बीएससी नर्सिंग कर रहे चार छात्रों ने अपनी मेन स्ट्रीम एजुकेशन से हटकर वेंचर शुरू किया है। आशिक हुसैन, शाहरुख खान, पवन कुमार और शोएब मोहम्मद ने जुगाड़-कार्ट वेबसाइट तैयार कर 12 सुविधाओं को घर बैठे उपलब्ध करवाने की शुरुआत की है। पोर्टल का लांच 18 दिसंबर को किया जाएगा। दूसरे फेज में मोबाइल एप भी बनाया जाएगा।
जुगाड़-कार्ट के पोर्टल पर जाकर बिल्डिंग, ड्राइक्लीनिंग, ब्यूटी जोन, हाउस नीड सर्विसेज, टेलरिंग, फोटोग्राफी सहित 12 सर्विसेज मिल जाएंगी। यूजर को इनसे जुड़े कोई भी काम करवाने के लिए उनके प्रतिष्ठान पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ऑनलाइन समस्या बताने पर घर आकर परेशानी को दूर किया जाएगा। साइट पर रेट टैरिफ भी जारी की गई है। 12 में अधिकांश सर्विसेज को एक्टिवेट कर दिया गया है। शेष लांचिंग से पहले एक्टिव हो जाएंगी। इस वेंचर को शुरू करने में चारों को डेढ़ साल का समय लग गया। इसमें इन्होंने लोकल वैंडर से बात की। अलग-अलग कैटेगरी में करीब 120 लोकल वैंडर इनके प्रोजेक्ट से जुड़ चुके हैं। यह वेंडर्स ही घर पर आने वाली समस्या काे दूर करने के लिए आएंगे।
आईडिया अपना, मदद आईटी प्रोफेशनल से
ऐसे हुई थी शुरुआत: टीम से जुड़े मेंबर्स ने बताया कि दो साल पहले पढ़ाई के कारण वे घर से कई काम नहीं कर पाते थे। वहीं दुकानों पर जाना और वैंडर को सर्विस के लिए बोलना। फिर उसके आने का इंतजार करना। इनमें काफी समय खर्च हो जाता था। इस दौरान ही उन्होंने नर्सिंग कोर्स से कुछ अलग करनी की ठानी। उनके सामने जिस प्रकार की समस्या आई थी, उसका समाधान ढूंढते-ढूंढते यह आइडिया आया।
नॉन टेक्निकल पढ़ाई, टेक्निकल बिजनेस
चारों छात्रों का इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी से कोई सरोकार नहीं है। आइडिया दिमाग में था। आइडिया के कारण आईटी प्रोफेशनल की मदद से वेबसाइट डवलप की। फीचर्स भी चारों ने ही बताए। अब साइट के ऑनर बन चुके हैं।
जुगाड़-कार्ट के पोर्टल पर जाकर बिल्डिंग, ड्राइक्लीनिंग, ब्यूटी जोन, हाउस नीड सर्विसेज, टेलरिंग, फोटोग्राफी सहित 12 सर्विसेज मिल जाएंगी। यूजर को इनसे जुड़े कोई भी काम करवाने के लिए उनके प्रतिष्ठान पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ऑनलाइन समस्या बताने पर घर आकर परेशानी को दूर किया जाएगा। साइट पर रेट टैरिफ भी जारी की गई है। 12 में अधिकांश सर्विसेज को एक्टिवेट कर दिया गया है। शेष लांचिंग से पहले एक्टिव हो जाएंगी। इस वेंचर को शुरू करने में चारों को डेढ़ साल का समय लग गया। इसमें इन्होंने लोकल वैंडर से बात की। अलग-अलग कैटेगरी में करीब 120 लोकल वैंडर इनके प्रोजेक्ट से जुड़ चुके हैं। यह वेंडर्स ही घर पर आने वाली समस्या काे दूर करने के लिए आएंगे।
आईडिया अपना, मदद आईटी प्रोफेशनल से
ऐसे हुई थी शुरुआत: टीम से जुड़े मेंबर्स ने बताया कि दो साल पहले पढ़ाई के कारण वे घर से कई काम नहीं कर पाते थे। वहीं दुकानों पर जाना और वैंडर को सर्विस के लिए बोलना। फिर उसके आने का इंतजार करना। इनमें काफी समय खर्च हो जाता था। इस दौरान ही उन्होंने नर्सिंग कोर्स से कुछ अलग करनी की ठानी। उनके सामने जिस प्रकार की समस्या आई थी, उसका समाधान ढूंढते-ढूंढते यह आइडिया आया।
नॉन टेक्निकल पढ़ाई, टेक्निकल बिजनेस
चारों छात्रों का इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी से कोई सरोकार नहीं है। आइडिया दिमाग में था। आइडिया के कारण आईटी प्रोफेशनल की मदद से वेबसाइट डवलप की। फीचर्स भी चारों ने ही बताए। अब साइट के ऑनर बन चुके हैं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai