सबने एक आवाज में कहा- सीएम से लेकर पीएम तक लड़ेंगे आईएल की लड़ाई

सबने एक आवाज में कहा- सीएम से लेकर पीएम तक लड़ेंगे आईएल की लड़ाई

सबने एक आवाज में कहा- सीएम से लेकर पीएम तक लड़ेंगे आईएल की लड़ाई

आईएल को बंद होने से बचाने के लिए मंगलवार को शहर ने हुंकार भरी। लंबे समय बाद ये पहला अवसर था जब राजनीतिक दल, ट्रेड यूनियनें, व्यापारिक व औद्योगिक संगठन अपनी विचारधाराओं के मतभेद को भूलकर एक मंच पर आए। आईएल कर्मचारी ज्वॉइंट फ्रंट के आह्वान पर हुए आंदोलन में मकसद सभी का एक था- आईएल को बचाना है और इसके लिए हम किसी भी हद से गुजर सकते हैं।
भाजपा विधायक की घोषणा
- भवानीसिंह राजावत ने कहा कि पक्ष और विपक्ष भूलकर भाजपा के सांसद व विधायकों का एक शिष्टमंडल बनाया जाए।
- शिष्टमंडल की अगुवाई कांग्रेस के पूर्व मंत्री शांति धारीवाल करें।
- ये शिष्टमंडल सीएम व पीएम से मिलकर आईएल को चलाने का रिवाइवल प्लान बताएगा।
- आईएल को बचाने के लिए आईएल कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को आईएल फैक्ट्री के बाहर धरना व प्रदर्शन रखा गया था।
सरकार घाटे में चल सकती है तो आईएल क्यों नहीं- राजावत
- विधायक भवानीसिंह राजावत ने कहा कि ये दुर्भाग्य है कि आईएल को बचाने के लिए हमें सड़कों पर आना पड़ रहा है।
- पहले ओपीसी, गोपाल मिल, सेमटेल आदि बंद हो गई। अब आईएल मुसीबत में है।
- जब आईएल संक्रमण के दौर से गुजर रही थी तब भी हमने सीएम से बात की थी और पिछले दिनों भी सीएम से बात कर इसे पीपीपी मोड पर चलाने के लिए कहा था।
- आज भी ये चल सकती है। इसके पास एक हजार करोड़ रुपए की परिसंपत्तियां हैं।
- जब सरकार घाटे में चल सकती है, बिजली कंपनियां 90 हजार करोड़ रुपए के घाटे में चल सकती हैं तो आईएल क्यों नहीं।
- इसके लिए दिल्ली भी जाना पड़े तो जाएंगे। सीएम और सरकार से लड़ना भी पड़ा तो मैं लड़ने को तैयार हूं। सीएम कोई भी फॉर्मूला अपनाएं, लेकिन आईएल को चलाएं।
आईएल की बात विधानसभा में रखूंगा- गुंजल
- विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि आईएल के मुद्दे को मैं विधानसभा में रखूंगा और वादा करता हूं कि आईएल की एक-एक बात सरकार के सामने रखकर ही चुप होऊंगा।
- जब जेके बंद हुई तो उसका दर्द पूरे शहर ने देखा और भुगता। शहर आर्थिक मंदी में आ गया था। मनी सर्कुलेशन खत्म हो गया था।
- कोचिंग उद्योग नहीं पनपता तो शहर वापस खड़ा नहीं हो पाता। उस समय भी लोग जेके को चलाने के लिए कंपनियों से बात कर रहे थे।
- उस समय मैंने विधानसभा में मामले को उठाया था।
- आईएल कर्मचारी मेरे पास आए थे। उसी समय मैंने 19 दिसंबर 2015 को सीएम को पत्र लिखा था। जिसमें अपनी और आईएल कर्मचारियों की भावना को व्यक्त कर दिया था कि मेरे शहर के उद्योग अपनी पहचान खोते जा रहे हैं।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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