राष्ट्रीय राजमार्ग -12 पर कोटा-दरा फोर लेन सड़क को आखिर वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही इसकी 489.38 करोड़ रुपए की निविदाएं भी जारी हो रही हैं। कोटा से दरा के बीच 34.33 किलोमीटर फोर लेन रोड के लिए 421.43 करोड़ का बजट पूर्व में ही स्वीकृत हो गया था, लेकिन वन विभाग की आपत्ति के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था।
दरा में 7 किलोमीटर का एलीवेटेड रोड भी बनेगा। इस पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछले दिनों कोटा आए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस रोड के लिए स्वीकृति दिलाने का भरोसा दिलाया था। सांसद ओम बिरला ने बताया कि केन्द्रीय वन मंत्रालय ने इस सड़क को मंजूरी दे दी है। इसकी फाइल लखनऊ रीजनल ऑफिस पहुंच गई है। वहां से इसी सप्ताह पत्र जारी हो जाएगा।
इसकी निविदाएं सोमवार को अपलोड की जाएंगी। विभाग के एक्सईएन संदीप अग्रवाल इसके लिए रविवार को ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रोड का काम जून-18 में पूरा हो जाएगा। जयपुर से जबलपुर हाइवे पर केवल कोटा से झालावाड़ के बीच का ही हिस्सा है, जो अधूरा पड़ा है। कोटा से दरा का काम शुरू हो रहा है। दरा से झालावाड़ 57 किलोमीटर सड़क के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 3 फेज में बनने वाली इस सड़क पर 1635 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मेजर ब्रिज व अंडरपास भी बनेंगे
इस रोड पर 1 आरओबी, 1 मेजर ब्रिज, 7 माइनर ब्रिज, 8 अंडरपास, 56 छोटी पुलिया, 3 बाइपास जगपुरा, आलनिया एवं मंडाना में बनेंगे। तीनों बाइपास की लंबाई 7.65 किलोमीटर होगी। एक टोल प्लाजा भी बनेगा।
199 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
फोर लेन सड़क बनाने के लिए 199 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसमें 88 हैक्टेयर निजी, 65 हैक्टेयर वन विभाग की तथा 46 हैक्टेयर सरकारी है। इसमें वन विभाग को जमीन के बदले गुरायता में जमीन दे दी गई है। वन विभाग को करीब 8 करोड़ रुपए पौधरोपण के लिए दिए जाएंगे। बाकी निजी खातेदारों को नई दरों से लगभग 100 करोड़ रुपए का मुआवजा मिलेगा। पुरानी दरों से 46 करोड़ ही मुआवजा दिया जाता।
बाकी सड़क की भी तैयारियां
दरा से तीन धार तक 57.50 किमी के रोड के लिए डीपीआर बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। डीपीआर बनाने का काम करीब 3 माह में पूरा होगा। दरा से तीन धार तक फोर लेन तीन चरणों में बनेगा प्रथम चरण में दरा से अमझार नदी तक 7 किमी एलीवेटेड सड़क बनेगी तथा शेष 3.50 किमी सड़क बनेगी। इस पर कुल 725 करोड़ रुपए खर्च होंगे। द्वितीय चरण में अमझांर नदी से आहू नदी तक रोड बनेगा। सरावदा, डाबादेह एवं सुकेत कस्बों में 3 बाइपास के साथ इसकी कुल लागत 370 करोड़ होगी।
वहीं, तृतीय चरण में आहू नदी से तीन धार तक लगभग 25.50 किमी का बाइपास बनेगा। इसके अन्तर्गत झालावाड़ एवं झालरापाटन शहर के लिए लगभग 20 किमी के बाइपास के अलावा चार लेन सड़क बनाने पर 540 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत 2 आरओबी एवं चंद्रभागा नदी पर मेजर ब्रिज बनाना भी प्रस्तावित है। इस अवसर पर विधायक हीरालाल नागर व चंद्रकांता मेघवाल भी उपस्थित थे।
दरा में 7 किलोमीटर का एलीवेटेड रोड भी बनेगा। इस पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछले दिनों कोटा आए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस रोड के लिए स्वीकृति दिलाने का भरोसा दिलाया था। सांसद ओम बिरला ने बताया कि केन्द्रीय वन मंत्रालय ने इस सड़क को मंजूरी दे दी है। इसकी फाइल लखनऊ रीजनल ऑफिस पहुंच गई है। वहां से इसी सप्ताह पत्र जारी हो जाएगा।
इसकी निविदाएं सोमवार को अपलोड की जाएंगी। विभाग के एक्सईएन संदीप अग्रवाल इसके लिए रविवार को ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रोड का काम जून-18 में पूरा हो जाएगा। जयपुर से जबलपुर हाइवे पर केवल कोटा से झालावाड़ के बीच का ही हिस्सा है, जो अधूरा पड़ा है। कोटा से दरा का काम शुरू हो रहा है। दरा से झालावाड़ 57 किलोमीटर सड़क के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 3 फेज में बनने वाली इस सड़क पर 1635 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मेजर ब्रिज व अंडरपास भी बनेंगे
इस रोड पर 1 आरओबी, 1 मेजर ब्रिज, 7 माइनर ब्रिज, 8 अंडरपास, 56 छोटी पुलिया, 3 बाइपास जगपुरा, आलनिया एवं मंडाना में बनेंगे। तीनों बाइपास की लंबाई 7.65 किलोमीटर होगी। एक टोल प्लाजा भी बनेगा।
199 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
फोर लेन सड़क बनाने के लिए 199 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसमें 88 हैक्टेयर निजी, 65 हैक्टेयर वन विभाग की तथा 46 हैक्टेयर सरकारी है। इसमें वन विभाग को जमीन के बदले गुरायता में जमीन दे दी गई है। वन विभाग को करीब 8 करोड़ रुपए पौधरोपण के लिए दिए जाएंगे। बाकी निजी खातेदारों को नई दरों से लगभग 100 करोड़ रुपए का मुआवजा मिलेगा। पुरानी दरों से 46 करोड़ ही मुआवजा दिया जाता।
बाकी सड़क की भी तैयारियां
दरा से तीन धार तक 57.50 किमी के रोड के लिए डीपीआर बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। डीपीआर बनाने का काम करीब 3 माह में पूरा होगा। दरा से तीन धार तक फोर लेन तीन चरणों में बनेगा प्रथम चरण में दरा से अमझार नदी तक 7 किमी एलीवेटेड सड़क बनेगी तथा शेष 3.50 किमी सड़क बनेगी। इस पर कुल 725 करोड़ रुपए खर्च होंगे। द्वितीय चरण में अमझांर नदी से आहू नदी तक रोड बनेगा। सरावदा, डाबादेह एवं सुकेत कस्बों में 3 बाइपास के साथ इसकी कुल लागत 370 करोड़ होगी।
वहीं, तृतीय चरण में आहू नदी से तीन धार तक लगभग 25.50 किमी का बाइपास बनेगा। इसके अन्तर्गत झालावाड़ एवं झालरापाटन शहर के लिए लगभग 20 किमी के बाइपास के अलावा चार लेन सड़क बनाने पर 540 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत 2 आरओबी एवं चंद्रभागा नदी पर मेजर ब्रिज बनाना भी प्रस्तावित है। इस अवसर पर विधायक हीरालाल नागर व चंद्रकांता मेघवाल भी उपस्थित थे।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai