मकान के पैसे देने वालों के आवेदन निरस्त, नेताओं को मिली छूट

मकान के पैसे देने वालों के आवेदन निरस्त, नेताओं को मिली छूट

मकान के पैसे देने वालों के आवेदन निरस्त, नेताओं को मिली छूट

आवासन मंडल 13 साल से मकान का इंतजार कर रहे 29 लोगों का पंजीयन निरस्त करेगा। इन लोगों ने 2003 से 2008 के बीच आवेदन किया था। वहीं, इसी दौरान आवेदन करने वाले 42 पूर्व-वर्तमान विधायक व सांसद का आवेदन निरस्त नहीं किया जाएगा।
क्यों नहीं हुआ मकानों का निर्माण
इसमें कई मंत्री भी शामिल हैं। इनमें से 5 के लिए तो विभाग ने मकान बनाना भी शुरू कर दिया है। आवासन मंडल का तर्क है कि इतने मकान बनाने के लिए जमीन ही नहीं है।
आवासन मण्डल की ओर से 31 मार्च को जारी पत्र के अनुसार सामान्य पंजीकरण योजना में पंजीकरण कराने वालों के लिए लंबे समय तक जमीन उपलब्ध नहीं होने से मकानों का निर्माण नहीं हो सका है। निकट भविष्य में भी इनके लिए जमीन मिलने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में वर्ष 2003 से 2008 के बीच पंजीकरण कराने वाले सभी आवेदकों के पंजीकरण निरस्त करके नियमानुसार ब्याज के साथ डीडी रजिस्टर्ड एडी से उनके आवास पर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।
नियमों के खिलाफ जाकर होगा निरस्तीकरण
कोटा उप आवासन मंडल में 205 लोगों के पंजीकरण हैं जिन्हें मकान देना है। इनमें से 29 पर निरस्तीकरण की तलवार लटक गई है। हालांकि आवासन मंडल के कर्मचारियों के अनुसार एक बार पंजीकरण होने व सीड मनी जमा होने के बाद उसे निरस्त नहीं किया जा सकता, लेकिन मंडल ने फैसला करके आदेश कोटा कार्यालय को भेज दिया है।
बड़ा सवाल- सांसद विधायक पर मेहरबानी क्यों?
मण्डल ने 2003 से 2008 के बीच के पंजीकरण निरस्त करने का फैसला किया है, जबकि पूर्व सांसद, विधायकों के लिए स्पेशल पंजीकरण योजना 2006 में निकाली गई थी, इसके सभी 42 आवेदकों के पंजीयन निरस्त करने का कोई फैसला नहीं किया गया। जबकि इनमें से एक भी जनप्रतिनिधि ने सीड मनी जमा नहीं की है।
ये हैं कोटा में मकान लेने के इच्छुक
कोटा में हाउसिंग बोर्ड के मकान लेने की दौड़ में कैबिनेट मंत्री युनूस खान के अलावा विधायक प्रहलाद गुंजल, मदन महाराजा, पूर्व मंत्री भरतसिंह, प्रमोद जैन भाया, ललित किशोर चतुर्वेदी समेत 42 पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
बोर्ड का फैसला है, पालना करनी है
उप आवासन आयुक्त मनमोहन सिंह ने कहा है कि पंजीकरण निरस्त करने का फैसला बोर्ड ने किया है। इसकी प्रति मिल गई है। 42 पूर्व सांसद व विधायकों के पंजीकरण के बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है। उनकी वरीयता सूची बनी हुई है। इनके लिए भी जमीन नहीं है, लेकिन 5 मकान बन रहे हैं, जिनका आवंटन लॉटरी से होगा।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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