प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसानों तक पहुंचाने के लिए गुरुवार को बोरखेड़ा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में किसान मेला लगा। यहां भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। बीमा योजना की जानकारी देने के साथ मेले में साॅयल हैल्थ का भी वितरण किया गया।
मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय को मौसम परिवर्तन के आधार पर ही अनुसंधान करना चाहिए।
बीमा योजना के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। विशिष्ट अतिथि विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि देश किसानों की वजह आत्मनिर्भर है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए। महंगाई की मार किसानों पर नहीं पड़नी चाहिए। विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने कहा कि ड्रिप इरिगेशन पद्धति का उपयोग करके किसान पानी का समुचित उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम को विधायक हीरालाल नागर और संदीप शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अतिथियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के फोल्डर का भी विमोचन किया। कार्यक्रम समन्वयक महेंद्र चौधरी ने सभी का आभार जताया।
3000 सॉयल हैल्थ कार्ड बनाए
कृषि विज्ञान केंद्र ने कुल तीन हजार किसानों के लिए सॉयल हैल्थ कार्ड बनाए गए हैं। समारोह में कुछ किसानों को यह कार्ड वितरित किए गए। इससे मिट्टी की गुणवत्ता की निशुल्क जांच करके कृषि वैज्ञानिक सही उर्वरक उपयोग करने की सलाह देते हैं।
यह हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
यह योजना फसलों से जुड़े जोखिमों के कारण हुए नुकसान से रक्षा करने का माध्यम है। इससे किसानों को अचानक आए जोखिम और खराब मौसम से हुए फसल नुकसान की भरपाई की जाती है।
तीन किसानों का मिलेगें एक से डेढ़ लाख रूपए
बिरला ने कार्यक्रम के दौरान कम भूमि पर अधिक उत्पादन देने वाले तीन किसानों को एक से डेढ़ लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं, कृषि विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. जीएल केशवा ने कोटा में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग रखी।
मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय को मौसम परिवर्तन के आधार पर ही अनुसंधान करना चाहिए।
बीमा योजना के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। विशिष्ट अतिथि विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि देश किसानों की वजह आत्मनिर्भर है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए। महंगाई की मार किसानों पर नहीं पड़नी चाहिए। विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने कहा कि ड्रिप इरिगेशन पद्धति का उपयोग करके किसान पानी का समुचित उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम को विधायक हीरालाल नागर और संदीप शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अतिथियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के फोल्डर का भी विमोचन किया। कार्यक्रम समन्वयक महेंद्र चौधरी ने सभी का आभार जताया।
3000 सॉयल हैल्थ कार्ड बनाए
कृषि विज्ञान केंद्र ने कुल तीन हजार किसानों के लिए सॉयल हैल्थ कार्ड बनाए गए हैं। समारोह में कुछ किसानों को यह कार्ड वितरित किए गए। इससे मिट्टी की गुणवत्ता की निशुल्क जांच करके कृषि वैज्ञानिक सही उर्वरक उपयोग करने की सलाह देते हैं।
यह हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
यह योजना फसलों से जुड़े जोखिमों के कारण हुए नुकसान से रक्षा करने का माध्यम है। इससे किसानों को अचानक आए जोखिम और खराब मौसम से हुए फसल नुकसान की भरपाई की जाती है।
तीन किसानों का मिलेगें एक से डेढ़ लाख रूपए
बिरला ने कार्यक्रम के दौरान कम भूमि पर अधिक उत्पादन देने वाले तीन किसानों को एक से डेढ़ लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं, कृषि विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. जीएल केशवा ने कोटा में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग रखी।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai