शहर की सीमा में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन को न रोक पाने के पीछे वन विभाग के अफसरों ने दलील दी है कि उनकी जासूसी होती है। टीम के दफ्तर से निकलते ही खनन माफिया के बाइक सवार लोग उनका पीछा करने लगते हैं। और, विभाग की टीम की पल-पल की सूचना खनन माफिया को मिलती है। जिसकी वजह से कार्रवाई नहीं कर पाते।
कराई जाएगी वीडियोग्राफी
वन विभाग के डीसीएफ एलएस राणावत कहते हैं कि विभाग के गश्ती दलों की रैकी करने वालों की अब वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। संदिग्ध बाइक सवार की पड़ताल भी की जाएगी। यही नहीं, नाके और रेंज के वनकर्मी कहते हैं कि उनके वर्दी पहनते ही खनन माफिया के लोग समझ लेते हैं कि फॉरेस्ट के बड़े अधिकारी विजिट पर आने वाले हैं आैर वे सतर्क हो जाते हैं।
चालक ने दो किमी तक दौड़ाई ट्रैक्टर-ट्रॉली
नांता क्षेत्र में पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को वन विभाग ने बुधवार को जब्त किया। रेंजर दाताराम ने बताया कि यहां वन भूमि से पत्थरों को भरकर लेकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रास्ते में रोका तो ड्राइवर उसे दौड़ाता रहा। आखिर में नांता चौराहे पर दो किमी दौड़ाने के बाद पकड़ा। फॉरेस्ट एक्ट में मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया है।
इधर क्रेशर वाले एरिया का सर्वे
शहरी सीमा में चल रहे क्रेशरों की स्थिति को लेकर वन विभाग, यूआईटी, रीको और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे कर लिया है। रेंजर दाताराम ने बताया कि 10 में से 3 फॉरेस्ट लैंड में निकली हैं। इसकी रिपोर्ट डीसीएफ को भिजवा दी है। रेंजर ने बताया कि क्रेशरों का मामला पिछले दिनों पर्यावरण समिति की मीटिंग में आया था। अब संयुक्त टीम ने सर्वे किया है। डीसीएफ राणावत ने बताया कि सीमाज्ञान नहीं होने से अवैध पत्थरों वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त की कार्रवाई नहीं हो पाती है।
कराई जाएगी वीडियोग्राफी
वन विभाग के डीसीएफ एलएस राणावत कहते हैं कि विभाग के गश्ती दलों की रैकी करने वालों की अब वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। संदिग्ध बाइक सवार की पड़ताल भी की जाएगी। यही नहीं, नाके और रेंज के वनकर्मी कहते हैं कि उनके वर्दी पहनते ही खनन माफिया के लोग समझ लेते हैं कि फॉरेस्ट के बड़े अधिकारी विजिट पर आने वाले हैं आैर वे सतर्क हो जाते हैं।
चालक ने दो किमी तक दौड़ाई ट्रैक्टर-ट्रॉली
नांता क्षेत्र में पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को वन विभाग ने बुधवार को जब्त किया। रेंजर दाताराम ने बताया कि यहां वन भूमि से पत्थरों को भरकर लेकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रास्ते में रोका तो ड्राइवर उसे दौड़ाता रहा। आखिर में नांता चौराहे पर दो किमी दौड़ाने के बाद पकड़ा। फॉरेस्ट एक्ट में मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया है।
इधर क्रेशर वाले एरिया का सर्वे
शहरी सीमा में चल रहे क्रेशरों की स्थिति को लेकर वन विभाग, यूआईटी, रीको और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे कर लिया है। रेंजर दाताराम ने बताया कि 10 में से 3 फॉरेस्ट लैंड में निकली हैं। इसकी रिपोर्ट डीसीएफ को भिजवा दी है। रेंजर ने बताया कि क्रेशरों का मामला पिछले दिनों पर्यावरण समिति की मीटिंग में आया था। अब संयुक्त टीम ने सर्वे किया है। डीसीएफ राणावत ने बताया कि सीमाज्ञान नहीं होने से अवैध पत्थरों वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त की कार्रवाई नहीं हो पाती है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai