हॉली-डे स्पॉट पटाया (थाइलैंड) की तर्ज पर किशोर सागर में फिशिंग प्वाइंट बनाने का प्लान तीन सालों से फाइलों में बंद है। स्थानीय मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव वर्ष 2012-13 में जयपुर मुख्यालय और यूआईटी को भिजवा दिया था। इसके बाद से इसे लेकर अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई काम नहीं किया।
इस संबंध में कृषि एवं मत्स्य मंत्री प्रभुलाल सैनी का कहना है कि कोटा में यह अच्छा प्रयास है। इसके प्रपोजल को मंगवाकर अच्छी शुरूआत करने का प्रयास करेंगे। मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक एसके तिवारी ने बताया कि किशोर सागर तालाब में पीपीपी मोड पर 58 लाख रुपए का फिशिंग प्वाइंट बनाने का प्रपोजल तैयार कर विकास कार्य करवाने थे। इसमें कैपिंग स्टेशन, एंग्लर (शौकिया व्यक्ति रॉड और रील से मछली पकड़कर पानी में छोड़ने वाले) के लिए तीन कमरों का रेस्ट रूम, पेंट्री, डायनिंग हाल, गैलेरी और टॉयलेट सुविधा बनवानी थी। तालाब के चारों किनारों पर चार प्लेटफॉर्म बनवाने थे। गेम फिशिंग के लिए बोट सुविधा भी शामिल थी।
एक रुपए रोज में मिलता है लाइसेंस
मत्स्य विभाग की ओर से शौकिया मछली पकड़ने के लिए 300 रुपए का सालाना शुल्क लेकर लाइसेंस दिया जाता है। एंग्लर को विभाग में आवेदन करना होता है। फोटो, आईडी, एड्रेस प्रूफ और मछली का बिजनेस नहीं करने का शपथ पत्र देना होता है।
पूना के लोनावाला से मंगवानी थी मछलियां
फिशिंग स्पॉट के लिए किशोर सागर तालाब में पूना के लोनावाला से महाशीर मछलियां मंगवानी थी। उन्हें यहां गेम फिशिंग के लिए इस्तेमाल किया जाना था। इनसे एंग्लर कैच एंड रिलीज का एंज्वाय कर सकता था।
कृषि एवं मत्स्य मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि इस प्रपोजल के संबंध में मुझे किसी ने नहीं बताया है। कोटा में किशोर सागर तालाब के लिए यह प्रपोजल अच्छा है। इस मामले में हम अच्छी शुरूआत करने का प्रयास करेंगे। प्रपोजल को सरकार के समक्ष रखकर आगे बढ़ाने का प्रयास भी करेंगे।
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