कोटा को पॉलीथिन फ्री करने के लिए भास्कर द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को दूसरी बार लोगों ने सड़क पर फेंकी गई पॉलीथिन उठाई। 10 जगहों पर एक साथ एक घंटे में 10 ट्रॉली पॉलीथिन इकट्ठी कर ली। जिन्हें अंबेडकर भवन स्थित डंपिंग यार्ड में पहुंचाया गया।
भारी गलन के बावजूद सुबह 8.15 बजे से लोग एयरपोर्ट, रेलवे स्टेडियम, टिपटा दिनदयाल पार्क, कुन्हाड़ी विजयवीर क्लब, वनखंडी बालाजी श्रीनाथपुरम, डडवाड़ा रंगपुर फ्लाईओवर, छावनी बीजासन माताजी चौक, प्रेमनगर तेजाजी का चबूतरा, विज्ञाननगर मस्जिद चौराहे व शिवपुरा भीतरिया कुंड तिराहे पर पहुंचना शुरू हो गए। वहां से सभी एक-एक गली, मोहल्ले व मुख्य सड़क पर उतरे। अभियान की खास बात ये थी कि जो भी सड़क पर उतरा वो पूरी ईमानदारी से कोटा को पॉलीथिन फ्री करने के प्रति समर्पित भाव से उतरा, जिस गली व सड़क पर गए उसे पॉलीथिन मुक्त करके ही लौटे। मुख्य कार्यक्रम एयरपोर्ट पर हुआ, जहां आईजी विशाल बंसल ने मौजूद लोगों को शपथ दिलाई।
फिर उठे सैकड़ों हाथ, 1 घंटे में उठाई 10 ट्रॉली पॉलीथिन
कोटा को पॉलीथिन फ्री करने के लिए जलाई अलख को सर्द हवाएं भी नहीं रोक पाई। सुबह 8.15 बजे से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था। एयरपोर्ट अधिकारी एसबी मीणा अपने स्टाफ व जेडीबी कॉलेज एनसीसी महिला विंग की 1-10 की टुकड़ी पूरे जोश खरोश के साथ सबसे पहले पहुंचे। फिर सामाजिक, धार्मिक व व्यवसायिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंचना शुरू हुए। आईजी विशाल बंसल मीटिंग के बावजूद वहां पहुंचे। एनसीसी कैडेट्स ने सलामी दी। आईजी ने सभी को पॉलीथिन का उपयोग न करने और न करने देने की शपथ दिलवाई और दो टीमें बांटकर सभी को रवाना किया। एक टीम एरोड्रम चौराहे से घोड़े वाले बाबा चौराहे और वहां से इंदिरा गांधी सर्किल तक पॉलीथिन एकत्रित करते हुए गई। दूसरी टीम एरोड्रम सर्किल से कोटड़ी चौराहा होते हुए इंदिरा गांधी सर्किल तक पहुंची। मात्र 4 सड़क पर इतनी पॉलीथिन मिली कि एक ट्रॉली भर गई। दुकानदारों को भी पॉलीथिन का उपयोग न करने के बारे में समझाया गया।
ये रहा खास
- कार्रवाई के दैारान मिठाई की एक दुकान से पॉलीथिन दी जा रही थी। जब विरोध किया तो उसका बहाना था कि ये तो गलने वाली पॉलीथिन है। 6 माह में गल जाएगी।
- एरोड्रम सर्किल पर जब पॉलीथिन एकत्रित करने लगे तो वहां काफी भीड़ जमा हो गई। उन लोगों ने भी पॉलीथिन उठाना शुरू कर दिया।
इनका रहा विशेष सहयोग : कोटड़ी व्यापार संघ के आबिद कागजी, देवालय सुधार समिति के क्रांति तिवारी, राजस्थान नव निर्माण के हिम्मत सिंह हाड़ा, अल मदद वेलफेयर सोसायटी के वाहिद भाई, एनसीसी की लेफ्टिनेंट सुनीता यादव, जीएमए प्लाजा के राकेश जैन, पार्षद रमेश आहूजा, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव रचना राठौर, कृष्णा सेवा समिति, छावनी फ्लाईओवर व्यापार संघ के यश मालवीय, गायत्री परिवार के जीडी पटेल, लिमरा सोसायटी आदि।
पॉलीथिन साफ करते देख, इसे सड़क पर फेंकने वाले खुद उठाने के लिए आ गए
वार्ड नंबर 12 का रंगपुर रेलवे ओवरब्रिज क्षेत्र। अन्य दिनों की बजाय रविवार सुबह भीड़भाड़ कुछ ज्यादा थी। दुकानदारों के अलावा जो लोग थे वो वार्ड को पॉलीथिन मुक्त करने घर से निकले थे। पॉलीथिन के कारण मरती गायों और इंसानों को होने वाले कैंसर के प्रति ये लोग जागरूक थे। धीरे-धीरे लोग और जुटते गए और देखते ही देखते रंगपुर आरओबी के नीचे का हिस्सा स्थानीय लोगों से भर गया। संकल्प पत्र भरने के बाद पॉलीथिन उपयोग न करने की शपथ ली। उसके बाद लोग नेहरू नगर, रंगपुर रोड, संजय नगर, श्मशान रोड, भूरेशाह बाबा रोड, हुसैनी नगर, माचिस फैक्ट्री आदि प्रत्येक गली में गए। सड़कों पर फैली पॉलीथिन को तो उठाया ही, आसपास रहने वाले लोगों को पॉलीथिन का उपयोग न करने के लिए समझाया भी सही। देखते ही देखते पॉलीथिन के बोरे भर गए और सड़कें साफ नजर आने लगीं। जागरूकता का असर ये हुआ कि जिन लोगों ने पॉलीथिन फेंकी थी वो भी घरों से निकलकर अभियान में शामिल हो गए।
ये रहा खास
- जिस भी कॉलोनी में गए वहां के लोगों ने सहयोग किया। घर में रखी पॉलीथिन भी लाकर बोरों में डाल दी।
- जिस भी गली में गए, लोगों ने यही कहा कि इस तरह पॉलीथिन की सफाई होते पहली बार देखा है।
भारी गलन के बावजूद सुबह 8.15 बजे से लोग एयरपोर्ट, रेलवे स्टेडियम, टिपटा दिनदयाल पार्क, कुन्हाड़ी विजयवीर क्लब, वनखंडी बालाजी श्रीनाथपुरम, डडवाड़ा रंगपुर फ्लाईओवर, छावनी बीजासन माताजी चौक, प्रेमनगर तेजाजी का चबूतरा, विज्ञाननगर मस्जिद चौराहे व शिवपुरा भीतरिया कुंड तिराहे पर पहुंचना शुरू हो गए। वहां से सभी एक-एक गली, मोहल्ले व मुख्य सड़क पर उतरे। अभियान की खास बात ये थी कि जो भी सड़क पर उतरा वो पूरी ईमानदारी से कोटा को पॉलीथिन फ्री करने के प्रति समर्पित भाव से उतरा, जिस गली व सड़क पर गए उसे पॉलीथिन मुक्त करके ही लौटे। मुख्य कार्यक्रम एयरपोर्ट पर हुआ, जहां आईजी विशाल बंसल ने मौजूद लोगों को शपथ दिलाई।
फिर उठे सैकड़ों हाथ, 1 घंटे में उठाई 10 ट्रॉली पॉलीथिन
कोटा को पॉलीथिन फ्री करने के लिए जलाई अलख को सर्द हवाएं भी नहीं रोक पाई। सुबह 8.15 बजे से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था। एयरपोर्ट अधिकारी एसबी मीणा अपने स्टाफ व जेडीबी कॉलेज एनसीसी महिला विंग की 1-10 की टुकड़ी पूरे जोश खरोश के साथ सबसे पहले पहुंचे। फिर सामाजिक, धार्मिक व व्यवसायिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंचना शुरू हुए। आईजी विशाल बंसल मीटिंग के बावजूद वहां पहुंचे। एनसीसी कैडेट्स ने सलामी दी। आईजी ने सभी को पॉलीथिन का उपयोग न करने और न करने देने की शपथ दिलवाई और दो टीमें बांटकर सभी को रवाना किया। एक टीम एरोड्रम चौराहे से घोड़े वाले बाबा चौराहे और वहां से इंदिरा गांधी सर्किल तक पॉलीथिन एकत्रित करते हुए गई। दूसरी टीम एरोड्रम सर्किल से कोटड़ी चौराहा होते हुए इंदिरा गांधी सर्किल तक पहुंची। मात्र 4 सड़क पर इतनी पॉलीथिन मिली कि एक ट्रॉली भर गई। दुकानदारों को भी पॉलीथिन का उपयोग न करने के बारे में समझाया गया।
ये रहा खास
- कार्रवाई के दैारान मिठाई की एक दुकान से पॉलीथिन दी जा रही थी। जब विरोध किया तो उसका बहाना था कि ये तो गलने वाली पॉलीथिन है। 6 माह में गल जाएगी।
- एरोड्रम सर्किल पर जब पॉलीथिन एकत्रित करने लगे तो वहां काफी भीड़ जमा हो गई। उन लोगों ने भी पॉलीथिन उठाना शुरू कर दिया।
इनका रहा विशेष सहयोग : कोटड़ी व्यापार संघ के आबिद कागजी, देवालय सुधार समिति के क्रांति तिवारी, राजस्थान नव निर्माण के हिम्मत सिंह हाड़ा, अल मदद वेलफेयर सोसायटी के वाहिद भाई, एनसीसी की लेफ्टिनेंट सुनीता यादव, जीएमए प्लाजा के राकेश जैन, पार्षद रमेश आहूजा, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव रचना राठौर, कृष्णा सेवा समिति, छावनी फ्लाईओवर व्यापार संघ के यश मालवीय, गायत्री परिवार के जीडी पटेल, लिमरा सोसायटी आदि।
पॉलीथिन साफ करते देख, इसे सड़क पर फेंकने वाले खुद उठाने के लिए आ गए
वार्ड नंबर 12 का रंगपुर रेलवे ओवरब्रिज क्षेत्र। अन्य दिनों की बजाय रविवार सुबह भीड़भाड़ कुछ ज्यादा थी। दुकानदारों के अलावा जो लोग थे वो वार्ड को पॉलीथिन मुक्त करने घर से निकले थे। पॉलीथिन के कारण मरती गायों और इंसानों को होने वाले कैंसर के प्रति ये लोग जागरूक थे। धीरे-धीरे लोग और जुटते गए और देखते ही देखते रंगपुर आरओबी के नीचे का हिस्सा स्थानीय लोगों से भर गया। संकल्प पत्र भरने के बाद पॉलीथिन उपयोग न करने की शपथ ली। उसके बाद लोग नेहरू नगर, रंगपुर रोड, संजय नगर, श्मशान रोड, भूरेशाह बाबा रोड, हुसैनी नगर, माचिस फैक्ट्री आदि प्रत्येक गली में गए। सड़कों पर फैली पॉलीथिन को तो उठाया ही, आसपास रहने वाले लोगों को पॉलीथिन का उपयोग न करने के लिए समझाया भी सही। देखते ही देखते पॉलीथिन के बोरे भर गए और सड़कें साफ नजर आने लगीं। जागरूकता का असर ये हुआ कि जिन लोगों ने पॉलीथिन फेंकी थी वो भी घरों से निकलकर अभियान में शामिल हो गए।
ये रहा खास
- जिस भी कॉलोनी में गए वहां के लोगों ने सहयोग किया। घर में रखी पॉलीथिन भी लाकर बोरों में डाल दी।
- जिस भी गली में गए, लोगों ने यही कहा कि इस तरह पॉलीथिन की सफाई होते पहली बार देखा है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai