पहले लोन पर ट्रैक्टर लेने और कुछ दिनों बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाकर बीमा क्लेम उठाने वाले गिरोह का पुलिस ने गुरुवार को पर्दाफाश कर एक बदमाश को गिरफ्तार किया। जबकि गिरोह के सरगना समेत दो को नामजद कर लिया है। दोनों फरार हैं।
डीएसपी गुमनाराम ने बताया कि रटलाई थाना क्षेत्र के पिपल्या नग्गा गांव निवासी बद्रीलाल पुत्र पन्नालाल तंवर ने 5 नवंबर 2015 को घाटोली थाने में पहुंच कर ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि वे ड्राइवर रामबाबू समेत केलखोयरा गांव में हकाई करने गया था। जहां से रात में उसका ट्रैक्टर चोरी हो गया। उस मामले की जांच की जा रही थी।
अनुसंधान में नए तथ्य सामने आए। इस पर फरियादी व उसके ड्राइवर की मोबाइल की टावर लोकेशन निकाली गई तो पता चला कि घटना के दिन वे उस क्षेत्र में नहीं गए थे। इस पर पुलिस को संदेह हो गया। मुखबिर से भी पता चला कि स्वयं फरियादी के गांव में कभी ट्रैक्टर भी नहीं देखा गया। इसके बाद फरियादी को कागज समेत थाने आने को कहा तो वह सकपका गया। गुरुवार को उसे थाने लेकर आए। यहां की गई पूछताछ में उसने सारी बातें उगल दी।
बद्रीलाल तंवर ने बताया कि उससे दादिया गांव निवासी हेमराज माली, श्योपुर खेड़ली गांव निवासी लक्ष्मीनारायण व मांगीलाल मिले थे। जिन्होंने उसे पचास हजार रुपए देने का लालच देकर उसकी जमीन के कागज, आईडी व फोटो लेकर बैंक से लोन पर ट्रैक्टर उठा लिया। कुछ समय बाद ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाकर बीमा क्लेम उठाने की बात समझाई थी।
अब तक 11 ट्रैक्टर उठाए
डीएसपी ने बताया कि रटलाई, बकानी सहित अन्य क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं हुई हैं। गिरोह के सरगना हेमराज माली किसानों को प्रलोभन देकर फंसाता था। गिरोह ने अब तक 11 ट्रैक्टर खुर्दबुर्द किया है। जांच में सामने आया कि सरगना हेमराज ने बद्रीलाल को पचास हजार रुपए दिए थे। डेढ़ लाख रुपए डाउन पेमेंट जमा करवाकर मई 2015 में ट्रैक्टर उठा लिया था।
किसान को नकद राशि एवं ट्रैक्टर का डाउन पेमेंट गिरोह द्बारा जमा कराने व बीमा क्लेम राशि के लालच में किसानों को फंसाया गया। बीमा राशि हड़पने के लालच में किसानों द्वारा ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट के आधार पर इस प्रकार की घटनाएं की गई हैं। गुमनाराम, डीएसपी, अकलेरा
डीएसपी गुमनाराम ने बताया कि रटलाई थाना क्षेत्र के पिपल्या नग्गा गांव निवासी बद्रीलाल पुत्र पन्नालाल तंवर ने 5 नवंबर 2015 को घाटोली थाने में पहुंच कर ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि वे ड्राइवर रामबाबू समेत केलखोयरा गांव में हकाई करने गया था। जहां से रात में उसका ट्रैक्टर चोरी हो गया। उस मामले की जांच की जा रही थी।
अनुसंधान में नए तथ्य सामने आए। इस पर फरियादी व उसके ड्राइवर की मोबाइल की टावर लोकेशन निकाली गई तो पता चला कि घटना के दिन वे उस क्षेत्र में नहीं गए थे। इस पर पुलिस को संदेह हो गया। मुखबिर से भी पता चला कि स्वयं फरियादी के गांव में कभी ट्रैक्टर भी नहीं देखा गया। इसके बाद फरियादी को कागज समेत थाने आने को कहा तो वह सकपका गया। गुरुवार को उसे थाने लेकर आए। यहां की गई पूछताछ में उसने सारी बातें उगल दी।
बद्रीलाल तंवर ने बताया कि उससे दादिया गांव निवासी हेमराज माली, श्योपुर खेड़ली गांव निवासी लक्ष्मीनारायण व मांगीलाल मिले थे। जिन्होंने उसे पचास हजार रुपए देने का लालच देकर उसकी जमीन के कागज, आईडी व फोटो लेकर बैंक से लोन पर ट्रैक्टर उठा लिया। कुछ समय बाद ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाकर बीमा क्लेम उठाने की बात समझाई थी।
अब तक 11 ट्रैक्टर उठाए
डीएसपी ने बताया कि रटलाई, बकानी सहित अन्य क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं हुई हैं। गिरोह के सरगना हेमराज माली किसानों को प्रलोभन देकर फंसाता था। गिरोह ने अब तक 11 ट्रैक्टर खुर्दबुर्द किया है। जांच में सामने आया कि सरगना हेमराज ने बद्रीलाल को पचास हजार रुपए दिए थे। डेढ़ लाख रुपए डाउन पेमेंट जमा करवाकर मई 2015 में ट्रैक्टर उठा लिया था।
किसान को नकद राशि एवं ट्रैक्टर का डाउन पेमेंट गिरोह द्बारा जमा कराने व बीमा क्लेम राशि के लालच में किसानों को फंसाया गया। बीमा राशि हड़पने के लालच में किसानों द्वारा ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट के आधार पर इस प्रकार की घटनाएं की गई हैं। गुमनाराम, डीएसपी, अकलेरा
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai