दूसरों को खुशियां बांटकर मनाया वेलेंटाइन डे, लिया अंगदान का संकल्प

दूसरों को खुशियां बांटकर मनाया वेलेंटाइन डे, लिया अंगदान का संकल्प

दूसरों को खुशियां बांटकर मनाया वेलेंटाइन डे, लिया अंगदान का संकल्प

 शहर के कुछ लोगों ने मानव सेवा कर वेलेंटाइन डे मनाया। जिसके पीछे उनकी एक ही सोच है कि अपने किसी काम से किसी की जिंदगी बच सके और किसी के चेहरे पर मुस्कान लौट सके तो वो ही सच्चा वेलेंटाइन है।

वेलेंटाइन डे पर विवाह की वर्षगांठ, दंपती ने लिया अंगदान का संकल्प
मेरे इस दुनिया से जाने के बाद मेरे शरीर को जलाने के लिए पेड़ों को बर्बाद किया जाएगा और शरीर के जो अंग किसी के काम आ सकते हैं उन्हें भी राख बना दिया जाएगा। इससे अच्छा है कि वो किसी के काम आए। वेलेंटाइन डे और विवाह की वर्षगांठ पर ये विचार मन में आते ही एमबी इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य विनीता और उनके व्यवसायी पति राजीव वार्ष्णेय ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कुलवंत गौड़ को बताया।
डॉ. गौड़ ने नेत्रदान, अंगदान व देहदान की जानकारी दी तो उन्होंने बिना कोई देर किए संकल्प पत्र भर दिए। दोनों सामाजिक कार्यों में जुड़े हुए हैं। उनकी बेटी अनामिका और बेटे कुणाल से भी सहमति दे दी। वैलेंटाइन डे पर ही अनामिका की शादी की पहली वर्षगांठ थी। इस पर उन्होंने भी अपने परिवार के साथ नेत्रदान का संकल्प लिया।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को अपना वेलेंटाइन मानते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक ग्रुप पिछले 9 सालों से रक्तदान कर रहा है। उन्होंने इस परंपरा को इस बार भी कायम रखा। पीसीसी सदस्य क्रांति तिवारी के नेतृत्व में 21 जनों ने एमबीएस अस्पताल स्थित ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया। साथ ही संकल्प लिया कि पूरे साल में कभी भी थैलेसीमिक बच्चों के लिए ब्लड की कमी नहीं आने दी जाएगी। रक्तदान करने वालों में एडवोकेट मनीष गुर्जर, रिंकू गुर्जर, बद्री मेघवाल, मुकेश भटनागर, उदयभान, दिलीप गुर्जर आदि शामिल थे। इसकी शुरुआत उन्होंने 9 साल पहले उस वक्त की थी जब वेलेंटाइन डे के दिन एक तरफ थैलेसीमिक बच्चे ब्लड की कमी से परेशान हो रहे थे और युवाओं के कुछ ग्रुप वेलेंटाइन के विरोध में तोड़फोड़ करने में जुटे थे।
संगीत से बांटी खुशियां
अपनी खुशी के लिए तो वेलेंटाइन डे पर हर व्यक्ति कुछ न कुछ करता है, लेकिन दूसरों की खुशी में खुशी देखने का नजारा रविवार को मदर टेरेसा होम में दिखाई दिया। जिन्होंने जीवन में कभी आर्केस्ट्रा नहीं देखा उन बच्चों को ऑर्केस्ट्रा की धुन पर थिरकने और गाने का लुत्फ समाजसेवी पीके आहूजा ने दिलाया। उन्होंने इसके लिए अपने दोस्त इमानुएल स्कूल के डायरेक्टर एंथॉनी डिसिल्वा से बात की। डिसिल्वा गिटार वादक हैं और उनकी पत्नी चेरी गायिका हैं। दोनों वहां पहुंच गए। बस फिर क्या था। म्यूजिक शुरू होते ही विमंदितों के चेहरे पर खुशी दौड़ गई।
2 हजार लोगों को भोजन करवाया
जेसीआई कोटा डायनामिक ने संत वैलेंटाइन के प्यार के संदेश को एक नए तरीके से फैलाया। संस्था ने 2000 जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित किए। अध्यक्ष कनिका जैन व सचिव रोहित घाटी वाला ने सदस्यों के साथ जेके लोन हॉस्पिटल में प्रसूताओं और उनके साथ बाहर से आए उनके परिवारजनों तथा कच्ची बस्तियों में जा कर अभावग्रस्त बच्चों को भोजन करवाया। इसमें फूड आर्मी नामक संस्था ने भी सहभागिता की। इसमें चंचल सक्सेना,अंशुल राठी, जगदीश नामा, बलराम राजोरा, दामोदर मूंदड़ा, नेहा जैन, विनोद काबरा, मोनिका घाटी वाला, आशना राठी, प्रशंसा,डॉ. सौरभ गुप्ता आदि भी उपस्थित थे।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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