ने संजय ढिंगरा, रूपेश चावला, विष्णु कुमार और गणेश कुमार को वर्ष 2000 में गिरफ्तार किया। लेकिन, पुलिस इनकी अगली कड़ी तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने इनसे नकली घी के 86 डिब्बे बरामद किए। कुछ घी रामपुरा थाना क्षेत्र में बेचा जा रहा था और कुछ बेचने का प्लान था। मामला कोर्ट में आज तक पेंडिंग है। पुलिस इसके पीछे शामिल लोगों को बेनकाब नहीं कर सकी।
गुलाबबाड़ी में चल रहा था पूरा कारखाना
सीआई पुष्पेन्द्र आड़ा ने बताया कि 2009 को गुलाबबाड़ी में छापा मारकर नकली घी का कारखाना पकड़ा। इसमें ललित जैन और संजय जैन सहित 2 नाबालिगों को पकड़ा। इनसे 500 एमएल के 19 नग, 1 लीटर के 16 नग (पारस घी), 200 एमएल के 200 डिब्बे, 1 लीटर के 24 डिब्बे, 500 एमएल के 500 डिब्बे (मिल्क क्रीम) और 1 लीटर के 10 डिब्बे, 500 एमएल के 20 डिब्बे (इंडाना ) बरामद किए। चालान पेश किया, लेकिन सजा नहीं हुई। मामला कोर्ट में पेंडिंग है।
सरेआम बेच रहे थे नकली घी
जयपुर निवासी 2 युवक अशोक गहलोत और मोहनलाल ने दादाबाड़ी निवासी बलराम को नकली घी बेचा। बलराम की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार तो किया, लेकिन यह पता नहीं लगा सकी की इनको घी कौन सप्लाई कर रहा है।
नतीजा: मामला कोर्ट में पेंडिंग चल रहा है।
हरियाणा से आए घी के 195 डिब्बे
पुलिस ने दो आरोपियों जयपुर निवासी दिनेश सिंघल और हरियाणा निवासी पंकज कुमार को कोटा से गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप था कि ये हरियाणा से मिल्क राजउड ब्रांड के नकली 195 डिब्बे बेचने के लिए कोटा लाए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके चालान कर दिया।
कोर्ट ट्रायल के दौरान आरोपी की मौत
महावीर नगर पुलिस ने वर्ष 2003 में एक आरोपी को नकली घी बेचते गिरफ्तार किया। सीआई कालूराम के मुताबिक पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ट्रायल के दौरान आरोपी की मौत हो गई। जिसके बाद कार्रवाई ड्रॉप हो गई।
पुलिस ने किया भंडाभोड़
वर्ष 2000 और वर्ष 2009 में अकेले रामपुरा थाने में ऐसे ही 5 मामलों का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। हालांकि पुलिस 16 सालों में दर्ज किए 6 मुकदमों के 16 आरोपियों को आज तक सजा नहीं दिलवा सकी। पुलिस ऐसी कार्रवाई करके वाहवाही तो बटोरती है, लेकिन कभी अवैध कारोबारियों के सरगना तक नहीं पहुंच पाती। इसकी एक वजह यह भी है कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद ऐसे मामलों में रुचि नहीं दिखाती।
पड़ोसी के घर से 150 खाली पीपे बरामद
नकली घी बेचने वाले संजय जैन ने पारस घी के पीपे पड़ोसी के घर की छत पर छिपाकर रखे थे। पुलिस ने बुधवार को उससे 150 पीपे बरामद किए। यह ओरिजनल पीपे वो बाजार से 25 से 30 रुपए में खरीदकर उसमें नकली घी भरकर बेचता था। इधर, डीएसपी सिद्धांत शर्मा ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां उद्योग नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार मनीष जैन को जेल भेज दिया गया। जबकि, संजय जैन को 8 अप्रैल तक रिमांड पर दिया गया। आरकेपुरम पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों टेकचंद लालवानी, आशीष और हेमंत को भी रिमांड पर साैंपा गया।
दिल्ली से लाए थे नकली घी बेचने
रामपुरा पुलिस ने वर्ष 2000 में पंकज कुमार, सुनील कुमार और दिनेश सिंघल को नकली घी के साथ गिरफ्तार किया। तीनों दिल्ली की कपिल इंड्रस्ट्रीज नामक फर्म से घी बेचने कोटा लाए थे। पुलिस ने आरोपियों से नकली इंडाना घी के 1500 डिब्बे बरामद किए।
नतीजा: पुलिस ने चालान पेश कर दिया, लेकिन सजा नहीं दिला सकी। मामला कोर्ट में पेडिंग।
86 डिब्बों सहित 4 आरोपी पकड़े गए
पुलिस ने संजय ढिंगरा, रूपेश चावला, विष्णु कुमार और गणेश कुमार को वर्ष 2000 में गिरफ्तार किया। लेकिन, पुलिस इनकी अगली कड़ी तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने इनसे नकली घी के 86 डिब्बे बरामद किए। कुछ घी रामपुरा थाना क्षेत्र में बेचा जा रहा था और कुछ बेचने का प्लान था। मामला कोर्ट में आज तक पेंडिंग है। पुलिस इसके पीछे शामिल लोगों को बेनकाब नहीं कर सकी।
गुलाबबाड़ी में चल रहा था पूरा कारखाना
सीआई पुष्पेन्द्र आड़ा ने बताया कि 2009 को गुलाबबाड़ी में छापा मारकर नकली घी का कारखाना पकड़ा। इसमें ललित जैन और संजय जैन सहित 2 नाबालिगों को पकड़ा। इनसे 500 एमएल के 19 नग, 1 लीटर के 16 नग (पारस घी), 200 एमएल के 200 डिब्बे, 1 लीटर के 24 डिब्बे, 500 एमएल के 500 डिब्बे (मिल्क क्रीम) और 1 लीटर के 10 डिब्बे, 500 एमएल के 20 डिब्बे (इंडाना ) बरामद किए। चालान पेश किया, लेकिन सजा नहीं हुई। मामला कोर्ट में पेंडिंग है।
सरेआम बेच रहे थे नकली घी
जयपुर निवासी 2 युवक अशोक गहलोत और मोहनलाल ने दादाबाड़ी निवासी बलराम को नकली घी बेचा। बलराम की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार तो किया, लेकिन यह पता नहीं लगा सकी की इनको घी कौन सप्लाई कर रहा है।
नतीजा: मामला कोर्ट में पेंडिंग चल रहा है।
हरियाणा से आए घी के 195 डिब्बे
पुलिस ने दो आरोपियों जयपुर निवासी दिनेश सिंघल और हरियाणा निवासी पंकज कुमार को कोटा से गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप था कि ये हरियाणा से मिल्क राजउड ब्रांड के नकली 195 डिब्बे बेचने के लिए कोटा लाए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके चालान कर दिया।
कोर्ट ट्रायल के दौरान आरोपी की मौत
महावीर नगर पुलिस ने वर्ष 2003 में एक आरोपी को नकली घी बेचते गिरफ्तार किया। सीआई कालूराम के मुताबिक पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ट्रायल के दौरान आरोपी की मौत हो गई। जिसके बाद कार्रवाई ड्रॉप हो गई।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai