सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन’ के ध्येय वाक्य का ढिंढोरा पीटने वाले रेलवे की दहलीज पर बुधवार को एक घायल ने दम तोड़ दिया। इंसान के जीवन से बड़ी ड्यूटी की पालना हो गई। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को लिए एंबुलेंस दौड़ती हुई अस्पताल जा रही थी, लेकिन रास्ते में बंद रेलवे फाटक ने जिंदगी की राह रोक दी।
गेटमैन ने नहीं खोला गेट
एंबुलेंस ड्राइवर और लोग फाटक खोलने के लिए मिन्नतें करते रहे, लेकिन गेटमैन ड्यूटी और नियमों की दुहाई देता रहा। 10 मिनट बाद फाटक खुला, लेकिन तब तक युवक की सांसें उखड़ चुकी थीं। नेशनल हाइवे 27 पर झालावाड़ ओवरब्रिज के पास बुधवार शाम भैंस को बचाने में जीप अनियंत्रित होकर पलट गई।
छात्र की मौत
एक छात्र बामली निवासी नवल मीणा (26) घायल हो गया। नवल बीए फाइनल का छात्र था और अपने गांव जा रहा था। घायल को एंबुलेंस से जिला अस्पताल रवाना किया गया, लेकिन रास्ते में झालावाड़ रोड रेलवे फाटक बंद मिला। यहां एंबुलेंस करीब 10 मिनट तक फंसी रही। एंबुलेंस चालक गेट मैन के आगे मिन्नतें करता रहा।लेकिन, गेटमैन ने फाटक नहीं खोला।
रेलवे फाटक पर खड़ी रही एंबुलेंस
युवक का वहीं दम निकल गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसआई राजपाल सिंह ने बताया कि ट्रेन आने से झालावाड़ रोड रेलवे फाटक बंद था। इस दौरान एंबुलेंस फाटक पर ही खड़ी रही। रेलवे कर्मी से फाटक खोलने के लिए लोगों ने काफी अनुरोध किया, लेकिन उसने फाटक नहीं खोला। फाटक खुलने के बाद एंबुलेंस को अस्पताल के लिए रवाना करवा दिया था।
गेटमैन ने नहीं खोला गेट
एंबुलेंस ड्राइवर और लोग फाटक खोलने के लिए मिन्नतें करते रहे, लेकिन गेटमैन ड्यूटी और नियमों की दुहाई देता रहा। 10 मिनट बाद फाटक खुला, लेकिन तब तक युवक की सांसें उखड़ चुकी थीं। नेशनल हाइवे 27 पर झालावाड़ ओवरब्रिज के पास बुधवार शाम भैंस को बचाने में जीप अनियंत्रित होकर पलट गई।
छात्र की मौत
एक छात्र बामली निवासी नवल मीणा (26) घायल हो गया। नवल बीए फाइनल का छात्र था और अपने गांव जा रहा था। घायल को एंबुलेंस से जिला अस्पताल रवाना किया गया, लेकिन रास्ते में झालावाड़ रोड रेलवे फाटक बंद मिला। यहां एंबुलेंस करीब 10 मिनट तक फंसी रही। एंबुलेंस चालक गेट मैन के आगे मिन्नतें करता रहा।लेकिन, गेटमैन ने फाटक नहीं खोला।
रेलवे फाटक पर खड़ी रही एंबुलेंस
युवक का वहीं दम निकल गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसआई राजपाल सिंह ने बताया कि ट्रेन आने से झालावाड़ रोड रेलवे फाटक बंद था। इस दौरान एंबुलेंस फाटक पर ही खड़ी रही। रेलवे कर्मी से फाटक खोलने के लिए लोगों ने काफी अनुरोध किया, लेकिन उसने फाटक नहीं खोला। फाटक खुलने के बाद एंबुलेंस को अस्पताल के लिए रवाना करवा दिया था।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai